HAL ने बैन तकनीक रूस को भेजी? न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय ने खारिज किया
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि HAL हमेशा अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और उपयोगकर्ता प्रतिबद्धताओं का पालन करता है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हमने रिपोर्ट देखी है. यह रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है. इसमें मुद्दों को गलत तरीके से पेश किया गया है."

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 31 मार्च को The New York Times की उस रिपोर्ट को सख्ती से खारिज कर दिया जिसमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर ‘प्रतिबंधित तकनीक रूस को ट्रांसफर’ करने का आरोप लगाया गया है. मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक’ बताया है. इकॉनमिक टाइम्स के मुताबिक मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि इस रिपोर्ट में तथ्यों को ‘तोड़-मरोड़ कर’ पेश किया गया है और एक खास ‘राजनीतिक एजेंडे’ के तहत मुद्दों को ‘गढ़ा’ गया है.
HAL पर लगे आरोपों का जवाबहिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि HAL हमेशा अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और उपयोगकर्ता प्रतिबद्धताओं का पालन करता है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा,
मंत्रालय ने भारत के मजबूत कानूनी और नियामक ढांचे (Regulatory Framework) पर भी जोर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है. उसने दोहराया कि भारत की सभी कंपनियां विदेश में व्यापार करते समय इन नियमों का पालन करती हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा,
रिपोर्ट में क्या कहा गया था?The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की एयरोस्पेस कंपनी HR Smith Group ने 2023 और 2024 के बीच HAL को कुछ प्रतिबंधित तकनीक भेजी थी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि HAL ने इस तकनीक को रूस की सरकारी रक्षा एजेंसी Rosoboronexport को ट्रांसफर कर दिया.
कस्टम रिकॉर्ड्स के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि HR Smith की सहायक कंपनी Techtest ने 2023 और 2024 में कथित तौर पर HAL को 118 शिपमेंट्स भेजे थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 20 लाख डॉलर थी. इसी अवधि में कथित तौर पर HAL ने रूस की Rosoboronexport को 13 शिपमेंट्स भेजे, जिनकी कुल कीमत $14 मिलियन थी.
रिपोर्ट में इन उपकरणों को "Dual-Use Technology" बताया गया, जिसे ब्रिटेन और अमेरिका रूस के सैन्य अभियानों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि इसका कोई ठोस सबूत नहीं है कि HR Smith की तकनीक सीधे रूस पहुंची. रिपोर्ट में शिपमेंट रिकॉर्ड और उत्पाद कोड के मेल खाने को सबूत के रूप में पेश किया गया है.
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