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हिंदुओं को 'गाय का यूरिन पीने वाला' कहने पर पाकिस्तान के एक मंत्री की कुर्सी छिन गई

वहां सोशल मीडिया से लेकर सरकार तक, यहां तक कि मंत्री की अपनी पार्टी के लोग भी खूब गुस्सा हुए इस बयान से.

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6 मार्च 2019 (अपडेटेड: 5 मार्च 2019, 04:04 AM IST)
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ये हैं फयाजुल हसन चोहान. पाकिस्तान के पंजाब में मंत्री थे. इनको हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के कारण मिनिस्टर की कुर्सी गंवानी पड़ी.
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कान खोलकर सुन लो गाय का यूरिन पीने वालों...
बस इतना कहने से पाकिस्तान के एक मंत्री की कुर्सी चली गई. उसे इस्तीफा देना पड़ा. ऐसा क्या कहा कि मंत्री की कुर्सी छिन गई? पाकिस्तान के पंजाब में एक मंत्री थे फयाजुल हसन चोहान. ये जनाब पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता हैं. ये फिलवक़्त वहां के PM इमरान खान की अपनी पार्टी है. 24 फरवरी को लाहौर में एक प्रोग्राम था. इसी में फयाजुल ने वो ऊपर वाला बयान दिया. बोले-
... तो कान खोलकर सुन लो गाय का यूरिन पीने वालों. हम मुसलमान हैं. जो चीज हम रखते हैं, वो तुम नहीं रख सकते. बुतों (मूर्तियों) को पूजने वालों. पाकिस्तान ऐटम बम रखता है. ये ऐटम बम पाकिस्तान ने शबे बारात में चलाने के लिए नहीं रखा हुआ है. और न ही हमारी मिसाइलें- गौरी, गजनवी, अब्दाली ये सब मेहंदी की रस्मों में चलाने के लिए नहीं हैं.
Chohan asked to tender resignation over statement against Hindu community #ARYNews #FayyazChohan Posted by Voice Of Karachi on Tuesday, March 5, 2019
दोनों देशों के बीच सुपर टेंशन के माहौल में आया बयान, फिर भी... 'गाय का यूरिन पीने वालों' से उनका मतलब था हिंदू. हिंदू से मतलब था भारत. ये बयान आया पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच पसरे हालिया टेंशन के बीच. फयाजुल ने जिन लोगों के सामने ये बात कही, वो तालियां बजा रहे थे. फयाजुल के इस बयान का वीडियो वायरल हो गया. आपको क्या लगता है, वहां के लोगों ने फयाजुल की इस बात पर कैसे रिऐक्ट किया होगा? पाकिस्तान का जो अतीत है और वहां फिलहाल जैसा नफ़रत का माहौल है दोनों मुल्कों के बीच, उसमें फयाजुल के इस बयान को तो बड़ी वाहवाही मिली होगी! सोशल मीडिया भी फायर हो गया क्यों, यहीं लगता है न आपको? अगर हां, तो गलत लगता है. फयाजुल ने जिस तरह हिंदू समुदाय की बेइज्जती की, उससे बहुत सारे पाकिस्तानी नाराज़ हुए. सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब गुस्सा जताया. कहने लगे, कुर्सी कल्चर मिनिस्टर की और बातें इतनी नफ़रत वाली. लोग फयाजुल का इस्तीफ़ा मांगने लगे. वहां ट्विटर पर #SackFayazChohan ट्रेंड हो गया. बस फयाजुल से नाराज़ नहीं थे लोग. जिन्होंने फयाजुल को सपोर्ट किया, उनको भी खरी-खोटी सुनाई गई. ये कुछ ट्वीट हम यहां लगा रहे हैं. ट्विटर पर खोजेंगे, तो आपको ढेर सारे ऐसे ट्वीट्स मिल जाएंगे. ...और फयाज़ को इस्तीफा देना पड़ा इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि आखिरकार उनकी ही सरकार ने उनसे मंत्री की कुर्सी छीन ली. हटा दिया पोस्ट से. PTI ने एक ट्वीट करके लिखा-
पंजाब में PTI सरकार ने फयाज चोहान को इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर की कुर्सी से हटा दिया है. उन्होंने हिंदू समुदाय के बारे में अपमानजनक बातें कही थीं. किसी के धर्म के बारे में उल्टा-सीधा बोलना स्वीकार नहीं किया जा सकता. पाकिस्तान जिस नींव पर खड़ा है, उसमें सबसे ऊपर और सबसे मजबूत है सहिष्णुता.
