पड़ताल: क्या सरकार सबको मुफ्त सोलर पैनल बांट रही है?
हमने भी ऑनलाइन रजिस्टर करके फ्री सोलर पैनल पाना चाहा, देखिए हमको क्या मिला...
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एक मेसेज काफी वायरल हो रहा है. पिछले कुछ महीनों से. लोग लिख रहे हैं कि सरकार ने 'हर घर रोशन' नाम की एक योजना शुरू की है. इसमें लोगों को बिना एक पैसा खर्च किए सोलर पैनल मिलेगा. बिल्कुल मुफ्त.
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पिछले कुछ वक्त से सोशल मीडिया पर ये मेसेज काफी वायरल हो रहा है.

इस वायरल मेसेज का एक स्क्रीनश़ॉट.


ये मेसेज फेसबुक से ज्यादा वॉट्सऐप पर वायरल हो रहा है.
क्या है मेसेज? हमारे एक पाठक मनु ने हमें मेल भेजा. कि उन्हें वॉट्सऐप पर ये मेसेज मिला है. हमने पता किया. मालूम चला कि ये मेसेज पिछले कई महीनों से वायरल हो रहा है. इस मेसेज में लिखा है-
इस पेज के ऊपरी हिस्से में लिखा है कि भारत सरकार 'हर घर रोशन' नाम की एक स्कीम लेकर आई है. इसके तहत, सभी गांवों में सोलर पैनल बांटे जाएंगे. सरकार ने फैसला किया है कि इसके लिए कोई रुपया नहीं लिया जाएगा. जिनको भी इस स्कीम का फायदा लेना है, वो खुद को रजिस्टर करें. नीचे इस पेज का स्क्रीनशॉट देखिए-

वायरल मेसेज में जो लिंक है, वो आपको इस वेबसाइट पर लेकर आएगा.
ये रहा रजिस्ट्रेशन फॉर्म. इसमें चार कॉलम हैं. नाम, कॉन्टैक्ट नंबर, राज्य और गांव का नाम. इसके नीचे हरे रंग का एक टैब है. उसके ऊपर 'रजिस्टर नाऊ' लिखा है. मतलब कि आपको चारों कॉलम में मांगी गई जानकारी भरनी है और फिर इस 'रजिस्टर नाऊ' के टैब पर क्लिक करना है.

ये उसी पहले पन्ने पर दिए गए रजिस्ट्रेशन कॉलम का स्क्रीनशॉट है.

ये है 'टर्म्स ऐंड कंडिशन्स'. जिसमें बिटकॉइन्स और ब्लॉकचेन का साहित्य दे दिया है जैसे. मानो ये जगह भरने के लिए कुछ ठूंस दिया गया हो.
पेज में सबसे नीचे की तरफ 'टर्म्स ऐंड कंडीशन्स' भी लिखे हैं. उसके अक्षरों का साइज बहुत छोटा है. उसको जूम करके देखा, तो पढ़ने में आया. इसमें 'टर्म्स ऐंड कंडीशन्स' जैसा तो कुछ दिखा नहीं. ब्लॉकचेन और बिटकॉइन्स के बारे में चीजें लिखी मिलीं. जो लिखा है, उसके यहां होने का कोई मतलब नहीं है. मतलब ये बेतुका है. ऐसा लग रहा है कि कहीं से उठाकर बस चिपका दिया गया है. हमने इसके टेक्स्ट को गूगल सर्च किया. गूगल ने हमें दो क्विज वेबसाइट्स पर ले गया. वो लकी ड्रॉ टाइप. कि आसान से सवाल का जवाब दीजिए और खूब सारा पैसा जीत लीजिए. सवाल क्या है? कि नीचे दिए गए चार ऑप्शन्स में से भारत की राजधानी कौन सी है? ये फर्जी टाइप के लकी ड्रॉ होते हैं. इन दोनों वेबसाइट्स के 'टर्म्स ऐंड कंडिशन्स' में भी हमें यही ब्लॉकचेन और बिटकॉइन वाला टेक्स्ट मिला. स्ट्रेन्ज, है न.

ये वो फर्जी वाले लकी ड्रॉ की वेबसाइट. इसके 'टर्म्स ऐंड कंडिशन्स' में भी वो ही बिटकॉइन साहित्य है.
खैर. हमने बिना एक भी कॉलम भरे 'रजिस्टर नाऊ' पर क्लिक कर दिया. और पता है क्या हुआ? अगला स्टेप खुल गया. बिना कोई डिटेल दिए!

