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पड़ताल: बीजेपी आईटी सेल में रोजगार दिलाने का मैसेज आया हो तो भूलकर क्लिक न करना

इस जाल में फंसे तो ऐसी चपत लगेगी जो भूल नहीं पाओगे.

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4 जून 2018 (अपडेटेड: 4 जून 2018, 01:22 PM IST)
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कई बार फ्रॉड करने वालों से गॉड भी नहीं बचा पाता. एक ऐसा ही फ्राडिया मैसेज सोशल मीडिया पर तैर रहा है. होशियार कदरदान साहिबान. सबसे पहले ये मैसेज देख लो. जो आपको एक लिंक खोलने को कहता है. लिंक है बीजेपी डॉट कॉम. वो अड्रेस हम यहां नहीं दे रहे हैं नहीं तो कोई यहां से भी उधर जाकर फंस जाएगा.
बीजेपी आईटी सेल में जाने का न्योता
बीजेपी आईटी सेल में जाने का न्योता

इस लिंक पर क्लिक करते ही विंडो खुलती है. सबसे ऊपर पीएम मोदी, कमल, विवेकानंद की तस्वीरों से सजा बैनर आता है. उसके नीचे साइट आपसे कुछ चीजों की कुर्बानी मांगती है. नाम, प्रदेश का नाम, कॉन्टैक्ट नंबर और व्हाट्सऐप नंबर. इतना देकर सबमिट पर क्लिक करते ही अगले पेज पर आ जाओ और रेट कार्ड देखो. सबसे ऊपर थैंक्स फॉर अप्लाइंग लिखकर आएगा और नीचे रेट लगा है. मिनिमम 10 शेयर पर दो सौ रुपए रोज और मैक्सिमम सौ शेयर करने पर जिला लेवल के कोआर्डिनेटर का बिल्ला मिलेगा. हजार रुपए रोजाना मिलेंगे. इससे ज्यादा करने पर आपको पर्सनली बुलाकर रोल डिस्कस किया जाएगा और सैलरी डिसाइड की जाएगी.
पहला पन्ना
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दूसरा पन्ना
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धोखा धोखा धोखा...खाया खाया खाया

प्रॉब्लम ये है कि ये लिंक खुद बीजेपी पार्टी की तरफ से आया है या कहीं और से, इसका नहीं पता. हमने बीजेपी आईटी सेल के एक 'ऑन रोल एम्प्लॉई' से बात की तो उसने बताया कि हमारी तरफ से ऐसी कोई भर्ती नहीं निकली है. हमने ये भी पूछा कि कैसे भर्ती करते हो भाईसाब? कोई इंटरव्यू वगैरह या टेस्ट? भाई ने बताया कि आईटी सेल का मतलब सोशल मीडिया पर सक्रिय, फेमस और कंट्रोल करने वाला आदमी. ऐसे लोगों पर नजर रखी जाती है और वक्त पड़ने पर उन्हें अप्रोच किया जाता है. कुछ लोग तो आईटी सेल में न आकर सीधे प्रवक्ता बन जाते हैं. लेकिन आईटी सेल में भर्ती का लगभग हर पार्टी का यही तरीका है. कभी कभी वो ये काम कुछ प्राइवेट कम्पनियों को भी देती हैं लेकिन वैसा बहुत कम होता है.
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फिर हमने अपने एक दोस्त और इस लाइन के एक्सपर्ट लोकेश से बात की. उन्होंने कहा इस वेबसाइट के बारे में कुछ भी दावे से नहीं कहा जा सकता. लेकिन इतना पक्का है कि ये डेटा इकट्ठा करने वाली साइट है. ये किसी पार्टी के लिए भी हो सकती है या किसी कंपनी के लिए भी. आपके नंबर पर जो फेवरेट पार्टी को वोट करने या कोई सर्विस लेने के लिए लगातार फोन कॉल्स आती हैं उनके पीछे आपका यही लालच होता है. अब जाते जाते एक और टॉप सीक्रेट बता देते हैं. इस लिंक पर जाकर आप बिना कोई नाम या नंबर दिए सबमिट कर देंगे तो भी अगला पेज वही खुलकर आएगा जो डेटा देने पर आता है. ऐसे अपना डेटा हर जगह फेंकते चलते हो और कैम्ब्रिज एनालिटिका और फेसबुक पर लाल पीले होते हो तो मुंह पर पानी के छींटे मारो.


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