किसान आंदोलनकारी की पुलिस की गोली से मौत के आरोप की सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बता दी है
नवरीत सिंह हाल में ऑस्ट्रेलिया से लौटा था, घरवालों को बिना बताए ट्रैक्टर रैली में आया था.
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ITO के पास 26 जनवरी को तेज रफ्तार ट्रैक्टर की बैरिकेड से टक्कर में नवरीत सिंह की मौत हो गई थी. फोटो-आजतक
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26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाली. इस दौरान कई जगहों पर हिंसा हुई, उपद्रव हुआ और लाल किले पर खालसा पंथ का झंडा फहरा दिया गया. इस हिंसा, उपद्रव और अराजकता के कारण कई पुलिसवाले चोटिल हुए. 24 साल के एक शख्स की जान भी चली गई. कुछ किसानों ने शुरू में आरोप लगाया था कि उसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है, लेकिन सीसीटीवी वीडियो से साफ हो गया कि उस शख्स की मौत तेज रफ्तार ट्रैक्टर के बैरिकेड से टकराकर पलटने के कारण हुई. गोली लगने की बात अब उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी खारिज हो गई है.

लालकिले में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घुस गए थे. फोटो-आजतक
रामपुर का रहने वाला था नवरीत सिंह ट्रैक्टर रैली में शामिल जिस शख्स की मौत हुई, उसका नाम था नवरीत सिंह. वह यूपी में रामपुर जिले के डिब्बा गांव का रहने वाला था. नवरीत स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था. वहीं पर दो साल पहले नवरीत की शादी हुई थी. वह कुछ वक्त से पत्नी के साथ ऑस्ट्रेलिया में ही रह रहा था. उसकी पत्नी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही थी. दोनों को भारत आना था, लेकिन किसी कारण से पत्नी नहीं आ सकी. नवरीत को भी अब वापस पत्नी के पास जाना था, लेकिन वह IELTS की परीक्षा पास नहीं कर पाया, और उसे गांव में ही रुकना पड़ा. बता दें, IELTS इंग्लिश लैंग्वेज का एक टेस्ट होता है, ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए भी इसे जरूरी माना जाता है.
नवरीत कुछ दिन पहले ही किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुआ था. तभी से लगातार कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में बना हुआ था, जो किसान आंदोलन से जुड़े थे. दिल्ली में ट्रैक्टर रैली का बुलावा आया तो नवरीत भी वहां पहुंच गया. घरवालों को ट्रैक्टर रैली में शामिल होने की बात नहीं बताई. उनसे कहा कि वो अपने रिश्तेदार के यहां जा रहा है. दिल्ली पहुंचकर रैली में हुआ शामिल 26 जनवरी को नवरीत दिल्ली प्रदर्शन में शामिल हुआ. ट्रैक्टर, दिल्ली में तीन सीमाओं से घुसे. टिकरी, सिंघु और गाजीपुर. इनके लिए रूट तय थे, लेकिन ना केवल तय वक्त से पहले ही ये रैली शुरू हो गई बल्कि इन्होंने तय रूट का भी पालन नहीं किया. बताया जाता है कि किसान नेताओं के नहीं दिखने से आंदोलन में शामिल किसान अपने मन की करने लगे. लाल किले की तरफ जाने की कोशिश करने लगे.
ऐसे में इनका सामना हुआ पुलिस से, जो ITO पर तैनात थी. यहां बैरिकेड्स लगे थे. काफी संख्या में पुलिस के जवान भी मौजूद थे. ऐसे में ट्रैक्टर के जरिए किसान बैरीकेड्स तोड़ने लगे. नवरीत भी एक ट्रैक्टर पर सवार था. उसने तेज रफ्तार ट्रैक्टर को बैरिकेड से भिड़ा दिया. टक्कर लगते ही ट्रैक्टर पलट गया. इस हादसे में नवरीत की मौत हो गई. ये पूरा वाकया CCTV में रिकॉर्ड हो गया.
https://twitter.com/aajtak/status/1354047370032340994 परिवार ने पुलिस पर लगाए हत्या के आरोप नवरीत के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके सिर में पुलिस ने गोली मारी. उसके दादा हरदीप सिंह ने कहा कि पुलिस अपने को बचाने के लिए झूठ बोल रही है. लेकिन रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह ने कहा कि नवरीत का शव दिल्ली से आया था, जिसका डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया गया. इसके बाद रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी के कारण मौत की बात सामने आई है. उन्होंने दावा किया कि नवरीत को ना तो कोई गोली लगी और ना ही उसको कोई गोली छूकर निकली. वहीं दिल्ली पुलिस के ACP/PRO अनिल मित्तल ने कहा कि नवरीत का ट्रैक्टर बेहद तेज रफ्तार में था. एक्सीडेंट में उसकी मौत हुई है. पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई.

