त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- कोरोना वायरस एक प्राणी, उसे भी जीने का हक; लोग बोले- इन्हें नोबेल दीजिए
उत्तराखंड के सीएम रहे त्रिवेंद्र सिंह के बयान पर लोगों ने खूब मजे लिए.

ये अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि ये बीमारी कब तक रहेगी. व्यवस्था बढ़ाना जरूरी है. लेकिन हमने ऑक्सीजन प्लांट भी लगा दिए. बेड की सुविधाएं भी बढ़ा दीं. हमने भवन भी बना दिए. हमारे जो सरकारी भवन हैं, उनमें कोविड केयर सेंटर बना दिए. लेकिन उसके लिए न चारपाई इलाज करने वाली है और ना भवन इलाज करने वाला है और ना ही ऑक्सीजन स्वयं इलाज करने वाली है. उसके लिए जो हाथ चाहिए. जो डॉक्टर चाहिए, वो आपके पास कितनी संख्या में हैं, इस पर भी विचार करना चाहिए. जो तमाम संसाधन इस बीमारी को दुरुस्त करने के लिए चाहिए, वो भी देखने चाहिए कि हमारे पास कितने हैं. मैं ये कह सकता हूं कि संसाधन इस दौरान बहुत बढ़े हैं. जो लोग कहते हैं कि कुछ नहीं हुआ है, उनसे मैं सहमत नहीं हूं. आप आंकड़ा उठाकर देखिए, कितनी संख्या बढ़ी है. लेकिन आवश्यकता बहुत अधिक है.इसी सवाल के जवाब में उन्होंने आगे कहा,
कोई ये पुख्ता तौर पर नहीं कह सकता कि जून में ये स्थिति हो जाएगी, जुलाई में ये स्थिति हो जाएगी. छह महीने बाद ये स्थिति हो जाएगी, या सालभर बाद ये स्थिति हो जाएगी. कोई नहीं कह सकता.त्रिवेंद्र सिंह रावत का जो बयान वायरल हो रहा है, उसमें वो कह रहे हैं,
जब मैं अपना इलाज कराकर दिल्ली से लौट रहा था तो मैंने उस दिन एक बड़ी दार्शनिक बात कही थी. मैंने मीडिया से कहा था कि देखो ये एक दार्शनिक पथ है कि वो वायरस भी एक प्राणी है. हम भी एक प्राणी हैं. हम अपने को ज्यादा बुद्धिमान समझते हैं. हम समझते हैं कि हम ही सबसे ज्यादा बुद्धिमान हैं, लेकिन वह प्राणी भी जीना चाहता है. उसको भी जीने का अधिकार है. हम उसके पीछे लगे हुए हैं. वह बचने के लिए रूप बदल रहा है. बहुरूपिया हो गया है. ठीक है ना.पूर्व सीएम ने आगे कहा,
आज उसके लिए हमने वैक्सीन बना दी. उसने कहा ठीक है. उसने अपनी ताकत बढ़ा दी. उसकी भी स्प्रेड करने की ताकत बढ़ी है. इसलिए हमको इस वायरस से दूरी बनाकर चलनी पड़ेगी. तू भी चलता रहे, हम भी चल रहे हैं, लेकिन हमारी चाल तेज होनी चाहिए. हम तेजी से आगे बढ़ें, ताकि वायरस पीछे छूट जाए. ये दार्शनिक की तरफ से कह रहा हूं मैं. तो हमको उस ओर भी सोचने की जरूरत है, क्योंकि वो भी जीवन है. वो भी जीने के लिए तमाम तरह के रूप बदल रहा है. अपनी ताकत बढ़ा रहा है. तो हमको अपनी ताकत भी बढ़ानी है. उससे तेज चलना है ताकि वो पीछे छूट जाए, और हम आगे बढ़ जाएं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या-क्या कहा? त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान के बाद लोगों ने प्रतिक्रियाओं से सोशल मीडिया पाट दिया. कुछ ट्वीट्स देखिए-"Seen from a philosophical angle, #coronavirus is also a living organism. It has the right to live like the rest of us. But we (humans) think ourselves to be the most intelligent": Former Uttarakhand chief minister Trivendra Singh pic.twitter.com/yqiD5aJL9k
— tweet (@PublicVoice18) May 14, 2021
उत्तराखंड से फिर दिव्य ज्ञान आया है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हैं :
“ कोरोना वायरस भी एक प्राणी है। हम भी एक प्राणी हैं।वो ( कोरोना) भी जीना चाहता है। उसे ( कोरोना को ) भी जीने का अधिकार है। हम उसके पीछे लगे हुए हैं। वो बहुरूपिया हो गया है।” pic.twitter.com/PCNWTvQkk8 — Vinod Kapri (@vinodkapri) May 13, 2021
"कोरोना एक प्राणी है...उसे भी जीने का अधिकार है"
बस इसी की कमी थी। ये टैलेंट त्रिवेंद्र सिंह रावत में पहले से था या भाजपा जॉइन करने के बाद आया?pic.twitter.com/KKGkS3oJdI — Ruchira Chaturvedi (@RuchiraC) May 13, 2021
उत्तराखंड के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत बोले- कोरोना एक प्राणी है..
