The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Germany announces transit free visa for indian passport

भारतीय अब जर्मनी से गुजरे तो ट्रांजिट वीजा नहीं लगेगा

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ 12–13 जनवरी को भारत यात्रा पर हैं. इसी दौरान यह ऐलान हुआ है.

Advertisement
Germany
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (PTI)
pic
सौरभ
12 जनवरी 2026 (Published: 11:45 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अपने हवाई अड्डों से होकर यात्रा करने पर वीजा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा देने का ऐलान किया है. इससे भारतीय यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा काफी आसान हो जाएगी. और सरल शब्दों में, वीजा-फ्री ट्रांजिट का मतलब यह है कि अब भारतीय यात्री अगर किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के किसी हवाई अड्डे से होकर गुजरते हैं, तो उन्हें अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी. इससे यात्रा आसान होगी, समय बचेगा और कागजी औपचारिकताएं भी कम होंगी.

इस फैसले का ऐलान भारत-जर्मनी के संयुक्त बयान हुआ. जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ 12-13 जनवरी को भारत यात्रा पर हैं. यह मर्ज़ की पहली भारत यात्रा और चांसलर बनने के बाद एशिया की भी पहली यात्रा थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले के लिए चांसलर मर्ज़ का धन्यवाद किया. संयुक्त बयान में कहा गया कि यह कदम न सिर्फ भारतीय नागरिकों की यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर रिश्तों को और मजबूत करेगा.

दोनों देशों ने स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, स्किल्ड लेबर, कलाकारों और पर्यटकों के बढ़ते आदान-प्रदान का स्वागत किया और जर्मनी की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक जीवन में भारतीय समुदाय के योगदान को भी सराहा. साथ ही शिक्षा, शोध, व्यावसायिक प्रशिक्षण, संस्कृति और युवा आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि आपसी समझ और गहरी हो सके.

बैठक में शिक्षा और कौशल विकास पर खास ध्यान दिया गया. नेताओं ने जर्मनी में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या, ज्वॉइन्ट और डुअल डिग्री प्रोग्राम के विस्तार और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया. भारतीय छात्रों और स्नातकों को जर्मनी के बाजार में शामिल होने में मदद देने वाली पहलों का स्वागत किया गया. इसके अलावा भारतीय टेक्निकल इंस्टीट्यूट और जर्मनी की तकनीकी विश्वविद्यालयों के बीच संस्थागत सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी.

दोनों देशों ने उच्च शिक्षा पर एक व्यापक भारत-जर्मनी रोडमैप बनाने पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी की प्रमुख यूनिवर्सिटियों को नई शिक्षा नीति के तहत भारत में अपने कैंपस खोलने का भी निमंत्रण दिया.

वीडियो: तारीख: बर्लिन वॉल क्यों बनी और कैसे गिरी जर्मनी की दीवार?

Advertisement

Advertisement

()