लालकिले में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घुस गए थे. फोटो-आजतक
रामपुर का रहने वाला था नवरीत सिंह ट्रैक्टर रैली में शामिल जिस शख्स की मौत हुई, उसका नाम था नवरीत सिंह. वह यूपी में रामपुर जिले के डिब्बा गांव का रहने वाला था. नवरीत स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था. वहीं पर दो साल पहले नवरीत की शादी हुई थी. वह कुछ वक्त से पत्नी के साथ ऑस्ट्रेलिया में ही रह रहा था. उसकी पत्नी ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रही थी. दोनों को भारत आना था, लेकिन किसी कारण से पत्नी नहीं आ सकी. नवरीत को भी अब वापस पत्नी के पास जाना था, लेकिन वह IELTS की परीक्षा पास नहीं कर पाया, और उसे गांव में ही रुकना पड़ा. बता दें, IELTS इंग्लिश लैंग्वेज का एक टेस्ट होता है, ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए भी इसे जरूरी माना जाता है.
नवरीत कुछ दिन पहले ही किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुआ था. तभी से लगातार कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में बना हुआ था, जो किसान आंदोलन से जुड़े थे. दिल्ली में ट्रैक्टर रैली का बुलावा आया तो नवरीत भी वहां पहुंच गया. घरवालों को ट्रैक्टर रैली में शामिल होने की बात नहीं बताई. उनसे कहा कि वो अपने रिश्तेदार के यहां जा रहा है. दिल्ली पहुंचकर रैली में हुआ शामिल 26 जनवरी को नवरीत दिल्ली प्रदर्शन में शामिल हुआ. ट्रैक्टर, दिल्ली में तीन सीमाओं से घुसे. टिकरी, सिंघु और गाजीपुर. इनके लिए रूट तय थे, लेकिन ना केवल तय वक्त से पहले ही ये रैली शुरू हो गई बल्कि इन्होंने तय रूट का भी पालन नहीं किया. बताया जाता है कि किसान नेताओं के नहीं दिखने से आंदोलन में शामिल किसान अपने मन की करने लगे. लाल किले की तरफ जाने की कोशिश करने लगे.
ऐसे में इनका सामना हुआ पुलिस से, जो ITO पर तैनात थी. यहां बैरिकेड्स लगे थे. काफी संख्या में पुलिस के जवान भी मौजूद थे. ऐसे में ट्रैक्टर के जरिए किसान बैरीकेड्स तोड़ने लगे. नवरीत भी एक ट्रैक्टर पर सवार था. उसने तेज रफ्तार ट्रैक्टर को बैरिकेड से भिड़ा दिया. टक्कर लगते ही ट्रैक्टर पलट गया. इस हादसे में नवरीत की मौत हो गई. ये पूरा वाकया CCTV में रिकॉर्ड हो गया.
https://twitter.com/aajtak/status/1354047370032340994 परिवार ने पुलिस पर लगाए हत्या के आरोप नवरीत के परिवार ने आरोप लगाया कि उसके सिर में पुलिस ने गोली मारी. उसके दादा हरदीप सिंह ने कहा कि पुलिस अपने को बचाने के लिए झूठ बोल रही है. लेकिन रामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह ने कहा कि नवरीत का शव दिल्ली से आया था, जिसका डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया गया. इसके बाद रामपुर के जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी के कारण मौत की बात सामने आई है. उन्होंने दावा किया कि नवरीत को ना तो कोई गोली लगी और ना ही उसको कोई गोली छूकर निकली. वहीं दिल्ली पुलिस के ACP/PRO अनिल मित्तल ने कहा कि नवरीत का ट्रैक्टर बेहद तेज रफ्तार में था. एक्सीडेंट में उसकी मौत हुई है. पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई.

