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  • Flight752: Iranian missile accidentally brought down Ukrainian Plane, accuse US and Canada

क्या ईरान ने ही ग़लती से मिसाइल दागकर यूक्रेन का वो प्लेन गिराया, जिसमें 176 लोग मारे गए?

ये ग़लती कैसे हुई, इसकी भी एक थिअरी है. वैसे US का कहना है कि उसके पास इसके सबूत हैं.

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10 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 10 जनवरी 2020, 09:51 AM IST)
बायीं तरफ प्लेन का मलबा. इस हादसे में क्रू मेंबर समेत सभी 176 लोग मारे गए. दायीं तरफ़ NYT और CNN द्वारा चलाए गए विडियो फुटेज का स्क्रीनग्रैब है. कहा जा रहा है कि इस विडियो से पता चलता है कि यूक्रेन के इस Flight752 को ईरानी मिसाइल ने गिराया (फोटो: PTI/Video Grab)
बायीं तरफ प्लेन का मलबा. इस हादसे में क्रू मेंबर समेत सभी 176 लोग मारे गए. दायीं तरफ़ NYT और CNN द्वारा चलाए गए विडियो फुटेज का स्क्रीनग्रैब है. कहा जा रहा है कि इस विडियो से पता चलता है कि यूक्रेन के इस Flight752 को ईरानी मिसाइल ने गिराया (फोटो: PTI/Video Grab)
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8 जनवरी की तड़के सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में Ukraine International Airlines Flight 752 प्लेन क्रैश  हो गया था. इसमें सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफ़गानिस्तान के चार, जर्मनी और ब्रिटेन के तीन-तीन लोग शामिल थे. अब अमेरिका और कनाडा ने आरोप लगाया है कि इस बात कि बहुत संभावना है कि ईरान की मिसाइल ने ग़लती से यूक्रेन के प्लेन Flight752 को मार गिराया. इस विमान हादसे का बैकग्राउंड क्या है? 8 जनवरी को जिस दिन ये विमान हादसा हुआ, उसी दिन ईरान ने अमेरिकी फ़ौज को निशाने बनाते हुए दो इराकी मिलिटरी एयरबेस पर मिसाइलें दागी थीं. 3 जनवरी को बगदाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट के बाहर ईरान की कुद्स फोर्स के चीफ मेजर जनरल क़ासिम सुलेमानी को अमेरिका ने मार डाला था. इसी का बदला लेने की जवाबी कार्रवाई के तहत ईरान ने 8 जनवरी को मिसाइल अटैक किया. अब कहा जा रहा है कि इन्हीं मिसाइलों में से एक मिसाइल तेहरान से उड़कर यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहे Flight752 लगा और उसकी वजह से प्लेन क्रैश हुआ. अगर ऐसा हुआ, तो कैसे हुआ होगा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी ख़ुफिया एजेंसियों का कहना है कि ईरानी 'एयर डिफेंस सिस्टम' ने ज़मीन से हवा में वार करने वाले दो मिसाइल छोड़े Flight752 पर. ये रूस का बनाया सिस्टम है. मॉस्को ने 2005 में तेहरान को ये बेचा था. दावा है कि इसी Tor  सिस्टम से मिसाइल दागे गए. ये Tor सिस्टम मध्यम से लेकर नीचे की ऊंचाई पर काम करने के लिए बना है. ये एयरक्राफ्ट के अलावा मिसाइल जैसी चीजें भी खोज लेता है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इराकी ठिकानों पर की जा रही अपनी कार्रवाई के बीच ईरान को अंदेशा होगा. कि शायद अमेरिका उसपर जवाबी हमला करे. ऐसे में एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए इस Tor सिस्टम को तैनात किया गया होगा. इस तरह के एक सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए तीन से चार लोग लगते हैं. उनका काम होता है रेडार पर आसपास दिख रहे विमानों को ट्रैक करना. कौन सा दुश्मन विमान है और कौन सा नहीं, इसकी पहचान में ग़लती हो सकती है. Flight752 के साथ शायद यही ग़लती हुई और सिस्टम ने उसपर मिसाइल छोड़ दिए. मिसाइल थिअरी का सबूत? न्यू यॉर्क टाइम्स (NYT) और CNN ने एक विडियो ज़ारी किया है. बताया जा रहा है कि इस विडियो से मालूम चलता है कि किस तरह मिसाइल लगने की वजह से Flight752 क्रैश हुआ. न्यू यॉर्क टाइम्स ने कहा है कि विडियो की पुष्टि हो चुकी है. हालांकि CNN ने विडियो की पुष्टि नहीं की है. NYT और CNN के मुताबिक, नरीमन ग़ारिब नाम के एक इंटरनेट फ्रीडम रिसर्चर ने ये विडियो उन्हें भेजा है. नरीमन ने भी 9 जनवरी को रात साढ़े 11 बजे ये विडियो ट्वीट किया. इसमें लिखा है-
मुझे एक सूत्र ने ये विडियो उपलब्ध कराया है. इसमें उस समय की फुटेज है, जब मिसाइल ने #Flight752 को हिट किया. मैं अभी इस विडियो की पुष्टि नहीं कर पाया हूं, लेकिन अगर आपको कुछ मिले तो प्लीज मुझे बताइएगा. जिस शख्स ने मुझे ये विडियो भेजा है, मैं उसके साथ संपर्क में हूं. ये पता करने की कोशिश कर रहा हूं कि क्या हमें मेटा डेटा वाला विडियो मिल पाएगा.