बिना कोई जानकारी दिए ही आप अगले पेज पर पहुंचा दिए जाते हैं.

अगले पेज पर दो टैब हैं. एक- वॉट्सऐप पर शेयर करने का. दूसरा- रजिस्ट्रेशन नंबर पाने का. बिना कोई ब्योरा (नाम नहीं, नंबर नहीं, पता नहीं) लिए ही रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल करने का ऑप्शन आ गया. अब देखिए क्या होगा. ऊपर की तरफ 'शेयर ऑन वॉट्सऐप' वाला ऑप्शन है. इसके ऊपर क्लिक करिएगा, तो 'इनवाइट प्रॉसेस खुलेगा'. आप इसके ऊपर एक बार क्लिक करेंगे, तो थोड़ा सा गैप भरेगा. आप कुल 10 बार क्लिक करेंगे, तो पूरा भर जाएगा. मगर पूरा भरने के बाद भी कुछ होगा नहीं. चाहे कितना भी क्लिक कीजिए. प्रॉसेस वहीं रुका रहेगा.

10 बार क्लिक करने पर वो पट्टी नीली हो गई. वॉट्सऐप किसको करेंगे ये? नंबर तो हमने कोई दिया नहीं.
फिर आप नीचे दिए गए 'गेट रजिस्ट्रेशन नंबर' वाले टैब पर क्लिक करें, तो एक नया पेज खुलता है. इसमें पहले 'डाउनलोड न्यूजडॉग ऐप' का ऑप्शन है. यानी, आप पहले ये ऐप डाउनलोड कीजिए. फिर नीचे वही 'गेट योर रजिस्ट्रेशन नंबर' वाला ऑप्शन. पेज पर ऊपर की तरफ लिखा गया है कि ऐप को डाउनलोड करके अपने फेसबुक से लॉग इन करें, तो आपकी पहचान प्रमाणित होती. और इसके बाद ही आपको रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा. मतलब आप ऐप डाउनलोड कीजिए. फेसबुक पर इसका प्रचार कीजिए. ताकि और लोग भी देखें और इस लिंक पर आएं. सरकार किसी प्राइवेट ऐप का ऐसे प्रचार क्यों करेगी?

सरकार किसी प्राइवेट न्यूज ऐप का प्रचार क्यों करेगी? वो भी इस तरह?
खैर, इन दोनों ऑप्शन्स में से अगर आप पहले 'गेट योर रजिस्ट्रेशन नंबर' वाले टैब पर क्लिक करें, तो एक नोटिफिकेशन आएगा. इसका व्याकरण रद्दी है. जो लिखा है, उसका मतलब ये है कि आप ऐप डाउनलोड करें और खुद को रजिस्टर करें, तो इससे आपकी पहचान प्रमाणित होगी. मतलब, आपको ऐप डाउनलोड करना होगा पहले.

ऊपर देखिए. नोटिफिकेशन की भाषा. क्या कूड़ा तरीके से हिंदी लिखी गई है.
हमने 'ऐप डाउनलोड' के ऑप्शन पर क्लिक कीजिए. तो ये पेज खुलेगा. बाईं तरफ ऐश्वर्या राय मुस्कुराती हुईं. दाहिनी तरफ इलयाना डी क्रूज. बीच में जाने कौन हैं, हम पहचान नहीं पाए. और ये वेबसाइट भी अलग है. http://ndog.co/h/10o2ih/ वो फ्री सोलर पैनल वाली वेबसाइट हमको यहां पटक गई. इस पेज पर एक लाल रंग का टैब है. उसमें लिखा है- 50 रुपये पाने के लिए क्लिक.

ये पेज खुला है.

ये ऊपर वाले पेज का ही हिस्सा है.

एक स्क्रीनशॉट में पूरा पेज नजर नहीं आता. इसीलिए अलग-अलग हिस्सों की अलग-अलग फोटो ली है.

