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अहमदाबाद की अरिहा की पूरी कहानी, जिसे जर्मनी ने मां-बाप को लौटाने से मना कर दिया है

सोशल मीडिया पर #BoycottGermany ट्रेंड कर रहा है.

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23 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 23 फ़रवरी 2023, 10:57 PM IST)
German authorities deny Indian parents request to stay with baby Ariha
अपने पैरेंट्स के साथ अरिहा. (फोटो-सोशल मीडिया)
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पिछले 18 महीनों से अहमदाबाद की अरिहा जर्मनी में है. माता-पिता भावेश और धारा शाह ने बच्ची की कस्टडी वापस पाने के लिए दिन-रात एक कर दी है (Ariha Custody Germany). लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. अनुरोध किया कि बेटी वापस नहीं दे सकते, तो किसी एक पैरेंट को उसके साथ रहने की परमिशन दी जाए. अब जर्मनी के अधिकारियों ने ये रिक्वेस्ट भी खारिज कर दी है. इस कड़ी में ट्विटर पर #BoycottGermany भी ट्रेंड करने लगा है.

अरिहा शाह जर्मनी के एक फॉस्टर होम में हैं. फॉस्टर होम वो जगह है, जहां बच्चों की देखभाल की जाती है. वो बच्चे जिनके माता-पिता या तो इस दुनिया में नहीं हैं, या फिर बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हैं.

अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद के भावेश और धारा शाह ने अपनी बेटी अरिहा के साथ उसके फॉस्टर होम में रहने की परमिशन मांगी थी. जर्मन अधिकारियों ने मना कर दिया है. कहा कि फॉस्टर होम में अगस्त तक किसी अन्य व्यक्ति के रहने की जगह नहीं है. भावेश और धारा शाह फिलहाल जर्मनी में ही हैं.

मां धारा शाह ने जर्मनी से मिरर को बताया,

20 फरवरी को मामले पर एक स्थानीय अदालत में सुनवाई हुई. चार से साढ़े चार घंटे तक सुनवाई चलती रही लेकिन इस बात पर कोई चर्चा नहीं हुई कि बच्ची को उसके माता-पिता से अलग कर फॉस्टर होम में क्यों रखा गया.

धारा ने आगे कहा,

अगस्त में अरिहा को फॉस्टर केयर में दो साल पूरे हो जाएंगे. वहां के नियम के मुताबिक, अगर कोई बच्चा दो साल तक फॉस्टर केयर में रहता है तो बच्चे को माता-पिता को वापस नहीं किया जा सकता है. क्योंकि वो नई स्थितियों और कल्चरल शॉक का सामना करने में असमर्थ होगा.

खबर है कि फिलहाल माता-पिता महीने में एक बार ही बेटी अरिहा से मिलते हैं. ज्यादा बार मिलने का भी अनुरोध किया गया लेकिन वहां के अधिकारियों ने मना कर दिया. अधिकारियों ने कहा कि जब अरिहा अपने माता-पिता से मिलती है तो वह चंचल हो जाती है और बहुत थक जाती है. मामले में अगली सुनवाई 5 मई को है.

भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 25 और 26 फरवरी को दिल्ली में जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज़ से मिलने वाले हैं. भावेश और धारा शाह का मानना ​​है कि अगर किसी तरह पीएम मोदी मुलाकात के दौरान अरिहा का मामला उठाते हैं, तो कुछ सफलता मिल सकती है. पहले भी कई बार अरिहा के माता-पिता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील कर चुके हैं. बेटी अरिहा की कस्टडी की मांग को लेकर वो जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन कर चुके हैं. अरिहा की मां धारा का कहना है कि उनकी बेटी फिलहाल किसी ईसाई परिवार के पास है और उसने जर्मन भाषा बोलना शुरू कर दिया है.

कैसे अलग हुई बच्ची? 

अरिहा 7 महीने की थी जब उसके पिता वर्क वीजा पर जर्मनी में बतौर इंजीनियर काम करते थे. जर्मन अधिकारियों ने बच्ची के डायपर पर खून मिलने के बाद उसे कस्टडी में ले लिया था. जर्मन प्रशासन ने अरिहा के माता-पिता पर बच्ची के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. मामले पर अरिहा के माता-पिता का कहना है कि एक मामूली दुर्घटना में बच्ची को चोट लग गई थी. 

वीडियो: ग्रेटा थनबर्ग ने जर्मनी में क्या किया कि पुलिस उठा ले गई, लोग क्यों बोले नाटक?

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