पूर्व DSP दविंदर सिंह को हिज्बुल से लगातार 'तय सैलरी' मिल रही थी!
कहा जा रहा है कि दविंदर NIA जांच में सहयोग नहीं कर रहा है.
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दविंदर सिंह ने बताया था कि आतंकियों को कुलगाम से जम्मू ले जाने के लिए पैसे मिले थे. फोटो: India Today
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आतंकियों के साथ पकड़े गए पूर्व DSP दविंदर सिंह को हिज्बुल मुजाहिदीन से लगातार 'तय सैलरी' के तहत पैसे मिलते थे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस मामले की जांच करने वालों ने ये जानकारी दी है. दविंदर को 11 दिसंबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम से हिज्बुल के आतंकी नवीद मुश्ताक, सहयोगी आसिफ और एक वकील इरफान मीर के साथ गिरफ्तार किया गया था.
एक आतंकी पाकिस्तान जाने वाला था
एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि नवीद मुश्ताक को ट्रांसपोर्ट, छिपने की जगह देने के लिए दविंदर ने तो पैसे लिए ही, इसके अलावा पूरे साल मदद करते रहने के लिए भी दविंदर को हिज्बुल से नियमित पैसे मिलते थे. एक अधिकारी ने बताया, 'जब दविंदर को पकड़ा गया, तो वह नवीद को सर्दी में पनाह देने के लिए जम्मू ले जा रहा था. इसके बाद नवीद और आसिफ को वहां से पाकिस्तान जाना था.'
पांच साल से नवीद के संपर्क में दविंदर
अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान जाने के लिए वो क्या रूट लेते थे, इसकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया, ''दविंदर 20-30 लाख रुपए के लिए समझौता कर रहा था, लेकिन उसे पूरा पेमेंट नहीं दिया गया था. वो पहले भी ऐसे नवीद को जम्मू ले जा चुका था. वो पांच साल से नवीद के संपर्क में था और उसके पेरोल पर काम करता था. उसे नियमित रूप से हिज्बुल से पैसे मिलते थे.''
NIA जांच में दविंदर का सहयोग नहीं मिल रहा
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को नवीद के बारे में इरफान मीर के फोन से पता चला, जिसे सर्विलांस पर रखा गया था. इरफान वो वकील है, जिसे नवीद के साथ पकड़ा गया. बातचीत में पता चला कि इरफान Hyundai i10 गाड़ी में 11 जनवरी को निकलेगा, जिसके बाद गिरफ्तारी की गई. दविंदर की गिरफ्तारी चांस की बात थी. फिलहाल NIA मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों ने बताया है कि दविंदर की तरफ से जांच में सहयोग नहीं मिल रहा है.
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