इस विडियो में क्या दिखता है? NYT ने विडियो की तफ़्तीश में पाया कि आसमान में उड़ रहे Flight752 में एक धमाका होता है. ऐसा लगता है कि मिसाइल लगने की वजह से ये धमाका हुआ. जिस वक़्त ये हुआ, तब विमान तेहरान एयरपोर्ट के नजदीकी शहर 'परांड' के ऊपर था. मगर विडियो में नज़र आता है कि धमाके के बाद Flight752 तुरंत ही नहीं फटता. वो कुछ मिनटों तक आसमान में उड़ता रहता है. फिर एयरपोर्ट की तरफ वापस मुड़ जाता है. इस समय तक Flight752 ने सिग्नल ट्रांसमिट करना बंद कर दिया था. ये वापस तेहरान एयरपोर्ट की ओर बढ़ रहा था कि ये फट पड़ा और तुरंत क्रैश हो गया. ईरान ने इस विमान हादसे के पीछे तकनीकी दिक्कत को कारण बताया था. मगर यूक्रेन का कहना है कि दो दिन पहले ही विमान की जांच हुई थी और सब ठीक पाया गया था. US के पास क्या सबूत है? अमेरिका का कहना है कि उसके पास प्लेन क्रैश होने से पहले दो मिसाइल दागे जाने के सबूत हैं. अमेरिकी सेना के पास इन्फ्रारेड सिस्टम है. ये अलग-अलग जगहों पर मौजूद सैटेलाइट्स की मदद से किसी भी जगह से दागी गई बलिस्टिक मिसाइल की लॉन्चिंग और उसके रास्ते को ट्रैक कर लेता है. इसने ईरान वाले इस मिसाइल लॉन्च को भी ट्रैक किया. अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सेंसर मुख्य तौर पर लंबी दूरी के मिसाइल लॉन्च से सुरक्षा के लिए बने हैं. मगर कई बार वो एयर डिफेंस सिस्टम की लॉन्चिंग को भी ट्रैक कर लेते हैं. इनमें कम ऊंचाई पर दागे गए मिसाइल भी शामिल हैं. इस इन्फ्रारेड सिस्टम से मिले डेटा के अलावा US खुफिया एजेंसियों ने ईरान के अंदर हो रही बातचीत में भी सेंध लगाई. इनका दावा है कि दोनों ही बातें विमान के मिसाइल से हिट होने की जानकारी की पुष्टि करती हैं. डॉनल्ड ट्रंप ने इसपर संयत प्रतिक्रिया दी. बोले-
हो सकता है उस तरफ (ईरान में) किसी से कोई ग़लती हुई हो. वो विमान काफी तनावग्रस्त जगह में उड़ रहा था और हो सकता है किसी से ग़लती हो गई हो.
कनाडा ने क्या कहा है? Flight752 हादसे में ईरान के बाद सबसे ज़्यादा लोग कनाडा के मारे गए हैं. कनाडा के PM जस्टिन ट्रूडो भी मिसाइल अटैक वाली थिअरी की बात कर रहे हैं. उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच करवाए जाने की मांग की है. ट्रूडो बोले-
कनाडा के इंटेलिजेंस और कई खुफ़िया जानकारी से पता चलता है कि ईरान की ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से हिट होने के कारण यूक्रेन का पैसेंजर प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. हो सकता है ऐसा जान-बूझकर ना किया गया हो. इसकी जांच होनी चाहिए. कनाडा के लोगों के मन में कई सवाल हैं, जिनका उन्हें जवाब मिलना चाहिए. 
यूक्रेन की सरकार ने क्या कहा है? यूक्रेनियन सरकार ने UN से बिना शर्त समर्थन की मांग की है. वो इस पूरे मामले की जांच चाहता है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दीमिर जेलेंस्की ने कहा-
हम सच का पता ज़रूर लगा लेंगे. हम एक विस्तृत और स्वतंत्र जांच कराएंगे.
ईरान ने क्या कहा है? तेहरान ने मिसाइल हिट होने वाले आरोपों से इनकार किया है. ईरान के एक सरकारी TV चैनल 'प्रेस टीवी' ने ईरान की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के हवाले से कहा-
यूक्रेन के प्लेन के मिसाइल से हिट होने की ख़बरें अतार्किक अफ़वाह है.
