गौतम गंभीर ने फैबी फ्लू दवा मुफ्त में देने की बात कही तो जमाखोरी के आरोप लग गए
जानिए, इस तरह दवा खरीदकर रखने को लेकर कानून क्या कहता है?
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क्रिकेटर से नेता बने बीजेपी सांसद Gautam Gambhir पश्चिम बंगाल में एक चुनावी रैली के दौरान. (फाइल फोटो) गौतम गंभीर फाउंडेशन को अनधिकृत रूप से फैबीफ्लू दवा के भंडारण, खरीद और वितरण का दोषी पाया गया है.
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच दवाइयों और ऑक्सीजन की मारामारी मची हुई है. रेमडेसिविर और फैबी फ्लू जैसी दवाइयों को हासिल करने के लिए आम लोगों को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है. राजधानी दिल्ली के मेडिकल स्टोर्स के बाहर लाइन लगी हुई है. सैकड़ों लोग सुबह लाइन में लगते हैं. कुछ को दवाइयां मिल जाती हैं. कइयों को नहीं मिलतीं. ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि जिन लोगों को दवाइयां नहीं मिल पातीं, वो रात होने पर मेडिकल स्टोर्स के बाहर ही सो जाते हैं. सुबह होते ही फिर से लाइन में लगते हैं. दो-दो, तीन-तीन गुजर जाने पर भी उन्हें दवाइयां नहीं मिल पातीं.
Gautam Gambhir पर जमाखोरी के आरोप
ऐसी विकट स्थिति में क्रिकेटर से नेता बने और पूर्वी दिल्ली के बीजेपी सांसद गौतम गंभीर का एक ट्वीट आता है. 21 अप्रैल को किए गए अपने ट्वीट में वे लिखते हैं कि पूर्वी दिल्ली के लोग उनके ऑफिस से सुबह दस बजे से शाम पांच बजे के बीच फ्री में फैबी फ्लू ले सकते हैं. इसके लिए लोगों को बस डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन और आधार कार्ड लाने की जरूरत है.
इस ट्वीट के तुरंत बाद ही विवाद हो जाता है. लोग सवाल करने लगते हैं कि जब इन दवाइयों की इतनी किल्लत है, तो गौतम गंभीर के पास इनका स्टॉक कहां से आया? विपक्षी नेता भी गंभीर पर निशाना साधते हैं. आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ट्वीट करते हैं-People of East Delhi can get ‘Fabiflu’ from MP office (2, Jagriti Enclave) for FREE between 10-5. Kindly get Aadhar & prescription
पूर्वी दिल्ली के लोग “Fabiflu” मेरे कार्यालय (2, जाग्रति एन्क्लेव) से 10 से 5 के बीच मुफ़्त में ले सकते हैं. अपना आधार और डॉक्टर की पर्ची ले आएं
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) April 21, 2021
"गुजरात के बीजेपी अध्यक्ष इन जीवन रक्षक इंजेक्शन की जमाखोरी कर रहे हैं. महाराष्ट्र में बीजेपी के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस रेमडेसिविर की जमाखोरी कर रहे हैं. अब दिल्ली के पार्ट टाइम बीजेपी सांसद और फुल टाइम क्रिकेट कमेंटेटर गौतम गंभीर भी ऐसा कर रहे हैं. ये जनप्रतिनिधि हैं या फिर अपराधी? आप खुद फैसला कीजिए."
Gujarat - BJP president hoarding life saving injections Maharastra - BJP EX CM fadnavis hoarding remdesivir Delhi- Part-time BJP MP & Full-time cricket commentator hoarding life saving medicines. Public representatives or criminals? You decide. https://t.co/teS1NhHMjPआम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस ने भी गंभीर पर निशाना साधा. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट किया. उन्होंने गौतम गंभीर के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी सवाल पूछे. उन्होंने पूछा-
— Durgesh Pathak (@ipathak25) April 21, 2021
"गौतम गंभीर जी, आपके पास फैबी फ्लू का कितना स्टॉक है? आपने इतनी बड़ी मात्रा में फैबी फ्लू की खरीद कैसे की? और केजरवील जी, क्या यह लीगल है? क्या इस तरह की गैरकानूनी खरीद और वितरण की वजह से मेडिकल स्टोर्स पर फैबी फ्लू की कमी हो गई है?"
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हमने गौतम गंभीर का पक्ष भी जानना चाहा. हमने उन्हें फोन और मेसेज किया. जिसका जवाब नहीं मिला. फिर हमने गौतम गंभीर के मीडिया सलाहार अनिमेश चौधरी को फोन मिलाया. वे हमारे सवालों का गोल-मटोल जवाब देते नजर आए.1) How much Fabiflu do you have in your possession? 2) How did you procure so much of Fabiflu? @GautamGambhir
CC @ArvindKejriwal
: 1) Is this legal? 2) Is the shortage of Fabiflu at chemists’ shops due to such unauthorised procurement/distribution? https://t.co/ZfKnLINB2J
— Pawan Khera (@Pawankhera) April 21, 2021
इस बीच गौतम गंभीर ने न्यूज एजेंसी ANI को बयान दिया. अपने ऊपर लग रहे आरोपों के बारे में उन्होंने वही बात दोहराई, जो उन्होंने एक ट्वीट में कही थी. उन्होंने कहा,
"जिन लोगों ने ब्लैक मार्केटिंग के जरिए रेमडेसिविर को 30 हजार रुपये और अस्पतालों के बेड को पांच से दस लाख रुपये में बेचने की मंजूरी दी हुई है, उन्हें इस बात की चिंता है कि फैबी फ्लू के कुछ सौ पत्ते गरीबों को मुफ्त दिए जा रहे हैं. जमाखोरी को लेकर उनकी यह समझ है."
