पूर्व कांग्रेस नेता किरण कुमार रेड्डी ने BJP में जाकर कहा, "मेरा राजा बुद्धिमान..."
किरण रेड्डी ने कहा कि उन्होंने सपने में भी कांग्रेस छोड़ने का नहीं सोचा था, फिर उन्होंने ऐसा क्यों किया?

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने शुक्रवार, 7 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया (Kiran Kumar Reddy Joins BJP). पहले वो कांग्रेस में थे. कुछ समय पहले ही पुरानी पार्टी से इस्तीफा दिया था. अब BJP में आकर उन्होंने अपना दर्द बयान किया है. बोले कि सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी कांग्रेस छोड़ेंगे.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किरण कुमार रेड्डी को BJP की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर जोशी ने बताया कि किरण कुमार रेड्डी का परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस का सदस्य रहा है. वहीं खुद रेड्डी ने कहा,
“मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे कभी कांग्रेस छोड़नी पड़ेगी. मेरा कांग्रेस से बहुत पुराना रिश्ता रहा है. पार्टी नेतृत्व की गलत नीतियों की वजह से पार्टी लगातार गर्त में जा रही है. कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं होती और ये सिर्फ एक प्रदेश की कहानी नहीं बल्कि पूरे देश में पार्टी की कहानी है. कहा जाता है ना- मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है, वो अपने आप नहीं सोचता, ना ही किसी की सलाह लेता है. वो कंट्रोल करना चाहते हैं. लेकिन कड़ी मेहनत या कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते.”
वहीं किरण कुमार का स्वागत करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा,
“किरण कुमार रेड्डी के परिवार के कई सदस्य कांग्रेस में थे. इनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस का सदस्य रहा है. इनके पिता 4 बार विधायक रहे हैं और मंत्री भी रहे हैं. कुछ समय पहले जब मैं इनसे मिला तो इन्होंने मुझे बताया कि वो पीएम मोदी से प्रभावित हैं. आज वो बड़ा कदम उठाते हुए BJP में शामिल हो रहे हैं. वो भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेंगे. एक विधायक और मंत्री के रूप में उनकी छवि बेदाग रही है.”
किरण कुमार रेड्डी के पिता अमरनाथ रेड्डी भी कांग्रेस में थे. वो पी. वी. नरसिम्हा राव की कैबिनेट में मंत्री थे. पिता की मृत्यु के बाद 1989 में रेड्डी आंध्र प्रदेश विधान सभा के लिए चुने गए थे. वो चार बार विधायक रहे चुके हैं. 1989, 1999, 2004 और 2009. जून 2009 में रेड्डी को सर्वसम्मति से आंध्र प्रदेश की 13वीं विधानसभा का अध्यक्ष या स्पीकर चुना गया था.
पहले भी कांग्रेस से इस्तीफा दिया थाकिरण कुमार पहले भी कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं. 2014 में UPA सरकार ने आंध्र प्रदेश को विभाजित करने और तेलंगाना को अलग करने का फैसला किया था. तब उसके विरोध में किरण कुमार ने इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपनी पार्टी जय समैक्य आंध्र पार्टी बनाई और 2014 चुनावों में कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार भी उतारे. हालांकि 2018 में वो फिर से कांग्रेस में लौट गए.
कांग्रेस नेताओं के BJP में जाने का सिलसिला जारी है. हाल ही में देश के पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी BJP में शामिल हुए. किरण कुमार रेड्डी के इस्तीफे के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि वो भी BJP में जा सकते हैं.
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