आज दिल्ली में किसान क्या कर रहे हैं? और दिल्ली पुलिस की क्या तैयारी है?
राकेश टिकैत अरेस्ट! किसानों की मांग - "देश के सभी किसानों को कर्जमुक्त किया जाए"

आज संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने दिल्ली (New Delhi) के जंतर मंतर (Jantar Mantar) पर किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) बुलाई है. अलग-अलग राज्यों से किसानों का जत्था दिल्ली पहुंच रहा है. खबर है कि ये महापंचायत सोमवार, 22 अगस्त को सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक चलेगी. इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान नेताओं की योजना अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपने की है. हालांकि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इसकी अनुमति नहीं दी है.
जंतर मंतर पर Kisan Mahapanchayatवहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया है कि सरकार किसी भी तरह का व्यवधान डालने की कोशिश करेगी तो इसके लिए वो खुद जिम्मेदार होगी.

इसके चलते दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

सभी आने-जाने वाली गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है. इसके साथ ही कई इलाकों में ट्रैफिक जाम के हालात बन गए हैं.

खबर है कि जंतर मंतर पर पहुंचे किसानों ने दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग हटा दी है.
क्या है किसानों की मांग?संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है -
- लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ित किसान परिवारों को इंसाफ मिले और जेलों में बंद किसानों की रिहाई हो.
- लखीमपुर खीरी कांड को लेकर केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को गिरफ्तार किया जाए.
- स्वामीनाथन आयोग के C2+50% फॉर्मूले के मुताबिक MSP की गारंटी का कानून बनाया जाए.
- देश के सभी किसानों को कर्जमुक्त किया जाए.
- किसानों की ये भी मांग है कि बिजली बिल को लेकर 2022 के नियम रद्द किए जाएं.
- गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए और गन्ने की बकाया राशि का भुगतान तुरंत किया जाए.
- भारत WTO से बाहर आए और सभी मुक्त व्यापार समझौते रद्द किए जाएं.
- किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं.
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के बकाया मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जाए और सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना वापस ली जाए.
हिरासत में किसान नेता राकेश टिकैतदिल्ली पुलिस ने महापंचायत में शामिल होने जा रहे किसान नेता राकेश टिकैत को हिरासत में ले लिया है. राकेश टिकैत को दिल्ली के मधु विहार थाने में रखा गया है.
राकेश टिकैत ने कहा
“हमारा धरना करने का कोई कार्यक्रम नहीं है. हम जब भी धरने पर आएंगे तो बताकर आएंगे. हम एक किताब के विमोचन में दिल्ली आ रहे थे. किसी पत्रकार ने मुझसे मिलने के लिए पूछा था तो मैंने कहा कि जंतर-मंतर पर मिलते हैं, पत्रकार ने समझ लिया कि हम धरना देने जा रहे हैं.”
संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि एक दिवसीय कार्यक्रम पूर्ण तौर पर शांति और अनुशासन के साथ होगा.
देखें वीडियो- पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़ी ये अहम बातें जरूर जाम लें!

