मैक्रों ने तो ट्रंप को आंखें दिखा दीं, बोले- 'अमेरिका सब नियम तोड़कर...'
इमैनुएल मैक्रों गुरुवार, 8 जनवरी को पेरिस के एलिसी पैलेस में फ्रांसीसी राजदूतों के एनुअल फंक्शन में शामिल हुए.इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में चेतावनी दी कि युद्धों को रोकने की नीयत से बनाए गए नियमों की वैश्विक व्यवस्था जल्दी ही खत्म हो सकती है.
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क्या डॉनल्ड ट्रंप का अमेरिका अपने दोस्तों से दूर हो रहा है? ये सवाल खुद अमेरिका के दोस्तों ने उठाना शुरू कर दिया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने साफ कहा है कि अमेरिका जिस तरह की नीतियां अपना रहा है, वो उसे सहयोगियों से दूर ले जा रही हैं. जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वॉल्टर स्टीनमेयर ने भी अमेरिकी नीतियों को लेकर नाराजगी जाहिर की है. दोनों नेताओं ने आरोप लगाने के लहजे में कहा है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय नियमों से मुक्त हो रहा है और अब दुनिया पर 'लुटेरों का अड्डा' बनने का खतरा मंडरा रहा है.
इमैनुएल मैक्रों गुरुवार, 8 जनवरी को पेरिस के एलिसी पैलेस में फ्रांसीसी राजदूतों के एनुअल फंक्शन में शामिल हुए. द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में चेतावनी दी कि युद्धों को रोकने की नीयत से बनाए गए नियमों की वैश्विक व्यवस्था जल्दी ही खत्म हो सकती है.
मैक्रों ने अमेरिका का नाम लेकर कहा,
"अमेरिका निश्चित ही एक महाशक्ति है. लेकिन वह धीरे-धीरे अपने सहयोगी देशों से दूर होता जा रहा है. साथ ही उन 'अंतरराष्ट्रीय नियमों' से भी पल्ला झाड़ते जा रहा है जिनका वह हाल के दिनों तक पक्ष लेता था."

वहीं, जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वॉल्टर स्टीनमेयर ने भी अमेरिका को आगाह करने वाला बयान दिया. बुधवार, 7 जनवरी को उनका 70वां जन्मदिन था. इस मौके पर बर्लिन में एक पार्टी आयोजित की गई थी. इसमें स्टीनमेयर ने कहा, “विश्व का लोकतंत्र खतरे में है.”
वॉल्टर ने अपने संबोधन में आगे कहा कि अमेरिका जर्मनी का महत्वपूर्ण साझेदार है. उसने वैश्विक व्यवस्था को बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है. लेकिन अब उसके ‘मूल्यों में गिरावट’ आ गई है.

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हाल ही में अमेरिका ने लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला पर ताबड़तोड़ हमले किए थे. इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलीया फ्लोरेस को बंदी बना लिया और जबरदस्ती उनके देश से निकालकर अपने यहां ले आया. दुनियाभर में डॉनल्ड ट्रंप के इस कदम की आलोचना की गई. हालांकि ज्यादातर यूरोपीय देशों ने खुलकर अमेरिका की आलोचना नहीं की. लेकिन अब मैक्रों और स्टीनमेयर के बयानों को इस हमले से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
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