पूर्व मंत्री की बिटिया की जान ले ली ससुराल वालों ने, पत्थर मार-मार के
जब बड़े-बड़े नेताओं की बहन-बिटिया सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी का क्या होगा.
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फोटो - thelallantop
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जब बड़े-बड़े नेताओं की बहन-बिटिया सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी का क्या होगा. आप सड़क पर पहरे लगा लोगे, पर घरों में जो हैवान बैठे हैं, उनसे कैसे बचाओगे?बिहार सरकार के पूर्व मंत्री हैं बीजेपी नेता बैद्यनाथ साहनी. उनकी शादीशुदा बेटी संगीता अब नहीं रही. आरोप है कि ससुराल वालों ने पत्थर मार-मार के जान ले ली. बेगूसराय के बारा गांव की घटना है. ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ FIR हुई, जिसमें चार मर्द और तीन महिलाएं हैं. तीन अरेस्ट कर लिए गए हैं. बाकी चार फरार हैं. घटना गुरुवार की है. साहनी का कहना है, 'मेरी बेटी संगीता को ससुराल वालों ने पत्थर मार मार के मार डाला. एक दिन पहले ही (20 जुलाई) को ही मैं अपनी बेटी से मिलने गया था. तब भी उसे पीटा जा रहा था.'
30 साल की संगीता की शादी साल 2000 में संतोष से हुई थी. लंबी बीमारी के बाद संतोष की मौत हो गई. बैद्यनाथ साहनी का कहना है कि इसके बाद संगीता को ससुराल वाले प्रॉपर्टी के लिए परेशान करने लगे. संतोष के मरने के बाद संगीता ही प्रॉपर्टी की वारिस हो गई थी. बताते हैं कि ससुराल वाले चाहते थे कि संगीता सारी जायदाद उनके नाम कर दे.साहनी का आरोप है कि जब 20 जुलाई को वो संगीता से मिलने गए थे तब भी उसे पत्थर से मारा जा रहा था. चोटों के बाद संगीता को तुरंत लोकल अस्पताल ले जाया गया. लेकिन 21 जुलाई की देर रात उसने दम तोड़ दिया. पुलिस सूत्र तो ये भी दावा कर रहे हैं कि संतोष की मौत के बाद उसके घर वालों ने संगीता के 12 लाख के जेवर और बोलेरो जीप पर कब्जा कर लिया. साहनी मोरवा विधानसभा से विधायक रहे हैं. वह नीतीश कुमार की इससे पहले वाली सरकार में पशुपालन मंत्री थे. 2015 में जेडीयू छोड़कर बीजेपी में आ गए थे. उनको यकीन है कि नीतीश सरकार बेटी के लिए इंसाफ पाने में उनकी मदद करेगी.