ईरान सरकार के प्रवक्ता अली रबीई ने मिसाइल से विमान के हिट होने के आरोपों को 'बहुत बड़ा' झूठ बताया. उनके मुताबिक, इस बहाने ईरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा रहा है. ईरान की शुरुआती जांच रिपोर्ट क्या कहती है? तेहरान ने 9 जनवरी को इस हादसे की एक शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की. इसके मुताबिक, ज़मीन पर गिरने से पहले ही Flight752 में आग लग चुकी थी. मगर Flight752 की तरफ से कोई डिस्ट्रेस सिग्नल नहीं भेजा गया था. ईरान ने बताया कि एक सिक्यॉरिटी कैमरे में हादसा रेकॉर्ड हो गया. इसमें पहले सुबह का अंधेरा दिखता है. फिर आसमान में तेज़ रोशनी होती है. इसके बाद Flight752 ज़मीन पर गिरता नज़र आता है. ईरान ने थिअरी पर जो सवाल किए, उसपर भी सवाल है? ईरान ने इस मिसाइल थिअरी पर सवाल खड़े किए हैं. उसका कहना है कि अगर Flight752 में मिसाइल लगा होता, तो उसके अंदर विस्फोट होता. मगर NYT के मुताबिक, Tor सिस्टम एयरक्राफ्ट को सीधे हिट नहीं करता. बल्कि उसे एयरक्राफ्ट के नज़दीक फटने के लिए डिज़ाइन किया गया है. ताकि उससे निकले छर्रे, शार्पनेल और बाकी चीजें विमान को नीचे गिरा दें. 'ब्लैक बॉक्स' को क्या हुआ? ईरान ने Flight752 का 'ब्लैक बॉक्स' खोज लिया है. मगर विमान दुर्घटना और आग के कारण इसे नुकसान पहुंचा है. इसकी वजह से 'ब्लैक बॉक्स' में स्टोर हुई कुछ जानकारियों के मिट जाने की आशंका है. मगर जांचकर्ता कह रहे हैं कि इसके बावजूद वो ज़रूरी जानकारियां निकाल लेंगे. ईरान ने विमान बनाने वाली कंपनी 'बोइंग' को भी जांच में शामिल होने कहा है. मगर ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों के कारण बोइंग सीधे वहां की सरकार से संपर्क नहीं कर सकती. इसके लिए उसे एक्सपोर्ट लाइसेंस बनाना होगा. बोइंग ये लाइसेंस बनवा रही है. ईरान ने कनाडा और अमेरिका के 'नैशनल ट्रांस्पोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड' को भी जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है. यूक्रेन क्या कह रहा है? यूक्रेन इस हादसे की वजह पता करना चाहता है. उसकी ईरान सरकार से बात हो रही है. यूक्रेन चाहता है कि उसे क्रैश वाली जगह को तलाश करने दिया जाए. यूक्रेनियन सरकार की आलोचना भी हो रही है. सवाल उठ रहे हैं कि इराकी ठिकानों पर हो रहे मिसाइल हमलों के फौरन बाद विमान को टेक-ऑफ की इजाज़त क्यों दी गई? इसपर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की का कहना है कि तेहरान हवाईअड्डा खुला था. कई और यूरोपियन एयरलाइन्स भी लैंडिंग और टेक-ऑफ कर रही थीं. क्या ईरान ने लापरवाही की? 8 जनवरी को जब ये ख़बर आई कि ईरान इराकी ठिकानों पर मिसाइल दाग रहा है, उसके बाद कई इंटरनैशनल एयरलाइन्स ने अपने विमानों का रास्ता बदला. हादसे की आशंका के मद्देनज़र ईरान और इराक के एयरस्पेस से बचा जा रहा था. ऐसे में सवाल है कि ईरान ने इस विमान को उड़ने की इजाज़त क्यों दी? एहतियात क्यों नहीं बरता क्या? फिलहाल अच्छी बात ये है कि ईरान जांच में सहयोग कर रहा है. बोइंग के लिए क्या मुश्किलें हैं? ये बोइंग के लिए भी बहुत बड़ा झटका है. ईरान में जो Flight752 गिरा, वो बोइंग का 737 विमान है. इस मॉडल का एक नया संस्करण है- 737 मैक्स. इस 737 मैक्स से जुड़े दो हादसे हो चुके हैं. इस वजह से करीब 10 महीने तक इन्हें उड़ान नहीं भरने दी गई. 2019 में बोइंग ने अपने चीफ एक्ज़िक्यूटिव को बाहर निकाल दिया था. जनवरी 2020 में ही कंपनी 737 Max बनाने वाला अपना कारखाना बंद करने जा रही है. अगर जांच में ये बात सामने आई कि सच में ही किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण विमान हादसा हुआ, तो फिर बोइंग का और रेकॉर्ड खराब होगा. उसके विमानों की सुरक्षा पर बहुत सवाल पैदा होंगे.
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