इस खबर के बाद भारत में कोई इटली की पीएम Giorgia Meloni का मजाक उड़ाने से पहले सोचेगा
इटली के एक पत्रकार पर जॉर्जिया मेलोनी का मजाक उड़ाने के चलते भारी जुर्माना लगाया गया है. उसे तीन साल पहले ‘एक्स’ (ट्विटर) पर किए गए एक ट्वीट की सजा मिली है.

इटली की एक अदालत ने पीएम जॉर्जिया मेलोनी का मजाक उड़ाने पर वहां के एक पत्रकार पर जुर्माना ठोक दिया है. अदालत ने पत्रकार गिउलिया कोर्टेस पर 5000 यूरो यानी लगभग 4 लाख 58 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है. कॉर्टेस को तीन साल पहले ‘एक्स’ (ट्विटर) पर किए गए एक ट्वीट की सजा मिली है. उन्होंने अपने ट्वीट में मेलोनी की हाइट का मजाक उड़ाया था. अदालत के फैसले पर पत्रकार की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उनका कहना है कि इटली में अभिव्यक्ति की आजादी से सरकार को दिक्कत होने लगी है.
पूरा मामला क्या है?बात है साल 2021 की. उस वक्त जॉर्जिया मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री नहीं बनी थीं. दक्षिणपंथी विचारधारा वाली उनकी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ विपक्ष में थी. तो हुआ क्या कि अक्टूबर 2021 में सोशल मीडिया साइट्स 'एक्स' (तब ट्विटर था) पर पत्रकार कॉर्टेस और जॉर्जिया मेलोनी के बीच बहस हो गई. इस दौरान कॉर्टेस ने एक तस्वीर पोस्ट की. तस्वीर में मेलोनी और उसके बैकग्राउंड में फासीवादी विचारों की नींव रखने वाले बेनिटो मुसोलिनी थे. यह तस्वीर फर्जी थी. मेलोनी ने इस पर आपत्ति जताई. उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट की जिसमें तस्वीर को झूठा बताया. साथ ही कानूनी कार्रवाई करने की बात कह डाली. पत्रकार कॉर्टेस ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी.
लेकिन बात इतने पर खत्म नहीं हुई. कॉर्टेस ने एक और ट्वीट किया और इस पोस्ट में उन्होंने मेलोनी की हाइट का मज़ाक उड़ा दिया. ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस ट्वीट में उन्होंने लिखा,
रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्टेस को मेलोनी की मुसोलिनी से तुलना करने वाले ट्वीट पर बरी कर दिया गया. लेकिन हाइट का मजाक उड़ाने पर दोषी ठहराया गया. जज ने इसे ‘बॉडी शेमिंग’ करार दिया. हालांकि, पत्रकार कोर्टेस के पास अभी भी अदालत के फैसले को चुनौती देने का मौका है.
उन्होंने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. कॉर्टेस ने लिखा,
पत्रकार गिउलिया कोर्टेस के पास इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका है. वहीं मेलोनी की वकील ने कहा है कि हर्जाने की रकम को वे एक चैरिटी को दान में दे देंगी.
मेलोनी के लिए कोई नई बात नहीं
अक्टूबर 2021 में ये विवाद हुआ और उसके ठीक एक साल बाद मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री बन गईं. उन्हें इटली की पहली महिला पीएम बनने का गौरव प्राप्त हुआ. उन पर कई बार अभिव्यक्ति को खुलकर सामने रखने वालों को अदालत की चौखट तक ले जाने के आरोप लगे हैं. साल 2023 में रोम की एक अदालत ने लेखक रॉबर्टो सविआनो पर 1,000 यूरो का जुर्माना लगाया. उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने 2021 में एक टीवी शो में मेलोनी का अपमान किया था. रॉबर्टो ने मेलोनी की अवैध प्रवासियों के खिलाफ उठाए गए फैसलों से नाराज़गी जताई थी.
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