एनकाउंटर में मारे गए शूटर गुलाम का शव नहीं ले रहा परिवार, मां बोलीं- 'समझाया था...'
'पूरे परिवार को उसके चलते खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. घर से बेघर हो गए हैं.'

असद के साथ एनकाउंटर में मारे गए गुलाम के घरवालों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है. यूपी STF ने 13 अप्रैल को असद और गुलाम को एनकाउंटर में मारने (Ghulam Family on Encounter) की बात कही थी. इधर, गुलाम की मां ने एनकाउंटर को सही ठहाराते हुए कहा कि गलत का नतीजा गलत होता है. गुलाम की मां ने बताया कि उन्होंने कई बार गुलाम को हाथ जोड़कर समझाया लेकिन वो नहीं माना. गुलाम के भाई ने बताया कि उनका पूरा परिवार बिखर गया है.
आज तक से जुड़े पकंज श्रीवास्तव के साथ बातचीत में गुलाम के भाई राहिल हसन ने बताया,
हम लोग शव लेने नहीं जाएंगे. हम अंतिम संस्कार के रिचुअल्स में भी नहीं शामिल होंगे. इसकी वजह ये है कि पूरा परिवार बहुत दुखी है. मां ने हमेशा हम तीनों भाइयों को सही रास्ते पर चलने और अच्छा काम करने की सलाह दी है. मेरे पिता पार्षद रहे हैं और परिवार बड़ा सम्मानित रहा है.
राहिल ने आगे बताया,
मां ने उसे कई बार समझाया. बीच में वो जेल भी गया. वापस आया तो मां ने दोबारा समझाया. उसकी शादी हो गई, बच्चे हो गए लेकिन उसमें कोई बदलाव या सुधार नहीं हुआ. चार महीने पहले ही मां ने उससे हाथ जोड़कर कहा था कि बेटा कोई ऐसा काम मत करना जिससे परिवार पर कोई आंच आए या परेशानी हो. अब हमारा पूरा परिवार बिखर गया है.
इस दौरान गुलाम की मां ने कहा,
अब हम शव लेकर क्या करेंगे. वो सो गया है और अब नहीं उठेगा. हमे जिंदगी भर तड़पना है. मैंने कभी नहीं सोचा था कि ये दिन देखना पड़ेगा. हाथ पैर जोड़कर उसे समझाया कि कोई गलत कदम मत उठाना. वो बोला- मैंने कोई गलत कदम नहीं उठाया, कुछ गलत नहीं किया. अब तो जब तक जिएंगे तब तक तड़पेंगे.
'घर से बेघर हो गए हैं'
पुलिस एनकाउंटर को लेकर गुलाम की मां बोलीं,
जो कुछ किया सही किया. गलत का गलत ही नतीजा होगा. पूरे परिवार को उसके चलते खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. घर से बेघर हो गए हैं. किराए पर रह रहे हैं. दो महीने के बाद यहां से भी निकाल देंगे. कहां भटकेंगे. मेरी सारी कमाई लुट गई. अब कुछ नहीं बचा है. क्या करेंगे किस सहारे से जिएंगे.
इस पर भाई राहिल हसन ने बताया कि उनके तीन छोटे बच्चे हैं और उनकी भी नौकरी चली गई है.
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