असम: भ्रष्टाचार रोधी टीम ने छापा मारा, अधिकारी घूस का पैसा लेकर भागा, 1 किलोमीटर दौड़ाकर पकड़ाया
इन दिनों राज्य में औचक रूप से छापेमारी हो रही है, लेकिन क्या करे अधिकारी माने, पकड़ा गया!

असम (Assam) सरकार ने रिश्वत (Corruption) लेने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अब वहां के कछार (Cachar) जिले में एक फॉरेस्ट रेंजर (Forest Ranger) रिश्वत के मामले में रंगे हाथ पकड़ा गया है. छापे की खबर मिलते ही रेंजर देवव्रत गोगोई (Debabrata Gogoi) अपने कार्यालय से निकलकर रिश्वत की रकम के साथ भागने लगा. करीब 1 किमी तक पीछा करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने उसे धर दबोचा. गोगोई ने टीम की चंगुल से भागने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नाकामयाब रहा.
दरअसल इन दिनों असम के सरकारी दफ्तरों में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (Directorate of Vigilance and Anti-Corruption) का अभियान चल रहा है. कछार जिले के लखीपुर वन मंडल में देवव्रत गोगोई रेंजर का पद संभाल रहे हैं. उन पर वन संसाधनों की तस्करी के बदले एक व्यापारी से कथित तौर पर रिश्वत लेने का आरोप लंबे समय से लग रहा था.
रंगे हाथों पकड़ा गया देवव्रत गोगोईआज तक के संवाददाता पूर्णा बिकास बोरा की रिपोर्ट के मुताबिक, गोगोई को रंगे हाथ पकड़ने के लिए गुप्त सूचना के आधार पर निदेशालय के अधिकारियों ने उसके ऑफिस पर छापा मारा. छापेमारी की ये खबर जब गोगोई को लगी तो वो अपने ऑफिस से रिश्वत के पैसे लेकर भागने लगा. लेकिन टीम ने कुछ दूरी से रेंजर को पकड़ लिया और एक्शन लिया.
असम पुलिस के विशेष महानिदेशक जीपी सिंह ने इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए ट्वीट किया है और घटना का वीडियो भी शेयर किया है.
फिलहाल रेंजर गोगोई से पूछताछ की जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक गोगोई के गुवाहाटी और जोरहाट स्थित निवास पर भी छापेमारी की गई है.
इससे पहले भी निदेशालय की टीम ने असम के मोरीगांव और डिब्रूगढ़ में अलग-अलग छापेमारी में दो अधिकारियों को रिश्वत लेने के मामले में पकड़ा था. जिसमें एक शिक्षा अधिकारी और जिला आबकारी अधीक्षक का था.
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