ये नीचे ऐसे रेट कार्ड टाइप दिया हुआ है.
ये पेज बताता है कि आपको गूगल प्ले स्टोर पर ले जाया जा रहा है. बहुत देर तक आप इंतजार करते रहते हैं और पेज लोड ही होता रहता है. प्ले स्टोर खुलता नहीं. नीचे लिखा दिखता है कि प्ले स्टोर खुलने में देर हो रही है. सो आप सीधे APK फाइल डाउनलोड कर सकते हैं. आप डाउनलोड पर क्लिक करते हैं, तो सीधे फाइल डाउनलोड हो जाती है. फुर्ती से. जिस चीज के लिए ये सारी खुराफात की गई, वो पूरी हो गई. बाकी वो फ्री सोलर पैनल वाला रजिस्ट्रेशन नंबर. वो नहीं मिलता है. मिलेगा भी कैसे? वो तो ट्रैप है. कि लोग मुफ्त की चीज पाने के लिए ऐप डाउनलोड करेंगे और कंपनी मुनाफा कमाएगी. कि इतने लोगों ने उसे डाउनलोड किया है. उसका टारगेट पूरा होगा और मुफ्त की चीज पाने के लालच में लोग उसके झांसे में फंसेंगे.

ये ऊपर वेबसाइट का नाम देखिए. आप कहां से चले थे और कहां पहुंचे हैं. नाम ही बदल गया है.
तो आपको पता चल गया. कि सारा ड्रामा आपसे ऐप डाउनलोड करवाने का था. सरकार का, मुफ्त सोलर पैनल का, इन सबका इस पूरे ड्रामे से कोई लेना-देना नहीं है. सब फर्जी है. अगर कोई आपको ये फ्री पैनल वाला लिंक भेजता है, तो उसको हमारी इस पड़ताल का लिंक भेज दीजिएगा.
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भारत सरकार मुफ्त सोलर पैनल बांट रही है. इसके लिए आपको अपनी जेब से एक धेला नहीं खर्च करना है. बस रजिस्टर कीजिए और सोलर पैनल पा लीजिए.लोग फेसबुक पर पोस्ट लिख रहे हैं. वॉट्सऐप पर लोगों को मेसेज मिल रहा है. कि वो मुफ्त में सोलर पैनल हासिल कर सकते हैं. ऐसा है, तो फिर तो बल्ले-बल्ले है. कुछ दिन छोड़कर बाकी पूरे साल हमारे यहां चांदी जैसी धूप चमकती रहती है. खुद का सोलर पैनल होगा. खुद की बिजली बनेगी. बिना किसी खर्च के सब मिल जाएगा. बिजली के बिल से भी जान छूटेगी. हमारी ये पड़ताल इसी फ्री ऑफर पर है.

इस वायरल मेसेज का एक स्क्रीनश़ॉट.


ये मेसेज फेसबुक से ज्यादा वॉट्सऐप पर वायरल हो रहा है.
क्या है मेसेज? हमारे एक पाठक मनु ने हमें मेल भेजा. कि उन्हें वॉट्सऐप पर ये मेसेज मिला है. हमने पता किया. मालूम चला कि ये मेसेज पिछले कई महीनों से वायरल हो रहा है. इस मेसेज में लिखा है-
अब हर घर होगा रोशन – सौर एवं उर्जा विभाग, भारत सरकारक्या है इस मेसेज का सच? पड़ताल के लिए हमने सोचा कि चलो खुद का ही रजिस्ट्रेशन करके देखते हैं. मेसेज में जो लिंक दिया गया है, उसपर लिंक किया. एक वेबसाइट खुली. नाम था- http://govt.free-solar-panel.org/ नाम से भ्रम होता है कि सरकारी वेबसाइट होगी. जिसे खासतौर पर ये फ्री सोलर पैनल बांटने के लिए बनाया गया है. लेकिन ऐसा है नहीं. सरकारी वेबसाइट्स के यूआरएल इस तरह होते नहीं.
अपना एप्लीकेशन फॉर्म भरें और अपनी नजदीकी तहसील से अपना सौर पैनल बिल्कुल फ्री प्राप्त करें.
भारत सरकार द्वारा बांटा जा रहा है *सोलर पैनल* अभी रजिस्टर करें
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इस पेज के ऊपरी हिस्से में लिखा है कि भारत सरकार 'हर घर रोशन' नाम की एक स्कीम लेकर आई है. इसके तहत, सभी गांवों में सोलर पैनल बांटे जाएंगे. सरकार ने फैसला किया है कि इसके लिए कोई रुपया नहीं लिया जाएगा. जिनको भी इस स्कीम का फायदा लेना है, वो खुद को रजिस्टर करें. नीचे इस पेज का स्क्रीनशॉट देखिए-

वायरल मेसेज में जो लिंक है, वो आपको इस वेबसाइट पर लेकर आएगा.
ये रहा रजिस्ट्रेशन फॉर्म. इसमें चार कॉलम हैं. नाम, कॉन्टैक्ट नंबर, राज्य और गांव का नाम. इसके नीचे हरे रंग का एक टैब है. उसके ऊपर 'रजिस्टर नाऊ' लिखा है. मतलब कि आपको चारों कॉलम में मांगी गई जानकारी भरनी है और फिर इस 'रजिस्टर नाऊ' के टैब पर क्लिक करना है.

