मुबारक हो सरकार, मंटूरी मर गया
साथ ही बैंकों बधाई, जिन्होंने तीन लाख कर्ज के बदले उसकी जमीन जब्त करने की धमकी दी. इन बैंकों का 9 हजार करोड़ दबाए विजय माल्या विदेश में ऐश कर रहा है.
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Source: connectfarmer
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जिस देश में बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपया दबाकर विजय माल्या विदेश में ऐश कर रहा है. और वो लिहो लिहो करने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे. वही बैंक एक गरीब किसान को तीन लाख कर्ज के बदले धमकी देते हैं. कि उसकी कुलजमा दो बीघा जमीन जो है वो कुर्क कर ली जाएगी. इस धमकी के बाद वो पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर लेता है.
बुलंदशहर का पवसरा गांव. वहां रहता था 60 साल का मंटूरी. खेती के अलावा बाल काटने की उसकी छोटी सी दुकान थी. मंटूरी ने आठ साल पहले बैंक से एक लाख 10 हजार कर्ज लिया था. बड़े बेटे के आंख का ऑपरेशन कराने के लिए. दो साल बाद फिर कर्ज लिया. अपनी नातिन की आंखों के ऑपरेशन के लिए. दोनों की आंखें बाद में चली गईं. मंटूरी पर 3 लाख 20 हजार का कर्ज चढ़ गया.
बैंकों की दादागिरी शुरू हो गई. भूमि विकास बैंक के अफसर ने दो दिन पहले उसके घर का दौरा किया. धमकाया कि कर्ज जल्दी से जल्दी भर दो. नहीं तो तुम्हारी पुश्तैनी जमीन पर बैंक का कब्जा हो जाएगा. मंटूरी ने हार मान ली. उसकी लाश 13 तारीख की सुबह गांव के एक पेड़ से झूल रही थी. SDM मंटूरी के घर पहुंचे. पुलिस ने लाश का पोस्टमार्टम कराया. लेकिन उसकी खुदकुशी पर कोई कुछ नहीं बोला.
कुछ दिन पहले बांदा जिले के दलित किसान नत्थू की मौत भूख से हो गई थी. सीएम अखिलेश यादव ने उसकी फैमिली की मदद के लिए पांच लाख रुपए दिए. अब बैंकों की फैलाई लेथन पर वो कोई एक्शन लेते हैं या उस तीन लाख के कर्जदार को पांच दस लाख देकर मामला सुल्टा देते हैं. इसका फैसला तो उनको ही करना है.

