फ्रांस में लड़के की हत्या करने वाले पुलिसवाले के लिए 9 करोड़ का चंदा, दादी बोलीं- "दिल टूट गया"
फ्लोरियन एम के लिए चंदा जुटाने की शुरुआत जीन मेसिहा ने की. वो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे धुर-दक्षिणपंथी नेता एरिक ज़ेमौर के पूर्व प्रवक्ता हैं.

फ्रांस के दंगों से एक नया विवाद सामने आ रहा है. पुलिस अधिकारी फ्लोरियन (Florian France) के परिवार के लिए करीब नौ करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा हुआ. द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये मृतक लड़के नाहेल एम (Nahel France) के लिए इकट्ठा हुए चंदे से बहुत ज्यादा है. नाहेल के परिवार को करीब दो करोड़ रुपये दान में मिले हैं.
17 साल के लड़के की हत्या का मामलाफ्लोरियन पर 17 साल के नाहेल एम की हत्या करने के मामले में जांच चल रही है. दरअसल, 27 जून को फ्रांस की राजधानी पेरिस में दो पुलिसवालों ने एक कार को ट्रैफिक चेकपॉइंट पर रोका था. इसमें तीन लोग सवार थे. कार को नाहेल चला रहा था. पुलिसवालों ने दावा किया कि थोड़ी देर रुकने के बाद उसने गाड़ी आगे बढ़ा दी. इसके बाद पुलिस ने फायरिंग की. इसमें नाहेल की मौत हो गई. ये घटना राजधानी के नूतै कस्बे में हुई थी.
पुलिस ने कहा कि नाहेल रुकने के लिए तैयार नहीं था. वो नियम तोड़ रहा था. हालांकि, घटना के CCTV वीडियो में कुछ और ही दिख रहा है. वीडियो में एक कार खड़ी हुई दिखाई दे रही है. इसके बगल में 2 पुलिस अधिकारी हैं. उनमें से एक ने कार की तरफ बंदूक तान रखी है. वीडियो में सुनाई देता है कि 'तुम सिर में गोली खाओगे.' इसके बाद पुलिस अधिकारी गोली चला देता है और इसी दौरान कार थोड़ा आगे बढ़कर रुक जाती है.
नाहेल के घरवालों ने आरोप लगाया कि बिना किसी गलती के उसको गोली मार दी गई. उन्होंने कहा कि ये नस्लभेद की वजह से हुआ है. क्योंकि वे अल्जीरियाई मूल के हैं. ये खबर फैलने के बाद बड़े स्तर पर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. जिसने बाद में दंगों और हिंसा की शक्ल ले ली. फ्रांस में हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.
धुर-दक्षिणपंथी नेता ने इकट्ठा किया चंदाफ्लोरियन के लिए चंदा जुटाने की शुरुआत जीन मेसिहा ने की. वो राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रहे धुर-दक्षिणपंथी नेता एरिक ज़ेमौर के पूर्व प्रवक्ता हैं. उन्होंने शुरुआत में करीब 45 लाख रुपये जोड़ने का लक्ष्य रखा था. कहा गया,
"फ्लोरियन एम के परिवार की मदद करिए. वो अपनी नौकरी कर रहे थे. उसके लिए आज उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ रही है. उनकी और हमारी पुलिस की मदद करिए."
बीती 3 जुलाई तक इसके लिए 58 हजार लोगों ने दान दिया. इसमें सबसे ज्यादा एक गुमनाम व्यक्ति ने करीब 2 लाख 68 हजार रुपये दिए.
इस बीच नाहेल की दादी नादिया ने कहा कि ये देखकर उनका दिल टूट रहा है. उन्होंने कहा,
वामपंथी नेताओं का विरोध"उसने मेरे पोते की जान ले ली. उस इन्सान को भी बाकी सब की तरह भुगतना होगा. मुझे न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है. मैं न्याय पर विश्वास करती हूं."
दूसरी तरफ वामपंथी नेताओं ने भी इसे गलत बताया है. फ्रांस अनबोएड पार्टी के क्लेमेंस गुएट ने कहा कि ये बहुत खतरनाक है. इसी पार्टी की सांसद मैनन ऑब्री ने इस चंदे को रद्द करने की मांग की. उन्होंने ट्वीट किया,
"एक 17 साल के लड़के हत्या करने वाले पुलिस अधिकारी के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया. जिसकी पहल धुर-दक्षिणपंथी मेसिहा ने की. ये बताता है कि एक युवा अरब को मारने के लिए आप पैसे दे रहे हैं."
इधर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने तीन जुलाई को संसद के दोनों सदनों के नेताओं से मुलाकात की. नाहेल की मौत के पांच दिन बाद हिंसा कम होती दिख रही है. इसमें हजारों लोगों को भारी तोड़फोड़ करने के लिए गिरफ्तार किया गया है.

