पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का मुख्य आरोपी ऋषिकेश देवडीकर झारखंड से गिरफ्तार
गौरी लंकेश पर 7 राउंड गोलियां चलाई गई थीं, मौके पर उनकी मौत हो गई थी.
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फोटो - thelallantop
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कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा की जानी-मानी पत्रकार और एक्टिविस्ट गौरी लंकेश की हत्या 5 सितंबर 2017 को हुई थी. SIT टीम ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी और फरार चल रहे 44 साल के ऋषिकेश देवडीकर को झारखंड के धनबाद जिले के कतरास से गिरफ्तार किया है.
रात वो दफ्तर से घर लौटीं. उन्होंने घर के बाहर अपनी कार पार्क की और दरवाजे की ओर बढ़ने लगीं. ठीक इसी समय बाइक पर आए तीन हमलावरों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. लंकेश अपनी जान बचाने के लिए दरवाजे की ओर भागीं, लेकिन इससे पहले कि वो घर में घुस पातीं उन्हें गोली लग गई. हमलावरों ने गौरी लंकेश पर 7 राउंड गोलियां चलाईं. इनमें से 3 गोलियां लंकेश के सिर, गर्दन और सीने में लगीं. बाकी 4 उनके घर की दीवार में धंस गईं. मौके पर ही मौत हो गई.
सामाजिक सद्भाव की हिमायती थीं
गौरी लंकेश फोरम फॉर कम्युनल हारमोनी (कर्नाटक कोमु सौहार्द वेदिके) की प्रमुख भी थीं. सभी धर्मों और मजहबों के बीच दोस्ताना ताल्लुकात कायम करने के लिए बड़ी शिद्दत से काम करती थीं. लिखती थीं. अलग-अलग कार्यक्रमों में शरीक होती थीं. लोगों के बीच जाती थीं. उन्हें समझाती थीं. उनसे बात करती थीं. कमोबेश हर स्तर पर ही कोशिश कर रही थीं.
आदिवासियों के लिए काफी काम किया
आदिवासियों और जंगल पर निर्भर जनजातीय समूहों के हक के लिए भी वो हमेशा मुखर रहीं. मुख्यधारा की पत्रकारिता जब इन वर्गों को बिसरा चुकी थी, तब लंकेश ने उन्हें अपनाया. आदिवासियों से जुड़े मुद्दे उनकी पत्रकारिता का अहम हिस्सा थे.
पिता भी थे पत्रकार, अपने अखबार में कोई विज्ञापन नहीं छापते थे
गौरी लंकेश के पिता पी लंकेश पत्रकार थे. कवि भी थे. 1980 में उन्होंने ‘लंकेश पत्रिके’ नाम का एक टैबलॉइड निकाला. इसकी खासियत ये थी कि इसमें विज्ञापन नहीं होते थे. पी लंकेश का मानना था कि कारोबारियों और सरकार से मिले विज्ञापन पैसा भले ही दें, लेकिन पत्रकारिता का गला घोंट देते हैं. कि इससे अखबार पर सच न लिखने का दबाव बनता है.
वीडियो- गौरी लंकेश की हत्या को सही ठहराने के लिए उनके फेसबुक से ये खोदकर लाए हैं
सबूतों की तलाश में ऋषिकेश के घर की तलाशी ली गई है. ऋषिकेश, गौरी लंकेश की हत्या का मुख्य आरोपी है. ऋषिकेश पहचान छिपाकर यहां रह रहा था. वह कतरास में पेट्रोल पंप पर केयरटेकर का काम कर रहा था. इंडियन एक्सप्रेस की खबर मुताबिक़ ऋषिकेश की गिरफ्तारी पर झारखंड के DGP केएन चौबे ने कहा- धनबाद पुलिस की मदद से बेंगलुरु पुलिस की एसआईटी ने धनबाद के कटरा इलाके में एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. उसे जल्द ही स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा.The SIT team probing Journalist Gauri Lankesh murder case, arrested absconding accused Rushikesh Devdikar yesterday. He was arrested from Dhanbad district of Jharkhand. pic.twitter.com/WCIfT6JfPq
— ANI (@ANI) January 10, 2020
5 सितंबर 2017 को क्या हुआ था?
वीडियो- गौरी लंकेश की हत्या को सही ठहराने के लिए उनके फेसबुक से ये खोदकर लाए हैं

