सरकार और किसानों के बीच साढ़े सात घंटे तक चली बैठक में क्या नतीजा निकला, जान लीजिए
कृषि मंत्री ने बताया, सरकार किन-किन बातों पर राजी हो गई है
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किसान नेताओं और सरकार के बीच दूसरे दौर की बैठक में क्या बातचीत हुई, कृषि मंत्री ने बताया. (दाएं) किसान नेता हरजिंदर सिंह टांडा ने कहा कि हमें उम्मीद है, कोई हल निकलेगा. (फोटो-ANI)
कृषि कानूनों के विरोध का झंडा बुलंद किए किसानों को मनाने की सरकार की दूसरी कोशिश भी अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंच सकी. सरकार के मंत्रियों और किसानों के प्रतिनिधियों के आज यानी 3 दिसंबर को करीब साढ़े सात घंटे तक मीटिंग चली, दिल्ली के विज्ञान भवन में. लेकिन किसानों को संतुष्ट करने में सरकार कामयाब नहीं हो सकी. अब 5 दिसंबर को फिर से दोनों पक्ष बातचीत की टेबल पर बैठेंगे.
मीटिंग खत्म होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बातचीत का ब्यौरा दिया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
किसानों की चिंताओं के बारे में बताते हुए कृषि मंत्री ने कहा,
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,
उन्होंने आगे कहा.
MSP के मुद्दे पर मंत्री ने कहा,
आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कृषि मंत्री ने कहा,
मीटिंग खत्म होने के बाद किसान नेताओं ने भी अपनी बात कही. भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने MSP पर संकेत दिए हैं. ऐसा लगता है कि MSP को लेकर उनका रुख ठीक रहेगा. बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन मुद्दा कानून के रोलबैक का है. केवल एक नहीं, कई मुद्दों पर चर्चा होगी. किसान चाहते हैं कि कानून वापस लिया जाए, लेकिन सरकार MSP और एक्ट में बदलाव पर बात करना चाहती है.
आज़ाद किसान संघर्ष समिति के हरजिंदर सिंह टांडा ने कहा कि वार्ता में थोड़ी बहुत प्रगति हुई है. हाफ टाइम में ऐसा लग रहा था कि इस मीटिंग का कोई नतीजा नहीं निकलेगा. दूसरे हाफ में लगा कि किसान आंदोलन का दबाव है. वार्ता अनुकूल माहौल में हुई. हम उम्मीद है. अगली बैठक में हम सरकार पर दबाव बनाएंगे. उन्हें कहना होगा कि वे कानूनों को वापस लेंगे. हालांकि ये मेरी राय है.

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