ये उसी पहले पन्ने पर दिए गए रजिस्ट्रेशन कॉलम का स्क्रीनशॉट है.

ये है 'टर्म्स ऐंड कंडिशन्स'. जिसमें बिटकॉइन्स और ब्लॉकचेन का साहित्य दे दिया है जैसे. मानो ये जगह भरने के लिए कुछ ठूंस दिया गया हो.
पेज में सबसे नीचे की तरफ 'टर्म्स ऐंड कंडीशन्स' भी लिखे हैं. उसके अक्षरों का साइज बहुत छोटा है. उसको जूम करके देखा, तो पढ़ने में आया. इसमें 'टर्म्स ऐंड कंडीशन्स' जैसा तो कुछ दिखा नहीं. ब्लॉकचेन और बिटकॉइन्स के बारे में चीजें लिखी मिलीं. जो लिखा है, उसके यहां होने का कोई मतलब नहीं है. मतलब ये बेतुका है. ऐसा लग रहा है कि कहीं से उठाकर बस चिपका दिया गया है. हमने इसके टेक्स्ट को गूगल सर्च किया. गूगल ने हमें दो क्विज वेबसाइट्स पर ले गया. वो लकी ड्रॉ टाइप. कि आसान से सवाल का जवाब दीजिए और खूब सारा पैसा जीत लीजिए. सवाल क्या है? कि नीचे दिए गए चार ऑप्शन्स में से भारत की राजधानी कौन सी है? ये फर्जी टाइप के लकी ड्रॉ होते हैं. इन दोनों वेबसाइट्स के 'टर्म्स ऐंड कंडिशन्स' में भी हमें यही ब्लॉकचेन और बिटकॉइन वाला टेक्स्ट मिला. स्ट्रेन्ज, है न.

ये वो फर्जी वाले लकी ड्रॉ की वेबसाइट. इसके 'टर्म्स ऐंड कंडिशन्स' में भी वो ही बिटकॉइन साहित्य है.
खैर. हमने बिना एक भी कॉलम भरे 'रजिस्टर नाऊ' पर क्लिक कर दिया. और पता है क्या हुआ? अगला स्टेप खुल गया. बिना कोई डिटेल दिए!

बिना कोई जानकारी दिए ही आप अगले पेज पर पहुंचा दिए जाते हैं.

अगले पेज पर दो टैब हैं. एक- वॉट्सऐप पर शेयर करने का. दूसरा- रजिस्ट्रेशन नंबर पाने का. बिना कोई ब्योरा (नाम नहीं, नंबर नहीं, पता नहीं) लिए ही रजिस्ट्रेशन नंबर हासिल करने का ऑप्शन आ गया. अब देखिए क्या होगा. ऊपर की तरफ 'शेयर ऑन वॉट्सऐप' वाला ऑप्शन है. इसके ऊपर क्लिक करिएगा, तो 'इनवाइट प्रॉसेस खुलेगा'. आप इसके ऊपर एक बार क्लिक करेंगे, तो थोड़ा सा गैप भरेगा. आप कुल 10 बार क्लिक करेंगे, तो पूरा भर जाएगा. मगर पूरा भरने के बाद भी कुछ होगा नहीं. चाहे कितना भी क्लिक कीजिए. प्रॉसेस वहीं रुका रहेगा.

10 बार क्लिक करने पर वो पट्टी नीली हो गई. वॉट्सऐप किसको करेंगे ये? नंबर तो हमने कोई दिया नहीं.
फिर आप नीचे दिए गए 'गेट रजिस्ट्रेशन नंबर' वाले टैब पर क्लिक करें, तो एक नया पेज खुलता है. इसमें पहले 'डाउनलोड न्यूजडॉग ऐप' का ऑप्शन है. यानी, आप पहले ये ऐप डाउनलोड कीजिए. फिर नीचे वही 'गेट योर रजिस्ट्रेशन नंबर' वाला ऑप्शन. पेज पर ऊपर की तरफ लिखा गया है कि ऐप को डाउनलोड करके अपने फेसबुक से लॉग इन करें, तो आपकी पहचान प्रमाणित होती. और इसके बाद ही आपको रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा. मतलब आप ऐप डाउनलोड कीजिए. फेसबुक पर इसका प्रचार कीजिए. ताकि और लोग भी देखें और इस लिंक पर आएं. सरकार किसी प्राइवेट ऐप का ऐसे प्रचार क्यों करेगी?

