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क्या है ये डिवाइस जो बंदूक को बना देती है मशीनगन? फेसबुक, ट्विटर, स्नैपचैट पर खुलेआम बिक रही

अमेरिका में ये डिवाइस खुलेआम फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक रही है. दावा है कि डिवाइस लगने के बाद वेपन फुल्ली ऑटोमेटिक हो जाता है.

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2 जुलाई 2023 (अपडेटेड: 2 जुलाई 2023, 01:33 PM IST)
glock switch that turns semi automatic handgun into fully automatic weapon like machine gun
ग्लॉक स्विच को लेकर अमेरिका में विवाद (सांकेतिक फोटो- Pxfuel)
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ग्लॉक स्विच (Glock Switch) नाम से जाने वाली एक छोटी सी डिवाइस है. दावा है कि अगर ये हैंडगन के पीछे लग जाए तो उसे ऑटोमेटिक हथियार बना सकती है. ऑटोमेटिक हथियार जैसे कि मशीन गन. जिसमें सिर्फ एक बार ट्रिगर दबाने पर अपने आप गोलियां निकलने लगती हैं. जो एक सेकंड में दर्जनों गोलियां दाग सकता है. ये रफ्तार मिलिट्री के पास मौजूद टिपिकल फायरआर्म्स से भी तेज है. अमेरिकी में इस डिवाइस की बिक्री लेकर विवाद चल रहा है.

दरअसल, अमेरिका में 1986 के बाद बनी मशीनगन नागरिक अपने पास नहीं रख सकते. ये अवैध है. इसी तरह ग्लॉक स्विच भी अवैध है. चाहे वो किसी हथियार से जुड़ा हो या नहीं. इसे संघीय कानून के तहत मशीन गन के रूप में वर्गीकृत किया गया है. विवाद इस बात पर है कि ये स्विच खुलेआम सोशल मीडिया पर बिक रहे हैं.

फोर्ब्स से जुड़े साइरस फरीवर ने पूरे मामले पर रिपोर्ट तैयार की है. उसके मुताबिक, एक साल पहले टेक्सस के गारलैंड में पुलिस ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर बिक्री के लिए मौजूद 16 ग्लॉक स्विच की फोटो देखी. इन्हें ऑटो सियर, ग्लॉक ऑटो सियर, लाइटनिंग लिंक, स्विफ्ट लिंक, सेलेक्टर स्विच और चिप नाम से भी जाना जाता है. 

खुलेआम हो रही बिक्री

पता चला कि इन डिवाइसों की मेनस्ट्रीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर खुलेआम बिक्री हो रही है. फोर्ब्स को ही इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम और ट्विटर पर ये ऐड-ऑन ग्लॉक स्विच बेचने वाले लगभग 15 यूजर मिल गए. 

वहीं दूसरी तरफ इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम और स्नैपचैट की टर्म्स ऑफ सर्विस के मुताबिक, उनके प्लेटफॉर्म पर हथियारों के लेनदेन या किसी तरह का आपराधिक व्यवहार बैन है. 

सोशल मीडिया वालों ने क्या कहा? 

रिपोर्ट के मुताबिक, फोर्ब्स ने मेटा कंपनी से संपर्क किया और डिवाइस बेच रहे दो फेसबुक ग्रुप की मूल कंपनी के बारे जानकारी दी. जिसके बाद कंपनी ने उन्हें हटा दिया. हैरानी की बात ये ही कि वो अकाउंट सिर्फ 'ग्लॉक स्विच' नाम सर्च करने पर सामने आ गए.

सोर्स- टेलिग्राम/फेसबुक via Forbes

मामले पर ट्विटर के मालिक एलन मस्क से भी ईमेल कर जवाब मांगा गया लेकिन कोई रिप्लाय नहीं आया. ईमेल के जवाब में स्नैपचैट के प्रवक्ता पीट बूगार्ड ने लिखा कि स्नैपचैट पर हथियार बेचना साफ तौर पर बैन है. उन्होंने बताया कि इस तरह की चीजों का पता चलने पर उनकी टीम उसे तुरंत हटा देती है. दावा किया कि वो इस नीति का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं और अकाउंट हटा देते हैं. इसी तरह टेलीग्राम के प्रवक्ता रेमी वॉन ने कहा कि उनके प्लेटफॉर्म पर इस तरह की खतरनाक डिवाइसों और हथियारों की बिक्री की परमिशन नहीं है. 

एक स्टडी से पता चलता है कि इस तरह की डिवाइस से जुड़े क्रिमिनल केसों की संख्या 2021 में बढ़कर 83 हो गई है. 2017 में ये संख्या 10 थी.

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ये स्विच अक्सर 3डी प्रिंटिंग के जरिए घरेलू स्तर पर बनाए जाते हैं. कई मामलों में इन्हें चीन या फिलीपींस ये इंपोर्ट भी किया जाता है. डलास पुलिस प्रमुख एडी गार्सिया ने बताया कि हमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को और जिम्मेदार बनाने की जरूरत है.

वीडियो: मास्टरक्लास: AK 47 जैसी खतरनाक बंदूक खरीद सकते हैं? कैसे मिलता है बंदूक का लाइसेंस?

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