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ट्रकों से दिल्ली-NCR को मिलेगी राहत, शुरू हुआ KMP एक्सप्रेस-वे

2010 तक बनकर तैयार होना था. पर लेट होता चला गया प्रोजेक्ट. जानिए कैसे फायदेमंद है ये KMP एक्सप्रेस-वे आपके लिए.

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लल्लनटॉप
5 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 5 अप्रैल 2016, 10:43 AM IST)
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दिल्ली की सड़कों पर अब बाहर से आने वाले ट्रक और गाड़ियां कम दिखेंगे. मंगलवार को नितिन गडकरी और हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने KMP एक्सप्रेस-वे का फीता काट दिया है. इसके चालू होने से होगा ये कि फरीदाबाद की सड़कों पर करीब 70 हजार गाड़ियों का रूट दूजा हो जाएगा. कोसी और पलवल से जो गाड़ियां दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, रोहतक से आते हैं. ये गाड़ियां अब कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे (KMP) से गुड़गांव की तरफ आ सकेंगी. रूट पर ट्रैफिक भी कम रहेगा. 136 किलोमीटर लंबे इस रूट का फिलहाल सिर्फ 53 किलोमीटर रास्ता ही यूज किया जा सकता है. ये प्रोजेक्ट वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पूरा अभी तैयार नहीं हुआ है. विकास कार्य प्रगति पर है. पर हमने सोचा ये जब बनेगा तब बनेगा. पर उससे पहले आपको बता दें कि ये KMP आखिर है क्या. 1. वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की टोटल लंबाई 135 किलोमीटर है. इसे 45 Km के तीन हिस्सों में बांटा गया है. ये मानेसर, कुंडली, और पलवल को जोड़ेगी. 2. इस एक्सप्रेस-वे पर 5 फ्लाईओवर बनने हैं. एक फ्लाईओवर NH-1 पर कुंडली के पास जहां से यह एक्सप्रेस-वे शुरू होगी. दूसरा फ़्लाइओवेर NH-10 पर बहादुरगढ़ के पास. तीसरा मानेसर के पास NH-8 पर. सोहना के पास चौथा NH-17B और पांचवां फ्लाईओवर NH-2 पर पलवल के पास बनेगा. 3. KMP पलवल, गुड़गांव, मेवात, झझर और सोनीपत जिलों से होकर गुजरेगा. मंगलवार को जिस एक्सप्रेस-वे को चालू किया गया है वो NH-2 (मथुरा रोड) में ‘पलवल’ को NH-8 (दिल्ली-जयपुर) पर ‘मानेसर’के पास जोड़ेगा. 4. इस प्रोजेक्ट के दूसरा हिस्सा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे है. ये कहलाएगा KGP. उसका काम भी चालू हो चूका है. बनकर तैयार होने पर ये हाईवे कुंडली, ग़ाज़ियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और पलवल को जोड़ेगा. 5. इन दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली के बाहर-बाहर एक रिंग रोड बनेगा, जिसकी पूरी लम्बाई लगभग 271 किलोमीटर होगा. जिससे डीजल गाड़ियांऔर ट्रक जो दिल्ली के बाहर से आते हैं. वो दिल्ली के बाहर से ही निकल जाएंगे. इससे दिल्ली का पॉल्यूशन कम होने की उम्मीद कर सकते हैं. 6. 2006 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स तक पूरा हो जाना था. लेकिन फाइनली 2016 में एक्सप्रेस-वे के अच्छे दिन आए हैं. (ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे शिवेंदु शिवम ने लिखी है)

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