फिर तो इसे नागरिकता और दे दो विदेश जो आया है।😜 — Mohd Mustaqeem Mewati (@MustaqeemMewati) May 13, 2021
पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत का दिव्य ज्ञान:
कोरोना वायरस भी एक प्राणी है। हम भी एक प्राणी हैं। कोरोना जीना चाहता है। उसे भी जीने का अधिकार है। हम उसके पीछे लगे हुए हैं। वो बहुरूपिया हो गया है। बताओ ! ऐसे ज्ञानी को बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाया था। pic.twitter.com/EkIclSnJqi — MP Congress (@INCMP) May 14, 2021
कोरोना वायरस भी हमारी तरह एक प्राणी है. वो भी जीना चाहता है. उसे भी जीने का अधिकार है. हम उसके पीछे लगे हुए हैं इसलिए वो बहुरूपिया हो गया है. ~उत्तराखंड के पूर्व मूर्खमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
बताइये, ऐसे लोग CM बन कर आप पर राज करते है। भगवान बचाये इस देश को। pic.twitter.com/cY8axmPwkV — MLA Naresh Balyan (@AAPNareshBalyan) May 13, 2021
"कोरोना एक प्राणी है" पूर्व CM एवं BJP नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना
फिर तो इसका आधार कार्ड/राशन कार्ड भी होगा... ? pic.twitter.com/ulKX58LvZo — Mansingh Meena (@Ms_Marmat) May 13, 2021
सुनने में आ रहा है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत जी अब कोरोना पालने वाले हैं...आखिर कोरोना भी जीव है. है की नहीं? #Corona #COVID19 #COVIDIOTS
— Banarasi Nietzsche (@Einqalaab) May 13, 2021
"कोरोना भी जीना चाहता है l" कोरोना पर इतनी दरियादिली ठीक नही है पूर्व मुख्यमंत्री जी l
— Goldi Singh (@goldisingh_07) May 14, 2021
त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर विपक्षी दल कांग्रेस ने भी निशाना साधा. उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि राज्य के सीएम रहे रावत का ये बयान मूर्खता और बकवास के अलावा कुछ नहीं है. उन्होंने अपना आपा खो दिया है. उनके पास कोई दूरदृष्टि नहीं है. इसी के कारण उनकी पार्टी में ऐसी गति हुई है. वहीं बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह ने जवाब में कहा कि कांग्रेस सिर्फ गंदे खेल खेल रही है. इस महामारी में भी सब कुछ नकारात्मक देख रही है.विशेष खोज के लिए जीव विज्ञान में नोबल पुरस्कार उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी को दिया जाएगा। इनकी नई खोज कोरोना वाइरस एक प्राणी है जो बहरूपिया है।#COVIDSecondWaveInIndiapic.twitter.com/5UiksJ2gJ9
— Kuldeep Gothwal (@kgothwal15) May 13, 2021