पॉलिटिक्स के मार्केट में नई पार्टी आने वाली है स्वराज अभियान वालों की
प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव कर सकते हैं ऐलान. केजरीवाल से हुए बवाल के बाद AAP से निकाल दिया गया था.
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फोटो - thelallantop
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अगले साल माने 2017 में देश के पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. मौके का फायदा उठाने के लिए अब स्वराज अभियान के संस्थापक योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण इस महीने पॉलिटिकल पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. दरअसल आम आदमी पार्टी से निकाले जाने के बाद योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण ने स्वराज अभियान संगठन बनाया था. ये पॉलिटिकल अभियान था, पर इसे राजनीतिक पार्टी का रूप नहीं दिया गया था.
31 जुलाई को स्वराज अभियान संगठन की मीटिंग होने वाली है. जिसमें पार्टी बनाने की बात का ऐलान किया जा सकता है. स्वराज अभियान में कई ऐसे लोग जुड़े हैं, जो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से नाराज हैं.
स्वराज अभियान ने अब तक 100 जिलों में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. जहां अभियान के वॉलंटियर्स का काम लोगों की प्रॉब्लम सॉल्व करने के साथ ही ऐसे लोगों को खोजकर लाना भी है, जो स्वराज अभियान की पॉलिसीज को फॉलो करें. अब तक 1000 ऐसे लोगों को चुन लिया गया है. अब ये लोग तय करेंगे कि स्वराज अभियान को चुनाव में उतरना चाहिए या नहीं. स्वराज अभियान से जुड़े कई नेता चुनाव लड़ने के पक्ष में हैं. वैसे संगठन के अंदर पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात और गोवा के अलावा दिल्ली के एमसीडी के चुनाव में भी उतरने की मांग चल रही है.