सरकार किसी प्राइवेट न्यूज ऐप का प्रचार क्यों करेगी? वो भी इस तरह?
खैर, इन दोनों ऑप्शन्स में से अगर आप पहले 'गेट योर रजिस्ट्रेशन नंबर' वाले टैब पर क्लिक करें, तो एक नोटिफिकेशन आएगा. इसका व्याकरण रद्दी है. जो लिखा है, उसका मतलब ये है कि आप ऐप डाउनलोड करें और खुद को रजिस्टर करें, तो इससे आपकी पहचान प्रमाणित होगी. मतलब, आपको ऐप डाउनलोड करना होगा पहले.

ऊपर देखिए. नोटिफिकेशन की भाषा. क्या कूड़ा तरीके से हिंदी लिखी गई है.
हमने 'ऐप डाउनलोड' के ऑप्शन पर क्लिक कीजिए. तो ये पेज खुलेगा. बाईं तरफ ऐश्वर्या राय मुस्कुराती हुईं. दाहिनी तरफ इलयाना डी क्रूज. बीच में जाने कौन हैं, हम पहचान नहीं पाए. और ये वेबसाइट भी अलग है. http://ndog.co/h/10o2ih/ वो फ्री सोलर पैनल वाली वेबसाइट हमको यहां पटक गई. इस पेज पर एक लाल रंग का टैब है. उसमें लिखा है- 50 रुपये पाने के लिए क्लिक.

ये पेज खुला है.

ये ऊपर वाले पेज का ही हिस्सा है.

एक स्क्रीनशॉट में पूरा पेज नजर नहीं आता. इसीलिए अलग-अलग हिस्सों की अलग-अलग फोटो ली है.

ये नीचे ऐसे रेट कार्ड टाइप दिया हुआ है.
ये पेज बताता है कि आपको गूगल प्ले स्टोर पर ले जाया जा रहा है. बहुत देर तक आप इंतजार करते रहते हैं और पेज लोड ही होता रहता है. प्ले स्टोर खुलता नहीं. नीचे लिखा दिखता है कि प्ले स्टोर खुलने में देर हो रही है. सो आप सीधे APK फाइल डाउनलोड कर सकते हैं. आप डाउनलोड पर क्लिक करते हैं, तो सीधे फाइल डाउनलोड हो जाती है. फुर्ती से. जिस चीज के लिए ये सारी खुराफात की गई, वो पूरी हो गई. बाकी वो फ्री सोलर पैनल वाला रजिस्ट्रेशन नंबर. वो नहीं मिलता है. मिलेगा भी कैसे? वो तो ट्रैप है. कि लोग मुफ्त की चीज पाने के लिए ऐप डाउनलोड करेंगे और कंपनी मुनाफा कमाएगी. कि इतने लोगों ने उसे डाउनलोड किया है. उसका टारगेट पूरा होगा और मुफ्त की चीज पाने के लालच में लोग उसके झांसे में फंसेंगे.

ये ऊपर वेबसाइट का नाम देखिए. आप कहां से चले थे और कहां पहुंचे हैं. नाम ही बदल गया है.
तो आपको पता चल गया. कि सारा ड्रामा आपसे ऐप डाउनलोड करवाने का था. सरकार का, मुफ्त सोलर पैनल का, इन सबका इस पूरे ड्रामे से कोई लेना-देना नहीं है. सब फर्जी है. अगर कोई आपको ये फ्री पैनल वाला लिंक भेजता है, तो उसको हमारी इस पड़ताल का लिंक भेज दीजिएगा.
अगर आपको भी ऐसा ही कोई मेसेज वायरल होता दिखता है, या कोई ऐसा मेसेज नजर आता है जिसके ऊपर आपको शक है, आप उसका सच जानना चाहते हैं, तो हमें lallantopmail@gmail.com पर भेजिए. हम उसकी पड़ताल करके उसका सच आपको बताएंगे.
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