कहते हैं आंख के बदले आंख दिखाने से नफरत बढ़ती है. लेकिन दुनिया में एक ऐसामहापुरुष हुआ है जिसने आंख के बदले आंख से केवल प्यार बढ़ाया है. प्यार, बेपनाह. औरसाथ में हंसी मुफ्त. जैसे एक किलो आलू पर 2 रुपये का धनिया मिलता है फ्री. आई-टू-आई3 साल पहले रिलीज हुआ था. पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर. और दुनिया भर में यूट्यूबके जरिए पहुंचा. सफ़ेद सूट में बाएं से दाएं हिलता, चमकती नीली आंखों से दिलों कोभेदता ताहिर. ये ताहिर जब हलके से मुस्कुरा देता था, लोग अपना दिल निकाल कर रख देतेथे. आंखों के बारे में तो कई कवियों ने लिखा. गुलज़ार ने तो आंखों की महकती खुशबू सेलेकर पर्सनल सवाल तक करा दिए. लेकिन आज तक आंखों को इतने विशेषण किसी ने नहीं दिए.Sensational Eyes Emotional Eyes Colourful Eyes Exciting Eyes Fabulous EyesSpectrum Eyes Human Eyes ह्यूमन आइज. कितना कमाल है इंसान की आंखों को इंसान कीआंखें कहना. अब आई-टू-आई के बारे में और क्या कहें. ये तो वैसा ही होगा कि बीथोवेनकी सिम्फनी की तारीफ़ करें. हमारी औकात ही क्या है. एक बार और सुन लो गाना.https://www.youtube.com/watch?v=f8uK_mWnbr4 एक बार किसी ने ताहिर शाह से पूछा,"मेरे स्पेक्ट्रम आंखों वाले हीरो, आई-टू-आई के पीछे का इंस्पिरेशन क्या है. ताहिरका जवाब आया, "TRUE LOVE." किसी ने फिर पूछा, "तो आपके अगले गाने का इंस्पिरेशनक्या है?" ताहिर ने ऐसा जवाब दिया जिसे पढ़कर आपकी आंखें भीग उठेंगी. उन्होंने एकशब्द में कहा, "LOVE". अब बात इस बात की, कि पर क्यों निकल आए हैं ताहिर के. क्याउसे क्रॉस-ड्रेसिंग का शौक है? नहीं. क्या उसने लिंग-परिवर्तन करवाया है? नहीं. वोलेकर आ रहा है, अपना नया गाना. जिसका ट्रेलर हम नहीं लगा रहे हैं. क्योंकि उसका कोईट्रेलर नहीं आया है. लेकिन फर्स्ट लुक जरूर आया है. दुनिया भर के बड़े-बड़े गीतकारगीत लिखते हैं. बड़े-बड़े संगीतकार गीत कंपोज करते हैं. और जो उनसे भी बड़े होते हैंजो गीत 'इन्वेंट' करते हैं. ठीक वैसे ही जैसे ग्राहम बेल ने टेलेफोन का आविष्कारकिया था. तो इंतजार करिए 8 अप्रैल का. बस 2-3 दिन हैं और. गाना हम लगाएंगे यहां.इसलिए लल्लनटॉप पढ़ते रहिए अपनी स्पेक्ट्रम आंखों से.