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फुटबॉल से टकराकर हवा से मैदान पर गिरा पक्षी, इस खिलाड़ी ने CPR देकर बचा लिया

इस्तांबुल युर्दुम स्पोर के गोलकीपर मुहम्मेट उयानिक ने गोल बचाने के लिए अपने पेनल्टी एरिया से गेंद को दूर धकेल दिया. फुटबॉल एक मैदान में उड़ती हुई सीगल से जा टकराई.

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24 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 24 फ़रवरी 2026, 11:30 PM IST)
seagull injured during football match
बॉल लगने से मैदान पर गिर पड़ी सीगल. (x)
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इंसानियत की भावना ही खेल भावना है. ये तुर्किये में एक लोकल फुटबॉल मैच में साबित हो गया, जब एक खिलाड़ी ने थोड़ी देर के लिए खेल रोककर जरा-सी कोशिश से एक परिंदे की जिंदगी बचा ली. मैच के दौरान गोलकीपर के पैर से लगी फुटबॉल हवा में उड़ रहे एक सीगल (Seagull) को जा लगी थी. चोट लगते ही पक्षी मैदान में ही बेहोश होकर गिर पड़ा. 

इसके बाद तत्काल एक खिलाड़ी सीगल के पास पहुंचा और उसे सीपीआर देने लगा. थोड़ी देर में बेहोश पक्षी की आंखें और पैर एक्टिव हुए. खिलाड़ी ने तुरंत उसे मैदान के बाहर बैठे डॉक्टरों को सौंप दिया. बताया गया है कि पक्षी की जान बच गई है. उसके पंख घायल हैं और वह उड़ नहीं पा रहा है. उसका इलाज किया जा रहा है.

घटना तुर्किये की राजधानी इस्तांबुल में एमेच्योर लीग प्ले-ऑफ फाइनल के दौरान हुई. यह एक लोकल लेवल का टूर्नामेंट है. इस मैच में मेवलानाकापी गुज़ेलहिसार नाम की टीम का मुकाबला इस्तांबुल युर्दुम स्पोर से था. मैच काफी निर्णायक मोड़ पर चल रहा था. 22वें मिनट में इस्तांबुल युर्दुम स्पोर के गोलकीपर मुहम्मेट उयानिक ने गोल बचाने के लिए अपने पेनल्टी एरिया से गेंद को दूर धकेल दिया. फुटबॉल एक मैदान में उड़ती हुई सीगल से जा टकराई.

टक्कर लगते ही सीगल जमीन पर आ गिरी. थोड़ी देर तक किसी को पता भी नहीं चला कि क्या हुआ. उयानिक कहते हैं कि पहले तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि गेंद किससे टकराई है? उनकी टीम के कप्तान गनी कैटन वो पहले खिलाड़ी थे, जिन्होंने ये जान लिया कि गेंद किसी पक्षी को लगी है. वह भागकर उसके पास पहुंचे. उन्होंने बताया कि सीगल बेहोश थी और सांस नहीं ले पा रही थी. कैटन तुरंत उसे सीपीआर देने लगे. इसमें मरीज की छाती पर दबाव डाला जाता है. कैटन पक्षी के ऊपरी हिस्से पर दबाव डालने लगे. 

कैटन ने बताया कि उन्होंने लगभग दो मिनट तक उसके सीने पर दबाव डाला. उन्होंने देखा कि पक्षी के पैरों और आंखों में हरकत होने लगी. इसके बाद पक्षी ने होश संभालना शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि सीगल को तुरंत पानी दिया गया और फिर उसे मैदान के किनारे ले जाकर मैच के दौरान मौजूद डॉक्टरों को सौंप दिया.

कैटन कहते हैं कि उन्होंने जीवन में कभी किसी तरह की मेडिकल ट्रेनिंग नहीं ली. पक्षी को बेहोश देखकर उन्हें उसकी जान बचाने के लिए सीपीआर का तरीका ही सूझा. 

डॉक्टरों की टीम के पास पहुंचने के बाद सीगल का इलाज शुरू हुआ. बताया गया कि उसके पंख डैमेज हो गए थे. वह उड़ नहीं पा रही थी, लेकिन अच्छी बात ये है कि वह अपने पैरों पर चल रही थी. डॉक्टरों ने बताया कि उसे पहले जैसा उड़ने में अभी थोड़ा और समय लगेगा. 

सीगल पक्षी को फुटबॉल लगने का सीन पूरे मैच पर भारी पड़ गया. जिसने भी इसे देखा वह स्तब्ध रह गया. पूरे स्टेडियम में सन्नाटा छा गया. इस मैच का लाइव टेलीकास्ट किया जा रहा था. कई लोगों ने मैच का लाइव टेलीकास्ट कर रहे ओनुर ओज़सोय से कॉन्टैक्ट किया और पक्षी के बारे में जानकारी मांगी.   

इधर पक्षी को बचाने वाले कैटन जिस इस्तांबुल युर्दुम स्पोर टीम को लीड कर रहे थे, वो टीम मैच हार गई. इसके साथ ही वो चैंपियनशिप से बाहर हो गए. इस पर कैटन ने कहा कि हम चैंपियनशिप से तो चूक गए, लेकिन किसी की जान बचाकर अच्छा लगा. यह चैंपियनशिप जीतने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण था.

पक्षी को बॉल लगने और फिर उसे बचाने के लिए सीपीआर देने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोग कैटन की इंसानियत भरे काम की जमकर तारीफ कर रहे हैं. 

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