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दो साल की बच्ची का रेप, डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज

कहा, पहले पुलिस को बुलाओ. तब करेंगे भर्ती.

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लल्लनटॉप
11 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 11 अप्रैल 2016, 11:21 AM IST)
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गुड़गांव में दो साल की बच्ची के साथ रेप हुआ. विक्टिम को बिना इलाज किए डॉक्टर्स ने वापस भेज दिया. डाक्टर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. बच्ची की मां ने बताया कि शनिवार दोपहर में उसने अपनी बच्ची की ब्लीडिंग होते देखा. वो उसे लेकर सिविल हॉस्पिटल गई. लेकिन डॉक्टर्स ने कहा कि वो इलाज तभी करेंगे जब पुलिस आएगी. वो वापस लौट गई. अगले दिन भी जब दर्द बंद नहीं हुआ तो वो उसे लेकर फिर हॉस्पिटल गई. डॉक्टर्स ने उसे फिर से वापस भेज दिया. डॉक्टर्स के खिलाफ सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में सेक्शन 166B  के तहत FIR दर्ज की गई है. सेक्शन 166B यानी Public Servant disobeying law for intent to cause injury. डॉक्टर्स का बच्ची को इस तरह बिना इलाज किये वापस भेज देना बेहद अमानवीय है. पुलिस के न आने से उन्होनें इलाज करने से मना कर दिया, जबकि रेप विक्टिम्स के इलाज के लिए तय गइडलाइंस कुछ और ही कहते हैं. मार्च 2014 में यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री ने नई गाइडलाइंस रिलीज़ की थीं. जिनके मुताबिक:
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हमारे समाज में रेप विक्टिम को शर्मिंदा महसूस कराया जाता है. लोग उन्हें बुरा मानते हैं. कम से कम पुलिस औऱ डॉक्टर्स को तो इस तरह जजमेंटल न होकर प्रोफेशनल होना चाहिए. कम से कम अपनी इंसानियत तो नहीं भूलनी चाहिए. (ये स्टोरी द लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने एडिट की है.)

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