पिता का मर्डर हुआ, बेटे ने UPSC निकालने की ठानी, रैंक देख पूरे गांव में मिठाई बंटी
बजरंग प्रसाद यादव ने 454 वीं रैंक हासिल की

साल 2020 पिता की हत्या कर दी गई. बेटे को लगता है कि पिता की मौत का बदला लेना है. वो अपने मन में प्रण लेता है. प्रण लेता है अधिकारी बनने का. UPSC की सिविल सर्विसेज़ परीक्षा (UPSC Exam Results) पास करने का. और 2023 में वो अपना प्रण पूरा कर लेता है. ये कहानी है उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले के बजरंग प्रसाद यादव की. बजरंग ने UPSC CSE परीक्षा में 454 रैंक हासिल की है.
बजरंग ग्रामीण परिवेश के सामान्य परिवार से आते हैं. उनके पिता राजेश यादव पेशे से किसान थे. 2020 में उनकी हत्या कर दी गई थी. पिता की हत्या के बाद बजरंग कमजोर तो हुए लेकिन खुद को टूटने नहीं दिया. उन्होंने किया जीवन को नई दिशा देने की ठानी.
आजतक से जुड़े संतोष सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक बजरंग की मां अपने गांव की प्रधान हैं. 23 मई को जब UPSC का रिजल्ट आया तो पूरे गांव ने जश्न मनाना शुरू कर दिया. बजरंग प्रसाद यादव 4 भाई है. जिसमे अम्बिका यादव घर का काम देखते हैं. अरविंद यादव ने इंटरमीडिएट की परीक्षा पास है और विकास अभी 9वीं में हैं. इसके अलावा बहन अभी दो माह पूर्व देश की सेवा के लिए आर्मी में मैटेरियल असिस्टेंट के पद पर भर्ती हुई है.
बजरंग प्रसाद यादव की प्राथमिक शिक्षा गांव से ही हुई. दसवीं की परीक्षा लिटिल फ्लावर स्कूल कलवारी व इंटरमीडिएट की परीक्षा उर्मिला एजुकेशनल एकेडमी बस्ती से हुई. साल 2019 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से BSc. मैथ्स किया. और यूपीएससी की तैयारी दिल्ली में कर रहे थे. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की.
फोन पर आजतक से बातचीत करते हुए बजरंग यादव ने बताया कि-
बता दें कि 23 मई को UPSC CSE 2022 का रिजल्ट आया. कुल 933 कैंडिडेट्स को सेलेक्ट किया गया है. इसमें 613 पुरुष कैंडिडेट्स और 320 महिला कैंडिडेट्स शामिल हैं. कुल 345 कैंडिडेट्स जनरल कैटेगरी के हैं. वहीं 99 EWS, 263 OBC, 154 SC, और 72 ST कैटेगरी के हैं. इसके अलावा 178 कैंडिडेट्स को रिजर्व्ड लिस्ट में रखा गया है.
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