सरपंच पांव पड़ रहे हैं कि 'खुले में टट्टी न जाओ'
यहां कोई निपटते हुए उठा देता है. कहीं पुलिस के आला अफसर आकर बेइज्जत करते हैं. लेकिन भारत को स्वच्छ करने का ये जुगाड़ अलग है.
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फोटो - thelallantop
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कर्नाटक में एक जिला है कोप्पल. कोप्पल में गंगावती तालुका है और उसमें श्रीराम नगर ग्राम पंचायत है. इसके सरपंच हैं श्रीनिवास कर्तूरी. वो गांव के लोगों के पांव पकड़कर दंडवत होते हैं. फिर निवेदन करते हैं कि "प्लीज, खुले में टट्टी न जाओ. घर में शौचालय बनवाओ."
श्रीनिवास का दिन बहुत सवेरे शुरू होता है. खुद गांव के बाहर निकलकर नजर रखते हैं कि कोई बाहर निपटने तो नहीं जा रहा. अगर कोई जाए तो उसको बेइज्जत नहीं करते. न गरियाते हैं. सीधे जाकर पैर पकड़ लेते हैं. और ऐसा न करने की रिक्वेस्ट करते हैं. काहेकि उनको साल 2016-17 में पक्का पक्का सबसे साफ ग्राम पंचायत वाला इनाम लेना है. और ये बताना है कि उनके गांव में कोई भी बाहर टट्टी करने नहीं जाता, सबके घर में शौचालय है.
अभी हाल ये है कि गांव में 2100 परिवार रहते हैं. और पक्के शौचालय बने हैं सिर्फ 441. बाकी के सब खुले में जाते हैं. तो उनको लाइन पर लाने का जुगाड़ यही निकाला है. और एक बात है गुरू. अगर उनका आइडिया काम कर गया तो बाकी सरपंच भी उनसे थोड़ी तो सीख लेंगे ही. और स्वच्छ भारत का जो सपना है. वो पूरा होगा.
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