गोवा की पुलिस अधिकारी का रातोरात ट्रांसफर, कांग्रेस ने आदेश की वजह बजरंग दल को बताया
गोवा सरकार ने राज्य की एक पुलिस अधिकारी का अचानक ट्रांसफर कर दिया. कहा जा रहा है कि उनके ट्रांसफर की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम से देर रात भेजे गए ‘वायरलेस संदेश’ के जरिए दी गई. कांग्रेस ने ट्रांसफर के पीछे ‘राजनीतिक दबाव’ की बात कही है.

गोवा सरकार ने राज्य की एक पुलिस अधिकारी सुनीता सावंत का अचानक ट्रांसफर कर दिया. कहा जा रहा है कि उनके ट्रांसफर की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम से देर रात भेजे गए ‘वायरलेस संदेश’ के जरिए दी गई. इस ट्रांसफर को लेकर कांग्रेस ने राज्य की BJP सरकार पर कई आरोप लगाए हैं. कांग्रेस का दावा है कि सुनीता सावंत का ट्रांसफर राजनीति से प्रेरित है और इसके पीछे की वजह ‘राजनीतिक दबाव’ है.
बजरंग दल के सदस्यों की जानकारी जुटाने का दिया था आदेशपीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण गोवा की पुलिस अधीक्षक (SP) सुनीता सावंत ने बजरंग दल के सदस्यों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए सभी थानों को वायरलेस संदेश भेजा था. इसके बाद ही उनका ट्रांसफर कर दिया गया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सुनीता सांवत को 28 जनवरी की रात एक वायरलेस संदेश के माध्यम से कार्यभार छोड़ने के लिए कहा गया था. रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि उनके ट्रांसफर का आधिकारिक आदेश अभी तक जारी नहीं किया गया है.
एक्सप्रेस ने सुनीता का भी बयान छापा है. इसमें उन्होंने कहा है,
गोवा के पुलिस महानिदेशक अलोक कुमार ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा,
वहीं, सुनीता सांवत की जगह अब एंटी नारकोटिक्स सेल के पुलिस अधीक्षक टिकम सिंह वर्मा ने ली है.
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कांग्रेस ने सीएम सावंत से स्पष्टीकरण मांगागोवा कांग्रेस ने सुनीता सावंत के ट्रांसफर को 'राजनीति से प्रेरित' बताया है. गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) के अध्यक्ष अमित पाटकर ने कहा,
उन्होंने कहा कि इस ट्रांसफर के जरिए ईमानदार अधिकारियों को डराने की कोशिश की गई है, जिससे वे सांप्रदायिक ताकतों पर कोई कार्रवाई न करें.
इसी के साथ ही कांग्रेस ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं, बजरंग दल के गोवा संयोजक विराज देसाई ने कहा कि उन्हें इस ट्रांसफर की कोई जानकारी नहीं है. विराज ने कहा कि उनका संगठन राष्ट्र निर्माण में सक्रिय है और उन्हें SP के ट्रांसफर को लेकर कोई जानकारी नहीं है.
दो दिन पहले राज्यपाल के हाथों हुई थीं सम्मानितसुनीता सावंत ने साल 1989 में ढेम्पे कॉलेज से केमिस्ट्री विषय में ग्रेजुएशन किया था. उन्होंने साल 1990 में पुलिस महकमे में सब-इंस्पेक्टर बनने से पहले एक स्कूल में कुछ समय के लिए पढ़ाया भी था. सुनीता सावंत ने तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले की जांच की थी. उन्हें साल 2014 में प्रमोट करके DSP बनाया गया था. इसके बाद उन्हें फरवरी 2024 में SP नियुक्त किया गया था.
सुनीता सावंत को दो दिन पहले 26 जनवरी को गोवा के राज्यपाल पीए श्रीधरन पिल्लई के हाथों सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उन्हें निगरानी टीमों और उड़न दस्तों को लेकर सटीक योजना बनाने और लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए दिया गया था.
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