सब स्मार्टफोन कूडे में फेंकने का वक्त आ गया है. गूगल अपना फोन ले लाया है. नाम हैपिक्सल. क्वालिटी एक नंबर. काम यार नंबर भी नहीं दे सकते काम के लिए तो. पिक्सलदुनिया का पहला फोन होगा जिसमें पहले से ही गूगल असिस्टेंट बिल्ट इन होगा. येअसिस्टेंट बस नाम भर का है काम में है एकदम नौकर. कितना कुछ फोन में होगा इससे समझसकते हो कि DSLR के बराबर का कैमरा इसमें लगा हुआ है. माने एकदम धांसू फोटोखिंचेगी. गूगल क्लाउड होगा, मेमोरी का कोई चकल्लस ही नहीं. मेमोरी कभी भरेगी हीनहीं. वीडियो बनाते रहो. फोटो खीचते रहो. गूगल की टीम का कहना है कि वर्चुअलरियल्टी की मिसाल ये फोन पेश करने वाला है. ये क्या होता है ऐसे समझो, फोन से कहोगेयार जरा अक्टूबर की फोटो दिखा दो. फोन तुरंत खोल के सामने रख देगा. फोन से पूछो,यार आज क्या क्या करना है दिन भर में, तुरंत बताएगा. बोर हो रहे हो और आपने कहा एकगाना सुना दे भाई, तुरंत यूट्यूब पर गाना प्ले हो जाएगा. काम करते देर हो जाए तोफोन को बोलो मेरी बीवी को मैसेज कर दो, काम है, थोड़ा लेट हो जाऊंगा. फोन तुरंतआपकी बीवी को मैसेज कर देगा. इससे चाहो रिजर्वेशन करा लो. चाहे होटल में सीट बुककरा लो. सब आपके कहते ही तुरंत कर देगा. गूगल इसको असिस्टेंट बता रहा है पर ये ऐसाहै कि इंडियन बेसब्री से इंतजार में बैठे हैं. क्या-क्या फीचर है, पढ़ो -DSLR के बराबर का कैमरा लगा है, इतना धांसू कैमरा किसी मोबाइल में नहींDSLR टाइप का कैमरा लगा है भाई साहब 12.3 मेगापिक्सल का. दुनिया में इतना कैमराकिसी भी स्मार्टफोन में नहीं है. इसके कैमरे का DXOMark 89 है. एप्पल के आईफोन 7में भी बस 86 DXOMark का ही कैमरा है. फोटो भी गूगल इंटेलिजेंस खींचेगा. फोटो जूमकरने पर फट जाए, ब्लर हो जाए सवाल ही नहीं उठता. टेक्नीक इतनी धांसू यूज की गई है.कैमरा सारे पिक्सल की अलग-अलग फोटो खींचेगा और फिर जोड़ देगा. कित्ती भीजल्दी-जल्दी कोई चीज भाग रही हो. फोटो खींचो एकदम रापचिक फोटो आएगी. जित्ती दम होउत्ती जल्दी-जल्दी फोटो खींचों, कितना भी एक्शन शॉट लो, ब्लर होने का कोई टेंशननहीं.गूगल क्लाउड पर सेव होगा डाटा, कभी मेमोरी फुल नहीं कर पाओगेफोटो, वीडियो जित्ते मन उत्ते रखो कभी स्टोरेज फुल नहीं होगा मितरों. दिन भर वीडियोबनाते रहो, फोटो खींचते रहो. हर पल को आस-पास के कैद कर लो. फिर भी मेमोरी फुल नहींहोगी. गूगल क्लाउड पर सब सेव रहेगा. सो चिल डूड. इसी बात पर एक सेल्फी हो जाए. वैसे32 GB और 128 GB इंटर्नल दो फॉर्मेट होंगे.15 मिनट बैटरी चार्ज कर लो सात घंटे चलेगीबैटरी 7 घंटे चलेगी. 15 मिनट चार्ज करके. एक और धांसू बात जैसे ही रिस्टार्ट करोगेअपडेट हो जाएगा. यानी बार-बार नोटिफिकेशन भेजकर तंग नहीं करेगा ये एप्लीकेशन अपडेटकर लो, वो एप्लीकेशन अपडेट कर लो. जैसे ही मोबाइल ऑफ करके ऑन करोगे, सारा कुछ अप टूडेट.कोई भी परेशानी हो, जस्ट टॉक टू गूगल सपोर्टगूगल सपोर्ट एजेंट नाम का एक फीचर इसमें है. 24 घंटे ये आपकी किसी भी मदद के लिएतैयार बैठा हुआ है. कुछ भी समझ में न आए तो तुरंत इससे पूछ लो.भाई है तो जबर, मंहगा होगा - बिल्कुल नहीं दोस्तअमेरिका में 649 डॉलर का मिल रहा है. यानी इंडियन करेंसी के हिसाब से 43 हजार केकरीब. 18 सौ की मासिक किस्त पर भी ले सकते हैं. आज से ही अमेरिका, कनाडा, जर्मनी औरइंग्लैण्ड में मिलना शुरू हो गया है.