PTI के नेताओं, सरकार के लोगों, पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार उसमान बुज़दार, सबने फयाजुल की फज़ीहत ही की. PM इमरान खान के राजनैतिक मामलों में विशेष सलाहकार हैं नयीमुल हक़. फयाजुल को हटाए जाने की खबर आती, इससे पहले उनका ट्वीट आया. लिखा था-
पंजाब के सूचना मंत्री फयाज चोहान ने हिंदू समुदाय के बारे में जो अपमानजनक बयान दिया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. सरकार के एक वरिष्ठ सदस्य या फिर किसी भी और शख्स की इस तरह की मूर्खताओं को PTI सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी. पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करने के बाद फयाज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हैं डॉक्टर मुहम्मद फैज़ल. उन्होंने ट्वीट करके लिखा-
पाकिस्तान के झंडे में सफेद और हरा, दोनों रंग हैं. मुल्क को इन दोनों पर गर्व है. हम हिंदू समुदाय के योगदान की कद्र करते हैं. वो हमारे अपने हैं और हम उनका सम्मान करते हैं.
फयाज के खिलाफ इतना माहौल बना कि उन्हें खुद भी माफी मांगनी पड़ी. उन्होंने सफाई देते हुए कहा-
मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वहां की सेना और मीडिया के बारे में बोल रहा था. न कि हिंदू समुदाय के बारे में. अगर मेरे बयान से पाकिस्तान के हिंदुओं को तकलीफ हुई है, तो मैं माफी मांगता हूं. मेरा बयान किसी भी तरह से पाकिस्तान के हिंदू समुदाय के खिलाफ नहीं था.
फयाज का रिपोर्टकार्ड ही खराब है फयाजुल का पहले का रेकॉर्ड भी कुछ अच्छा नहीं रहा है. पाकिस्तान का सबसे बड़ा अखबार है डॉन. उस पर 1 सितंबर, 2018 की तारीख का एक एडिटोरियल (संपादकीय) मिला हमें. इसकी हेडिंग थी- एंटी कल्चर मिनिस्टर. इसमें फयाज पर ही लिखा गया था. लिखा था कि कल्चर मिनिस्टर खुद एंटी-कल्चर है. उस समय फयाज ने फिल्म स्टार्स के बारे में बकवास की थी. क्यों न सांप्रदायिक ज़हर उगलने वाले हमारे नेताओं का भी यही हश्र हो? पाकिस्तान इस्लामिक मुल्क है. ऊपर से माहौल भी गर्म था. जैसे हमारे यहां हमेशा ऐंटी-पाकिस्तान माहौल रहता है, वैसे वहां भी भारत के बारे में ज़हर उगलने वालों को तालियां मिलती हैं. इसके बावजूद फयाजुल की सांप्रदायिक टिप्पणी को सपोर्ट नहीं किया गया. इसमें यकीनन न केवल सरकार की, बल्कि वहां के लोगों की भी वाहवाही है. हमारे यहां भी फयाजुल जैसे बेलगाम और सांप्रदायिक सोच वाले कई नेता हैं. वो भी किसी समुदाय के बारे में अनर्गल बोल जाते हैं कई बार. भारत धर्मनिरपेक्ष देश है. तो क्या हमारे यहां भी ऐसे नेताओं का यही हश्र नहीं होना चाहिए? क्या उनके ऊपर भी सख्त ऐक्शन नहीं लिया जाना चाहिए? अल्पसंख्यकों के मामले में पाकिस्तान का रेकॉर्ड यकीनन काफी खराब है. फिर चाहे वो हिंदू हों, शिया हों या अहमदिया या ईसाई या कोई और समुदाय. पाकिस्तान को अपने माइनॉरिटी ग्रुप्स के लिए काफी कुछ करना होगा. मगर फिलहाल तो उसने जो किया है, वो काबिल-ए-तारीफ़ है.
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