Gagan Pratap के आरक्षण वाले ट्वीट पर बात बहुत आगे बढ़ गई, विरोधी और समर्थक मान ही नहीं रहे!
Gagan Pratap Singh ने आरक्षण के मसले पर पोस्ट किया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध में हैशटैग चलने लगे.

ट्विटर पर दो टॉप ट्रेंड्स चलते दिखे. ढेरों ट्वीट आए इन पर. एक ट्रेंड था गगन_प्रताप_माफ़ी_मांगो. और दूसरा था I_Stand_With_ गगन_प्रताप. ये विवाद जाति आधारित था. मामला क्या था जानने के पहले जानना होगा कि गगन प्रताप (Gagan Pratap Singh) कौन हैं? ऑनलाइन एजुकेटर हैं. सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं. मैथ्स पढ़ाते हैं. Youtube पर 47 लाख से ज्यादा सबस्क्राइबर हैं इनके.
Gagan Pratap पर क्या विवाद है?एक ट्वीट का स्क्रीन शॉट चलता दिखा. जो गगन प्रताप के वेरीफाइड हैंडल से किया गया. इसमें लिखा था,
दावे हैं कि ये ट्वीट गगन प्रताप ने अपने हैंडल से किया था. और बाद में डिलीट कर दिया. खबर लिखे जाने तक गगन प्रताप के X हैंडल या इंस्टाग्राम से इसको नकारने जैसा कोई पोस्ट नहीं आया है. ट्वीट डिलीट करने वाली बात को रेखांकित करते हुए ट्वीट आए. कहा गया,
कुछ लोगों ने समर्थन में भी लिखा. एक यूजर ने लिखा,
किसी ने लिखा कि जातिवादी यूट्यूबर गगन प्रताप में सरकार से बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार मांगने की हिम्मत नहीं है. उन्होंने लिखा,
एक यूजर का कहना था कि लोकतंत्र में सबकों बात रखने का अधिकार है. उन्होंने लिखा,
एक अन्य यूजर ने लिखा,
गगन प्रताप के समर्थकों ने शो ऑफ भी किया. उन्होंने लिखा,
विरोधियों ने गगन प्रताप से माफी की मांग की. एक यूजर ने लिखा,
एक यूजर ने सोशल मीडिया का असली दर्शन कराते हुए इंगेजमेंट लाने वाला सवाल किया. दोनों हैशटैग यूज किये कि दोनों तरफ की भीड़ आए. लिखा गया- गगन प्रताप जैसे जातिवादी मानसिकता के लोग टीचर बने बैठे हैं, इन्हें OBC, SC, ST का आरक्षण दिख रहा है लेकिन असंवैधानिक EWS आरक्षण नहीं दिखा?
उन्होंने लिखा कि गगन प्रताप ने EWS आरक्षण के बारे में दो शब्द भी नहीं बोला.
वीडियो: सोशल लिस्ट : गणित के टीचर गगन प्रताप के ट्वीट पर मचा बवाल, आरक्षण और परीक्षाओं पर क्या लिखा?

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