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'बजट में किसी राज्य की अनदेखी नहीं की...' विपक्ष के आरोपों पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?

Union Budget 2024-25: राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बजट का जिक्र करते हुए कहा, 'इसमें दो राज्यों को छोड़ कर और किसी राज्य को कुछ नहीं मिला.'

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Nirmala Sitharaman and Mallikarjun Kharge
राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे के आरोपों का जवाब दिया. (फोटो: PTI)
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सुरभि गुप्ता
24 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 24 जुलाई 2024, 03:18 PM IST)
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट 23 जुलाई को पेश किया. विपक्ष का आरोप है कि इस बजट में दो राज्यों को छोड़कर बाकी राज्यों की अनदेखी की गई है. बुधवार, 24 जुलाई को राज्यसभा में भी विपक्ष ने यही मुद्दा उठाया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के विरोध के बीच इस बार के बजट का बचाव किया. उन्होंने कहा कि बजट भाषण में किसी राज्य का नाम नहीं लेने का मतलब ये नहीं है कि उस राज्य को नजरअंदाज किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में किसी भी राज्य की अनदेखी नहीं की गई है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष जानबूझकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है.

खरगे बोले- 'सबकी थाली खाली…'

24 जुलाई को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बजट का जिक्र करते हुए कहा,

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उन्होंने दावा किया कि बजट में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली और ओडिशा सहित कई राज्यों को कुछ नहीं मिला.

उन्होंने कहा,

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खरगे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में विपक्षी पार्टी चुनकर आई है या जहां जनता ने सत्तारूढ़ पार्टी को नकार दिया है, उन क्षेत्रों को बजट में नजरअंदाज किया गया है. खरगे ने कहा कि अगर बजट में संतुलन नहीं होगा तो विकास कैसे होगा? इसके बाद कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए.

ये भी पढ़ें- बजट 2024 के बाद देश के युवाओं को इन स्कीम के बारे में जान लेना चाहिए

विपक्ष को वित्त मंत्री का जवाब

खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बजट भाषण में अक्सर हर राज्य का नाम लेना संभव नहीं होता है. उन्होंने कहा कि बजट भाषण में किसी राज्य का नाम नहीं लेने का मतलब ये नहीं है कि उस राज्य को नजरअंदाज किया गया है. 

वित्त मंत्री ने महाराष्ट्र राज्य का उदाहरण देेते हुए कहा,

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वित्त मंत्री ने कहा कि वो ऐसे कई राज्यों के नाम ले सकती हैं, जहां बड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर बजट भाषण में किसी खास राज्य का नाम नहीं लिया गया है, तो क्या इसका मतलब ये है कि भारत सरकार की योजनाओं का फायदा सभी राज्यों को नहीं मिलेगा?

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जानबूझकर ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि बजट में दो राज्यों के अलावा अन्य किसी राज्य को कुछ नहीं दिया गया, जबकि ये गलत है. 

वित्त मंत्री जवाब दे ही रही थीं कि विपक्षी दलों के सदस्य सदन में लौट आए. इनमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सदस्य भी थे. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने बजट में पश्चिम बंगाल को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. इस पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू नहीं कर रही है. थोड़ी देर के लिए इस मुद्दे पर सदन में हंगामा भी हुआ.

सभापति जगदीप धनखड़ ने सदस्यों से कहा कि बजट पर चर्चा के लिए 20 घंटे का समय आवंटित किया गया और इस दौरान सभी सदस्य विस्तार से अपनी बात रख सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वो चर्चा के समय को और बढ़ा देंगे और सभी को बोलने का मौका देने की कोशिश करेंगे.

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