क्या-क्या साइज है और इंडिया में कहां मिलेगा?साढ़े पांच इंच और 5 इंच के साइज में मिलेगा. अभी यूएस में ही मिल रहा है. 13अक्टूबर से भारत में मिलेगा. इसका एक और खास फीचर ये है कि डाटा इतनी जल्दीट्रांसफर करेगा कि सूंघ भी नहीं पाओगे. इंडिया में ये फ्लिपकार्ट और रिलाइंस डिजिटलस्टोर पर मिलेगा. बाकि अभी भी कुछ जानने को मन कुलबुला रहा हो तो ये पढ़ लो -सुंदर पिचाई ने लाइव इवेंट में दमदार भाषण भी दियाबोले मैंने इस फोन के रूप में एक सपना देखा है. पर्सनल कंप्यूटर 80 में सबके पासपहुंचे. 90 में इंटरनेट आया. 2000 में स्मार्ट फोन आया. जिसने इंटरनेट को यूज करनाबहुत सिंपल बना दिया. ये लोगों को इंटेलिजेंट बना रहा है. इंटरनेट और एक-दूसरे सेकनेक्टिविटी आज के टाइम की दो सबसे जरूरी चीजें हैं. और इसके लिए फोन सबसे धांसूतरीका है. इसलिए हम पिक्सल लाए हैं. गूगल इस चीज को समझता है और इसके लिए काम भी कररहा है. इसलिए गूगल मे असिस्टेंट बनाया है. अब हर इंसान का गूगल अलग होगा. अभी गूगलपर आप जो चाहें वो खोज सकते हैं. जो चाहिए वो पूछिए तुरंत बताएगा. वो भी स्पेशल आपपर क्या फिट बैठेगा वो च्वाइस. कहीं जाना हो, काफी कहां पीनी है? कहीं खो भी गए होतो तुरंत पूछिए, कितनी दूर हूं, घर कैसे जाऊं? बस पूछना है. और तुरंत गूगलअसिस्टेंट बताएगा. 18 साल से जबसे गूगल बना है तबसे इस चीज के लिए कड़ी मेहनत कररहा है. मशीन को स्मार्ट बनाने के लिए हम बहुत कुछ कर रहे हैं. हम जानते हैं कैसेमशीन को सिखाना है. अब हम गूगल को इमेज कैप्शनिंग सिखा रहे हैं. माने आगे चलकर येफोटो देखकर सबको पहचान लेगा.आदमी की तरह समझदार मशीन बना चुका है गूगलगूगल के दूसरे ऑफिसर्स ने बताया, 2014 में गूगल पहला मशीन लर्निंग सिस्टम लाया था.उस वक्त ये 90 परसेंट सही चीजें समझता था. अब 94 परसेंट समझता है. मशीन ट्रांसलेशनदूसरी चीज है. हमारा ट्रांसलेशन अब आदमी के किए ट्रांसलेशन के आसपास होता है. चीनीसे इंग्लिश में तो हम लगभग परफेक्ट होने वाले हैं. हजारों फ्रेजेज मशीन को याद कराएजा रहे हैं. बहुत ज्यादा से ज्यादा इंसानों की तरह गूगल असिस्टेंट अब बोलने लगा है.हमारा आगे का इरादा ये है कि गूगल असिस्टेंट बोलते वक्त आपके इमोशन को भी समझ ले.ये आपके हाथ की तरह हो जाएगा. लोग अब गूगल से बात कर सकते हैं हमारी नई चैट सर्विसमें. इस इंटेलिजेंस को आप फोन में तो पाएंगे ही, इसे घर में भी लगवा सकते हैं. आजलोग अपने मोबाइल में हजार गानों से सेटिस्फाई नहीं होते. वो चाहते हैं सारी दुनियाका म्यूजिक उनके मोबाइल में हो. कभी भी कहीं भी हों, कुछ भी कर रहे हों. वो जैसे हीबोलें गाना बजने लगे या वो काम होने लगे जिसके लिए उन्होंने कहा हो. हम इसी सपने कोसच करने में जुटे हैं.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -एप्पल की टक्कर में गूगल का नया फोन, जानें रिलीज से पहले डीटेलसावधान! जियो सिम के नाम पर ये लोग आपको मूर्ख बना रहे हैंफेसबुक के कीड़े ने इस लड़के को दिलाए 10 लाख रुपएमोबाइल पर जीमेल चलाने वालों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी