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ब्रेन ट्यूमर का नाटक, PM तक को उल्लू बनाया, चैरिटी से करोड़ों इकट्ठा कर मां-बेटी ने काटी मौज

डिज्नीलैंड घूमा. महंगे होटल्स में ठहरीं. ऐसे हुआ खुलासा.

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girl faked brain tumour mother daughter used to travel abroad with this charity money
मेगन की मौत ब्रेन ट्यूमर से नहीं बल्कि किसी और कारण से हुई. (फोटो सोशल मीडिया)
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मनीषा शर्मा
12 मई 2023 (अपडेटेड: 12 मई 2023, 09:32 PM IST)
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बिलीव इन मैजिक. बीमार बच्चों के लिए चैरिटी इकट्ठा करने वाला एक ब्रिटिश ग्रुप. इसकी शुरुआत दो लोगों ने की थी. 16 साल की लड़की मेगन और उसकी मां जीन ने. क्योंकि मेगन को ब्रेन ट्यूमर था. वो कुछ दिनों की मेहमान थी. इलाज के लिए मां-बेटी के पास पैसे नहीं थी. लोगों ने इस बात पर विश्वास किया. आम लोग तो आम लोग, प्रधानमंत्री से लेकर बड़े-बड़े सेलेब्रिटी भी मदद के लिए आगे आए. ऐसे दोनों खूब पॉपुलर हुईं. अब जाकर पता चलता है कि मेगन को ब्रेन ट्यूमर (Megan Brain Tumor) नहीं था. और चैरिटी के पैसे से मां-बेटी कभी डिज्नीलैंड घूमते, कभी लग्ज़री होटलों में रुकते, तो कभी प्राइवेट जेट से सफर करते!

कैसे शुरु हुआ मेगन की बीमारी का ढोंग 

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, बिलीव इन मैजिक, मेगन के ‘बीमारी’ से संघर्ष से प्रेरित होकर बनाया गया था. मेगन जब बहुत छोटी थी, तब उसके माता-पिता अलग हो गए थे. वो अपनी मां के साथ रहने लगी. 13 साल की उम्र में उसे इडियोपैथिक इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन(पूरे सिर में दर्द) की बीमारी हुई. लेकिन कुछ साल बाद जीन ने उसके दोस्तों को बताया कि मेगन को ब्रेन ट्यूमर हो गया है. जीन ने कहना शुरू किया कि मेगन, मैजिक पर भरोसा करती है और उसने हार नहीं मानी, वो दूसरे बीमार बच्चों की मदद करना चाहती है. खुद का इलाज कराना चाहती है. 

ऐसे में चैरिटी के लिए ‘बिलीव इन मैजिक’ की शुरुआत हुई. बीमारी के झूठे नाटक के साथ. जीन, मेगन की रोज़ की दवा, हॉस्पिटल जाना सबके बारे में सोशल मीडिया पर फर्ज़ी पोस्ट करती रहती थी. बिलीव इन मैजिक को '2015 में वन डायरेक्शन बैंड' का समर्थन भी मिला. 2015 में ही तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने मेगन को अवार्ड भी दिया, उसकी हिम्मत और मेहनत की तारीफ भी की. इसी बीच जीन ने मेगन के इलाज के लिए 1 लाख 20 हजार पाउंड ( लगभग 1 करोड़ 23 लाख रुपए) की मांग की. लोगों ने 48 घंटो में चंदे से ये रकम पूरी कर दी.

भेद कैसे खुला? 

जब जीन ने इलाज के लिए इतने पैसों की मांग की तो चाइल्ड कैंसर कम्युनिटी (एक समूह, जिसमें कैंसर पीड़ित बच्चों के माता-पिता हैं) में एक कपल को उनपर शक हुआ. उनके बच्चे को पहले न्यूरोब्लास्टोमा कैंसर हुआ था, तो उन्हें खर्च का पता था. BBC के इन्वेस्टिगेटिव पॉडकास्ट में उस कपल ने बताया कि मेगन और जीन की कहानी सुनकर उन्हें शक हुआ. वो जानना चाहते थे कि चैरिटी का पैसा सही जगह जा रहा है या नहीं. छानबीन में पता चला कि मेगन ने कभी किसी भी हॉस्पिटल या डॉक्टर का जिक्र नहीं किया था. उन्हें शक हुआ लेकिन किसी पर बच्चे के ब्रेन ट्यूमर के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाना उन्हें ठीक नहीं लगा, तो वो चुप रहे.

एक साल बाद मेगन और जीन ने फिर इलाज के लिए पैसों की मांग की. जीन ने कहा कि मेगन गंभीर रूप से बीमार है और अमेरिका के हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है. इसीलिए उन्हें पैसों की जरूरत है. बाद में चाइल्ड कैंसर कम्युनिटी वाले उसी कपल ने जांच शुरु की. पत्रकार बनकर उन्होंने जीन को इंटरव्यू के लिए अप्रोच किया. लेकिन जीन ने इनकार किया, तो उन्होंने दूसरे सबूत जुटाने की कोशिश की और इसी क्रम में जीन और मेगन के ईमेल उनके हाथ लगे. ये मेल हॉस्पिटल से जुड़े हुए नहीं थे. ये मेल थे ऑरलैंडो, फ्लोरिडा में स्थित डिज्नी वर्ल्ड में एक लग्जर होटल से संबंधित. जब जीन से ईमेल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दावा किया कि मेगन बीमार थी और हॉस्पिटल में थी. और कोई जवाब नहीं दिया. बाद में कपल ने फेसबुक पर ‘द ट्रुथ अबाउट मेगन एंड जीन’ नाम का पेज चलाया. जहां उन्होंने अपनी जांच के बारे में लोगों को बताया. लेकिन मेगन के समर्थकों ने ये सब मानने से इनकार कर दिया.

इसके बाद 28 मार्च, 2018 के दिन कपल के पास एक फोन आया और पता चला कि लंदन के नेशनल हॉस्पिटल फॉर न्यूरोलॉजी एंड न्यूरोसर्जरी हॉस्पिटल में मेगन मृत्यु हो चुकी है. मेगन की मां ने फेसबुक पर पोस्ट लिखा, 

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मेगन के समर्थकों ने इसका दोष चाइल्ड कैंसर कम्युनिटी वाले कपल पर भी डाला. फेसबुक पर उन्हें भला-बुरा कहा. लेकिन 2018 के आखिर में मेगन की मौत पर जांच हुई. जांच में पता चला कि मेगन को ट्यूमर नहीं था, बल्कि दिल की बीमारी और फैटी लिवर की वजह से उसकी मौत हुई थी. जांच में ये भी पता चला कि मेगन को पिट्यूटरी माइक्रो एडेनोमा (बिना कैंसर वाला ब्रेन ट्यूमर) भी था. आमतौर पर ये खतरनाक नहीं होता लेकिन हानिकारक हो सकता है.

2017 में, माने मेगन की मृत्यु से एक साल पहले, मां-बेटी पर लगे आरोपों के सामने आने के बाद चैरिटी कमीशन ने बिलीव इन मैजिक की जांच शुरू की थी. जांच में पता चला था कि करोड़ो रुपयों का हिसाब नहीं था और चैरिटी के पैसे मेगन और जीन के पर्सनल अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे. मेगन की मौत के बाद जीन गायब हो गई और बिलीव इन मैजिक को भी बंद कर दिया गया था. 

वीडियो: लंदन की ट्रेनों में आदमी-औरत ऐसे बिना पैंट क्यों घूम रहे हैं?

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