पानी चोरी के आरोप में जेल पहुंचा बुंदेलखंड का किसान
सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के महोबा में किसान पर मुकदमा हो गया. पुलिस बता रही है कि वो पानी चुरा कर तालाब में भर रहा है. उसके घर वाले बता रहे हैं कि उससे गांव और पुलिस ने तालाब भरने को कहा था.
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Sorce: Reuters
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बुंदेलखंड में पुलिस ने एक किसान को अरेस्ट किया. और भेज दिया जेल. उसके ऊपर बड़े संगीन जुर्म का इल्जाम था. उसने पानी चुराया था. मुकदमा चालू हो गया है.
महोबा के नयापुरवा इलाके का रहने वाला है हीरालाल यादव. जल बोर्ड के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव भटनागर कहे हैं कि हीरालाल पानी के पाइप के वॉल्व को लूज कर के पानी चुरा रहा था. उसने ढेर सारा पानी एक बड़े से गड्ढे में जमा कर लिया था.
महोबा के एसपी गौरव सिंह ने बताया कि हीरालाल के खिलाफ चोरी और पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धाराओं में केस फाइल किया है. हीरालाल के परिवार वालों ने बताया कि जल बोर्ड वालों ने खुद उन लोगों को बताया था कि सप्लाई लाइन से पानी बह रहा है. ये जानवरों के पीने के काम आ जाएगा. हीरालाल के बेटे अर्जुन ने बताया कि पानी तो बहुत दिनों से बह रहा था. जानवर पीते भी थे.
हैरानी की बात ये कि पुलिस इतनी एक्टिव कब से हो गई. पानी चोरी का आरोप लगाकर मुकदमा भी दर्ज कर लिया और जेल भी भेज दिया. वो भी एक किसान को.
बुंदेलखंड में सूखा पड़ा हुआ है. लोग पानी की बूंद बूंद को तरस रहे हैं. पहले तो लोग टैंकरों का इंतजार करते रहते हैं. जब टैंकर आता है तो उसपर टूट पड़ते हैं. टैंकर के पीछे बाल्टी लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइन लग जाती है. आगे आने के लिए अक्सर लोगों में झगड़ा हो जाता है. गाली-गलौज शुरू हो जाती है. ऐसे में लोगों की मदद करने की बजाए प्रशासन अपना भौकाल जमाएगा तो कैसे चलेगा.
बुंदेलखंड में एक ट्रेन भी आई थी पानी वाली. पहले तो इस पर बमचक हुई कि वहां के ऑफिसर्स ने उसे वापस भेज दिया. फिर हंगामा इस बात पर कि उसमें पानी ही नहीं था. रतलाम से शायद उन डिब्बों में ऑक्सीजन भेजा गया था. जिसमें हाइड्रोजन मिला कर पानी बनाने का काम बुंदेलखंड वालों को करना था. सूखे की मार झेल रहे किसानों के साथ इतने तरह के मजाक हो रहे हैं.

