विरेंदर सिंह. हरियाणा के डेफ रेसलर. दुनिया इन्हें 'गूंगा पहलवान' के नाम से भीजानती है. हाल ही में विरेंदर सिंह को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों पद्म श्रीअवॉर्ड मिला है. और अवॉर्ड मिलने के बाद विरेंदर सिंह धरने पर बैठ गए. विरेंदर सिंहअपने राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से नाराज हैं. विरेंदर का दावा है किराज्य सरकार उन्हें समान अधिकार नहीं दे रही है. ताजा अपडेट ये है कि विरेंदर सिंहको सीएम मनोहर लाल खट्टर से बुलावा आया है. और वह चंडीगढ़ मिलने जाएंगे. जहांविरेंदर सिंह सीएम साहब के सामने अपनी बात रखेंगे. इससे पहले ट्विटर का सहारा लेतेहुए विरेंदर सिंह ने लिखा था, 'माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी, आपकेआवास दिल्ली हरियाणा भवन के फुटपाथ पर बैठा हूं और यहां से जब तक नहीं हटूंगा जब तककि आप हम मूक-बधिर खिलाड़ियों को पैरा खिलाड़ियों के समान अधिकार नहीं देंगे, जबकेंद्र हमें समान अधिकार देती है तो आप क्यों नहीं?'माननीय मुख्यमंत्री श्री @mlkhattar जी आपके आवास दिल्ली हरियाणा भवन के फुटपाथ परबैठा हूँ और यहाँ से जब तक नहीं हटूँगा जब तक आप हम मूक-बधिर खिलाड़ियों को पैराखिलाड़ियों के समान अधिकार नहीं देंगे, जब केंद्र हमें समान अधिकार देती है तो आपक्यों नहीं? @ANI pic.twitter.com/4cJv9WcyRG— Virender Singh (@GoongaPahalwan) November 10, 2021 बता दें कि जब विरेंदर सिंहको पद्म श्री मिला. तो खुद मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें बधाई दी थी. ट्विटर पर लिखाथा, 'यह समस्त प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि हरियाणा के बेटे वफ्री-स्टाइल रेसलिंग के पैरा पहलवान श्री वीरेन्द्र सिंह जी को 'पद्मश्री' पुरस्कारसे सम्मानित किया गया है. इस अवॉर्ड के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.'यह समस्त प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है कि हरियाणा के बेटे व फ्री-स्टाइलरेसलिंग के पैरा पहलवान श्री वीरेन्द्र सिंह जी को 'पद्मश्री' पुरस्कार से सम्मानितकिया गया है। इस अवॉर्ड के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।pic.twitter.com/wMcnbHE5Fb— Manohar Lal (@mlkhattar) November 9, 2021 इसके बाद विरेंदर सिंह ने रिप्लाईकरते हुए लिखा, 'मुख्यमंत्री जी आप मुझे पैरा खिलाड़ी मानते हैं. तो पैरा के समानअधिकार क्यों नहीं देते? पिछले चार वर्ष से दर-दर की ठोकरें खा रहा हूं. मैं आज भीजूनियर कोच हूं और न ही समान कैश अवार्ड दिया गया. कल इस बारे में मैंनेप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से बात की हैं, अब फैसला आपको करना है!'मुख्यमंत्री जी आप मुझे पैरा खिलाड़ी मानते है तो पैरा के समान अधिकार क्यों नहींदेते,पिछले चार वर्ष से दर-दर की ठोंकरे खा रहा हूँ मैं आज भी जूनियर कोच हूँ और नही समान केश अवार्ड दिया गया, कल इस बारे मे मैंने प्रधानमंत्री श्री @narendramodiजी से बात की हैं अब फैसला आपको करना है! https://t.co/DC6UydM7AV— Virender Singh (@GoongaPahalwan) November 10, 2021 गौर हो कि मूक-बधिरखिलाड़ियों के लिए कोई पैरालंपिक वर्ग नहीं है. और मूक-बधिर खिलाड़ियों के लिएअंतरराष्ट्रीय खेल समिति ही टूर्नामेंट आयोजित करती है. डेफलंपिक्स को अंतरराष्ट्रीपैरालंपिक समिति से मान्यता प्राप्त है. लेकिन मूक-बधिर खिलाड़ी पैरालंपिक खेलों काहिस्सा नहीं होते. धरने पर बैठने के कुछ वक्त बाद विरेंदर ने अपने ट्विटर अकाउंट परबताया कि हरियाणा खेल मंत्रालय के डायरेक्टर पंकज नैन ने उन्हें फोन किया था. पंकजनैन की मुख्यमंत्री से बात हुई है. और विरेंदर सिंह को चंडीगढ़ बुलाया गया है.हालांकि, विरेंदर ने ये भी कहा है कि अगर सीएम उनसे समान अधिकार की बात करते हैं.तो बात करेंगे. वरना सीएम आवास के सामने प्रदर्शन जारी रखेंगे.लम्बे समय के बाद हरियाणा सरकार के डायरेक्ट स्पोर्ट्स एंड युथ अफेयर्स श्री पंकजनैन जी का फ़ोन मेरे पास आया है उनकी बात मुख्यमंत्री जी से हुई है और कल चंडीगढ़बुलाया है, अगर वो समान अधिकार की बात करते है तो मे बात करूंगा नहीं तो कल चंडीगढ़सी.म हॉउस के बाहर प्रदर्शन जारी रहेगा! pic.twitter.com/c6Fni1wt5W— Virender Singh (@GoongaPahalwan) November 10, 2021 बता दें कि विरेंदर सिंह नेभारत के लिए तीन बार डेफलंपिक्स में गोल्ड और एक बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीता है. साथ हीउन्होंने वर्ल्ड डेफ रेसलिंग चैंपियनशिप में भी तीन मेडल्स अपने नाम किए हैं.जिसमें एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल है. अंतरराष्ट्रीय स्तर परदेश का नाम ऊंचा करने के बावजूद विरेंदर सिंह को राज्य सरकार ने इग्नोर किया.हालांकि, भारत सरकार ने विरेंदर सिंह की उपलब्धियों का सम्मान किया है. विरेंदरसिंह को अर्जुन अवॉर्ड और पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है.