मोदी की 'हुंकार' रैली में धमाके करने के आरोपियों को NIA कोर्ट ने दोषी ठहराया
2013 का गांधी मैदान सीरियल ब्लास्ट मामला.
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(बाएं) पीएम मोदी की एक पुरानी तस्वीर. (दाएं) धमाके के दो दोषियों को ले जाती पुलिस. (तस्वीरें- पीटीआई)
अक्टूबर 2013 की घटना है. यही तारीख थी. 27 अक्टूबर. नरेंद्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए BJP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन चुके थे. उस दिन बिहार की राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान में उनकी रैली थी. 'हुंकार' रैली नाम दिया गया था. लेकिन रैली में एक के बाद एक धमाके हो गए. पटना जंक्शन पर भी धमाका हुआ था. इन ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी. 90 से ज्यादा घायल हुए थे. अब इस मामले में विशेष NIA अदालत ने फैसला सुनाते हुए 10 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है. वहीं सबूतों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया गया है.
NIA ने इस मामले में कुल 11 लोगों को अरेस्ट किया था. जांच के बाद उसने 21 अगस्त 2014 को सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. इनमें से एक नाबालिग था, जिसकी अलग से सुनवाई की गई थी. बाकी 10 आरोपी थे हैदर अली, नोमान अंसारी, मोहम्मद मुजिबुल्लाह अंसारी, मोहम्मद इम्तियाज आलम, अहमद हुसैन, फकरुद्दीन, मोहम्मद फिरोज असलम, इम्तियाज अंसारी, मोहम्मद इफ्तिकार आलम और अजहरुद्दीन कुरैशी. इनमें से फकरुद्दीन को अदालत ने बरी कर दिया है.
धमाके के बाद की तस्वीर. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे.)
धमाके के 3 दोषियों को ले जाती पुलिस. (तस्वीर- पीटीआई)
एनआईए की स्पेशल कोर्ट बीते आठ वर्षों से इस मामले की सुनवाई कर रही थी. अब फैसला आने के बाद 9 दोषियों की सजा का ऐलान 1 नवंबर को किया जाएगा. NIA का पक्ष रखने वाले एक और वकील मोहन प्रसाद ने कहा कि जांच एजेंसी दोषियों के खिलाफ मौत की सजा की मांग करेगी.
NIA ने इस मामले में कुल 11 लोगों को अरेस्ट किया था. जांच के बाद उसने 21 अगस्त 2014 को सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. इनमें से एक नाबालिग था, जिसकी अलग से सुनवाई की गई थी. बाकी 10 आरोपी थे हैदर अली, नोमान अंसारी, मोहम्मद मुजिबुल्लाह अंसारी, मोहम्मद इम्तियाज आलम, अहमद हुसैन, फकरुद्दीन, मोहम्मद फिरोज असलम, इम्तियाज अंसारी, मोहम्मद इफ्तिकार आलम और अजहरुद्दीन कुरैशी. इनमें से फकरुद्दीन को अदालत ने बरी कर दिया है.
धमाके के बाद की तस्वीर. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे.)
कैसे बनाई साजिश?
इस केस में वकील लल्लन प्रसाद सिन्हा ने NIA की तरफ से पैरवी की थी. उन्होंने इंडिया टुडे से बात करते हुए बताया, इंडिया टुडे/आजतक से जुड़े रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्तार आतंकी इम्तियाज NIA के लिए अहम कड़ी साबित हुआ. जांच एजेंसी ने जब उससे सख्ती से पूछताछ शुरू की तो उसने कई नाम उगले. इसके बाद मास्टर माइंड हैदर अली समेत दो दर्जन से अधिक आतंकियों को जांच एजेंसी ने दबोचा. बाद में बोधगया ब्लास्ट मामले का खुलासा भी इसी आतंकी के बयान से हुआ था.धमाके के 3 दोषियों को ले जाती पुलिस. (तस्वीर- पीटीआई)
एनआईए की स्पेशल कोर्ट बीते आठ वर्षों से इस मामले की सुनवाई कर रही थी. अब फैसला आने के बाद 9 दोषियों की सजा का ऐलान 1 नवंबर को किया जाएगा. NIA का पक्ष रखने वाले एक और वकील मोहन प्रसाद ने कहा कि जांच एजेंसी दोषियों के खिलाफ मौत की सजा की मांग करेगी.
(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहीं सृष्टि ने लिखी है.)

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