'सर जडेजा' को रिट्वीट करके मोदी के स्टार्टअप इंडिया ने बोला 'सॉरी'
जोश-जोश में रिट्वीट हो जाता है. फिर सबके सामने मिट्टी-पलीद हो जाता है.
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फोटो - thelallantop
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जोश-जोश में रिट्वीट हो जाता है. फिर सबके सामने मिट्टी-पलीद हो जाता है.नरेंद्र मोदी का लाडला प्रोजेक्ट है 'स्टार्टअप इंडिया.' उनका वेरिफाइड ट्विटर हैंडल है, जिसके 39 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. ये प्रोजेक्ट है कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के पास, जिसकी मुखिया हैं निर्मला सीतारमण. तो ये ट्विटर हैंडल ज्यादातर निर्मला सीतारमण और कुछ सरकारी अफसरों कों ही रिट्वीट करता था. लेकिन मंगलवार को देगी मिरिच का तड़का लग गवा. इस हैंडल ने मशहूर पैरोडी अकाउंट 'सर रविंद्र जडेजा' को रिट्वीट कर दिया. इस ट्वीट में बिना नाम लिए पत्रकारों के एक तबके को अपशब्द कहे गए थे. उन्हें 'एंटी-नेशनल' और 'प्रेस्टिट्यूट' कहा गया था. https://twitter.com/Joydas/status/758008268656697344 सर रविंद्र जडेजा के विचार थे,
'इंडियन आर्मी को एक दिन के लिए फ्री कर देना चाहिए, ताकि वो पाकिस्तान परस्त प्रेस-वेश्याओं (प्रेस्टिट्यूट्स) को ठीक कर सकें. सहमत हो तो रिट्वीट करो.'स्टार्टअप इंडिया ने इसे रिट्वीट किया. लेकिन जब स्क्रीनशॉट तैरने लगे तो सीनियर अफसरों की फूंक सरक गई और विरोधी पार्टियों को मौका मिल गया. AAP के मनीष सिसोदिया ने लिखा, 'तो नरेंद्र मोदी जी स्टार्टअप इंडिया के जरिये भारत में ये शुरू करना चाहते हैं, गालियों, हिंसा और नफरत का स्टार्टअप.' https://twitter.com/msisodia/status/758116933178908673 कांग्रेस की प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछा कि क्या इस ट्विटर हैंडल को बीजेपी का ट्रोल चीफ चला रहा है? जाहिर तौर पर ये एक सरकारी ट्विटर हैंडल है, जो एक खास मकसद से बनाया गया है. बुधवार को रिट्वीट को अनडू किया गया और बाकायदे माफी मांगी गई. माफी में ये नहीं बताया गया कि पहले क्या सोचकर रिट्वीट किया था. https://twitter.com/startupindia/status/758174184543555584 https://twitter.com/startupindia/status/758174259948687360
यानी, 'हम यहां बेस्ट स्टार्टअप ईकोसिस्टम बनाने के लिए हैं. नाजायज और अप्रांसिक रिट्वीट हटा दिए गए हैं. हम स्टार्टअप ईकोसिस्टम के सिवा किसी विचार की वकालत नहीं करते. अपने फॉलोअर्स से माफी चाहते हैं.'16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्टार्टअप इंडिया' शुरू किया था. इस प्रोग्राम का मकसद है स्टार्टअप कंपनियों और आत्रेप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना. मतलब नौजवान अपना काम शुरू करें, सरकार उन्हें प्रमोट करना चाहती है. लेकिन ट्विटर पर जो बंदे लगाए, वो कुछ और प्रमोट कर गए.
भैया मनोहर बेसाख़्ता याद आते हैं. दिल्ली आकर उन्होंने पहली बार प्रोटेस्ट देखा तो रोआं रोआं खड़ा हो गया. घुस गए भीड़ में और लगा दिए नारा. जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है. प्रोटेस्ट वालों को लगा कि ये अनजान लड़का हमारी मौज ले रहा है. एक हट्टे-कट्टे कुर्ताधारी ने कान से पकड़ कर अलग कर दिया. फिर खुजाते रह गए. कोई पूछ भी गया कि अब भी सरकार बदलनी है?

