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LIC ने अडानी ग्रुप में निवेश क्यों किया? निर्मला सीतारमण का जवाब- 'सब पब्लिक में है'

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के चलते मुश्किलों में घिरे अडानी ग्रुप को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या-क्या कहा?

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7 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 7 फ़रवरी 2023, 02:07 PM IST)
finance minister nirmala sitharaman on adani
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नियामक अपना काम कर रहे हैं.
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हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद शुरू हुए अडानी विवाद पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान आया है. सोमवार, 6 फरवरी को उन्होंने कहा कि नियामक संस्थाएं अपना काम कर रही हैं. बिजनेस टुडे बजट राउंडटेबल 2023 इवेंट में बोलते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार के कहने पर बैंक और LIC जैसी संस्थाएं निवेश नहीं करती हैं, इसलिए पूरे मामले में सरकार की कोई भी भूमिका नहीं है.

"निवेश के लिए सरकार ने नहीं कहा"

अडानी मामले पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा,

“LIC और SEBI के बयान आ चुके हैं, जो पूरी तरह से पब्लिक में हैं. सरकार LIC को नहीं बताती कि कहां निवेश करे और कहां नहीं. इसी तरह बैंक भी निवेश का फैसला खुद ही लेता है. निवेश करना न करना बैंकों का अपना फैसला है. सरकारी बैंकों का हाल जानने के लिए आप तिमाही रिजल्ट देख सकते हैं. पिछले 2-3 सालों में बैंकों का मुनाफा बढ़ रहा है और एनपीए कम हो रहा है.”

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि SEBI अपना काम कर रही है. RBI, SEBI और अडानी का भी इस मामले पर बयान आ चुका है, जो पब्लिक के बीच में है. अगर कोई रेगुलेटरी अथॉरिटी बार-बार बाजार में अच्छे-बुरे की बात करे, तो इससे मार्केट पर असर पड़ता है. सीतारमण ने कहा कि सरकार की इस सब में कोई भूमिका नहीं है, इसलिए मामले पर ज्यादा कुछ कहने को है नहीं.

क्या अडानी ग्रुप के शेयर्स में गिरावट केवल एक कंपनी तक ही सीमित है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 

“मुझे ऐसा ही लगता है. मुझे इस मामले का भारत में कैश फ्लो पर कोई असर पड़ता हुआ नहीं दिख रहा है. पिछले कुछ दिनों में हमारा विदेशी मुद्रा भंडार भी बढ़ा है.” 

वित्त मंत्री ने नियामक संस्थाओं को भी सलाह दी है

वित्तमंत्री ने कहा कि मेरी राय में नियामकों, चाहे वह आरबीआई हो या SEBI सभी को समय पर काम करते हुए बाजार को स्थिर रखना चाहिए. नियामकों को चौकस रहते हुए हमेशा पैर की उंगलियों पर खड़े रहना चाहिए.

रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने के बाद से ही अडानी ग्रुप के शेयर्स में गिरावट जारी है. कंपनी को 20 हजार करोड़ रुपए का FPO वापस लेना पड़ा था. ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में भी गौतम अडानी दुनिया के टॉप-20 अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हो गए. हालांकि, 7 फरवरी को बाजार खुलने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर्स में बढ़ोतरी हुई है.

वीडियो: अडाणी ग्रुप के विवाद पर बोलीं निर्मला सीतारमण- 'संस्थाएं अपना काम कर रही हैं'

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