Those who allowed Remdesivir to be black marketed at more than 30 thousand a vial & hospital beds to be sold for 5-10 Lakh in Delhi are concerned that a few hundred Fabiflu strips are being given for FREE to the poor. That’s their understanding of “Hoarding” #HumanLivesMatter
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) April 21, 2021गंभीर ने यह भी कहा कि कहने वाले उन्हें गलत कहते रहेंगे लेकिन लोगों की जान बचाने के लिए वो सब कुछ करेंगे. गंभीर ने ANI को बताया कि ये फैबी फ्लू उन्हें किसी वितरक से मिली हैं. ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर ने क्या बताया? ये तो हुई राजनीति की बात. अब हम नियम-कानूनों पर आते हैं. क्या कोई व्यक्ति किसी वितरक से इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां ले सकता है? इस सवाल के जवाब के लिए हमने दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोलर ऑफिस में फोन किया. कई प्रयासों के बाद हमारी बात हुई. हमने उन्हें गौतम गंभीर से जुड़े इस घटनाक्रम के बारे में बताया और पूछा कि क्या कोई व्यक्ति चाहे वो जनप्रतिनिधि ही क्यों ना हो, इतनी बड़ी मात्रा में फैबी फ्लू की खरीद कर सकता है? वहां से हमें जानकारी मिली कि कोरोना संकट के इस समय में केवल अस्पतालों और लाइसेंस प्राप्त वितरकों को ही ये दवाइयां खरीदने और वितरित करने की अनुमति है. कोई भी व्यक्ति इतनी बड़ी मात्रा में ये दवाई अपने पास नहीं रख सकता. हमने यह भी पूछा कि क्या गौतम गंभीर के ऊपर कोई कार्रवाई हो सकती है? इस बारे में ड्रग कंट्रोलर ऑफिस की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.
दूसरी तरफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 के मुताबिक अगर कोई वितरक या व्यक्ति बिना लाइसेंस और प्रिस्क्रिप्शन के दवाइयों की खरीद-फरोख्त करता है, तो उसके उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है. इसके तहत एक से तीन साल की जेल और पांच हज़ार तक का फाइन लग सकता है. अप्रैल, 2020 में कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया था कि जरूरी दवाइयों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने दवाइयों की जमाखोरी करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की बात कही है.

Fabi Flu का यूज कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा है. रेमडेसिविर की तरह इस दवाई के लिए भी मारामारी हो रही है. हालांकि फैबी फ्लू ना तो कोविड 19 के लिए रेकमेंडेड है और ना ही इसे अप्रूवल मिला हुआ है. (फोटो: ANI)
वहीं जब महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने रेमडेसिविर की खरीद को लेकर यह स्वीकारा था कि कई महाराष्ट्र के कई बीजेपी नेताओं ने गुजरात की ब्रुक फार्मा से दवाई बेचने के लिए संपर्क किया, तो राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन मंत्री राजेंद्र शिंगणे ने कहा था कि राज्य में किसी भी पॉलिटकल पार्टी या संगठन को रेमडेसिविर की खरीद और वितरण की मंजूरी नहीं दी गई है. फडणवीस ने दावा किया था दवा खरीदने के लिए उन्होंने शिंगणे से मंजूरी ली थी और वे रेमडेसिविर लोगों की मदद करने के लिए खरीदना चाहते थे.
थोड़े दिन पहले हमने आपको रेमडेसिविर और फैबी फ्लू के बारे में बताया
था. एक्सपर्ट्स के अनुसार फैबी फ्लू एक एंटी वायरल दवा है, जो वायरल लोड कम करने में काम आती है. हालांकि, कोरोना वायरस पर इसके प्रभाव को लेकर अभी ज्यादा डेटा मौजूद नहीं है. देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी फैबी फ्लू के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि इस दवा का प्रयोग इन्फ्लुएंजा के इलाज के लिए होता है. साथ ही इबोला के लिए भी इसका प्रयोग किया जा चुका है. भारत में अभी इसका प्रयोग इसलिए हो रहा है क्योंकि अभी तक कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ढंग की एंटी वायरल दवा विकसित नहीं हो पाई है. डॉक्टर गुलेरिया ने यह भी बताया था कि फैबी फ्लू ना तो कोविड 19 के इलाज के लिए रेकमेंडेड है और न ही इसे अप्रूवल मिला हुआ है.

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