The Lallantop
Advertisement

संघर्ष से भरपूर है बिहार की पहली ट्रांसजेंडर दरोगा की दास्तान...

Manvi Madhu Kashyap: मानवी मधु कश्यप ने कहा कि किसी भी ट्रांसजेंडर के लिए यहां तक आना मुश्किलों से भरा होता है. उनके लिए भी मुश्किल रहा.

Advertisement
Manvi Madhu Kashyap
मानवी मधु कश्यप और उनके शिक्षक. (तस्वीर साभार: इंडिया टुडे)
font-size
Small
Medium
Large
10 जुलाई 2024 (Updated: 10 जुलाई 2024, 12:21 IST)
Updated: 10 जुलाई 2024 12:21 IST
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

बिहार को राज्य की पहली ट्रांसजेंडर दरोगा (First Transgender SI) मिल गई है. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC Results) ने दरोगा के 1275 पदों के लिए वैकेंसी निकाली थी. अब इसका रिजल्ट आ गया है. इस परीक्षा में तीन ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को सफलता मिली है. इनमें से दो ट्रांसमेन हैं और 1 ट्रांसवुमन हैं. बिहार की मानवी मधु कश्यप (Manvi Madhu Kashyap) देश की पहली ट्रांसजेंडर दरोगा बनीं है. वो एक ट्रांसवुमन हैं.

कश्यप भागलपुर के एक गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी इस सफलता के लिए अपने शिक्षक, अपने माता-पिता और रेशमा प्रसाद को धन्यवाद कहा है. रेशमा प्रसाद बिहार की सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वो पटना यूनिवर्सिटी में सीनेट सदस्य बनने वाली पहली ट्रांसजेंडर हैं. मानवी मधु कश्यप ने कहा कि किसी भी ट्रांसजेंडर के लिए यहां तक आना मुश्किलों से भरा होता है. उनके लिए भी मुश्किल रहा. उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक और परिवार के सपोर्ट के कारण ये रास्ता थोड़ा आसान हो पाया.

ये भी पढ़ें: बिहार जातिगत सर्वे: सुप्रीम कोर्ट ने 'ट्रांसजेंडर' को जाति मानने से क्यों इनकार किया?

K Prithika Yashini- देश की पहली ट्रांसजेंडर SI

के पृथिका यशिनी देश की पहली ट्रांसजेंडर सब-इंस्पेक्टर हैं. उन्हें साल 2015 में सफलता मिली थी. लेकिन उन्होंने 2017 में अपना चार्ज संभाला. पहले उन्हें एक अंक से फेल कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने फिजिकल परीक्षा में अपने अंकों का पुनर्मूल्यांकन करवाया और अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हुईं. इसके लिए उनको कोर्ट भी जाना पड़ा था.

K Prithika Yashini
के पृथिका यशिनी. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
बिहार में Transgender Reservation

बिहार सरकार ने जनवरी 2021 में पटना हाई कोर्ट को बताया था कि राज्य में कांस्टेबल और दरोगा की भर्ती में ट्रासजेंडर्स को आरक्षण दिया जाएगा. राज्य सरकार ने बताया था कि प्रत्येक 500 पदों पर 1 पद ट्रांसजेंडर समाज के लोगों के लिए आरक्षित किया जाएगा.

10 महीने में आया BPSSC Result

BPSSC  की इस परीक्षा में दरोगा के सभी 1275 पदों के लिए चयन कर लिया गया है. 3 ट्रांसजेंडर के अलावा 822 पुरूषों और 450 महिलाओं को सफलता मिली है. इस बहाली में आयोग ने 10 महीने का समय लिया. पिछले साल सितंबर में भर्ती निकाली गई थी. इसके बाद प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा और फिजिकल टेस्ट हुआ. प्रीलिम्स 17 दिसंबर 2023 को और मुख्य परीक्षा 25 फरवरी 2024 को कराई गई थी. इसके बाद 10 जून से 19 जून तक सफल छात्रों का फिजिकल टेस्ट कराया गया था. इसके बाद 9 जुलाई को अंतिम परिणाम घोषित किए गए

वीडियो: बैठकी: ट्रांसमॉडल खुशी शेख कैसे बनीं सोशल मीडिया स्टार? ट्रांसजेंडर्स को लेकर फैले झूठ पर क्या बताया?

thumbnail

Advertisement

Advertisement