निर्भया कांड की याद आते ही हर संवेदनशील इंसान की आंखों में दुख, डर और गुस्सा एकसाथ उतर आता है. इस बार कानपुर देहात में पांच राक्षसों ने ऐसी ही घटना को अंजामदिया. एक लड़की के साथ गैंगरेप किया. बुरी तरह मारपीट की. प्राइवेट पार्ट में डंडाडाल दिया और मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए. हॉस्पिटल में पीड़िता का इलाज चल रहाहै. इस पूरे मामले पर पुलिस ने जिस तरह का काम किया है वो भी किसी गुनाह से कमनहीं.पूरा मामला इस तरह है. कानपुर देहात के सट्टी थाना क्षेत्र में एक गांव है. गांवमें सुधा(बदला हुआ नाम) अपनी मां और एक बहन के साथ रहती है. पिता नहीं रहे. छोटीबहन सातवीं क्लास में पढ़ती है. हॉस्पिटल में भर्ती सुधा ने बयान दिया कि वो अपनीछत पर बैठी थी. तभी इलाके के दबंग दीपू अपने चार दोस्तों के साथ वहां आया. उसकोउठाकर वो लोग जंगल में ले गए. वहां गैंगरेप किया. प्राइवेट पार्ट में कुल्हाड़ी काडंडा डाल दिया और पेशाब पिलाया. फिर बुरी हालत में छोड़कर भाग गए.हॉस्पिटल में भर्ती रेप पीड़ितालड़की और उसकी मां का कहना है कि ये सब न हुआ होता, अगर पुलिस ने वक्त रहते उनकीबात सुनी होती. आगे की बात और ज्यादा भयावह है. सुधा की मां के मुताबिक दरअसल येगुंडे पहले सुधा की छोटी बहन का रेप कर चुके थे. इसकी रिपोर्ट लिखाने जब वो लोग गएथे तो सट्टी के थानेदार दिग्विजय सिंह ने गाली देकर भगा दिया. इससे गुंडों का और मनबढ़ गया, जिसके बाद इस कांड को अंजाम दिया. अब पुलिस इस मामले पर भी लीपापोती करनेमें जुटी है.पुलिस कह रही- रेप हुआ ही नहींएसपी कानपुर देहातकानपुर देहात जिला अस्पताल में सुधा भर्ती है. वहां की इंचार्ज डॉक्टर कुमकुम शर्माका कहना है कि जांच में पता चला कि सुधा के साथ रेप हुआ है. जबकि जिले के एसपीराधेश्याम ने बिना मेडिकल जांच की रिपोर्ट आए ही बता दिया कि रेप नहीं हुआ है.मामूली मारपीट का मामला है. और दोनों तरफ से रिपोर्ट भी मारपीट की ही दर्ज कर ली हैथाने में.ये खबर हम तक इंडिया टुडे से जुड़े रिपोर्टर रंजय सिंह ने पहुंचाई है.--------------------------------------------------------------------------------