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वोट पड़े 819, तो EVM ने 864 कैसे दिखाए?

चुनाव अधिकारी ने बताया कि ये कैसे हुआ और क्यों इसमें घबराने की कोई बात नहीं है...

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5 दिसंबर 2018 (अपडेटेड: 4 दिसंबर 2018, 04:39 AM IST)
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चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि वोटों की गिनती में आया ये अंतर पोलिंग ऑफिसर की लापरवाही का नतीजा है. उसने EVM से मॉक वोटिंग का डेटा डिलीट नहीं किया होगा. वोटिंग होने से पहले राजनैतिक पार्टियों से EVM की टेस्टिंग करवाई जाती है. ताकि वो निश्चिंत हो जाएं कि EVM ठीक काम कर रहा है. इसमें झूठ-मूठ की वोटिंग होती है. इसी को मॉक वोटिंग कहते हैं (फोटो: रॉयटर्स)
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हिंदुस्तान में चुनाव, वाह-वाह. ऐसे-ऐसे किस्से आते हैं इलेक्शन फील्ड से कि क्या ही कहें. जैसे ये मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से आई खबर. यहां जैतपुर विधानसभा क्षेत्र है एक. वहां एक जगह है, बुधार. हाल ही में हुए मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान यहां एक पोलिंग बूथ पर EVM मशीन ने कमाल कर दिया. जितने वोट डाले गए थे, उससे ज्यादा वोट गिन लिए इसने. चुनाव आयोग के अधिकारी क्या कह रहे हैं? बूथ नंबर 124 पर लगे EVM मशीन ने वोट दिखाए 864. जबकि यहां तैनात पोलिंग अफसर ने अपने पोथे में बस 819 वोटों की एंट्री की थी. अब दोनों में से गड़बड़ किसने की? ये खबर की है टाइम्स ऑफ इंडिया ने. उसने जैतपुर के रिटर्निंग अफसर जी सी देहारिया से बात की. उन्होंने बताया-
पोलिंग अफसर ने जितने वोट रजिस्टर किए, उसमें और EVM के दर्ज किए गए आंकड़े में 45 वोटों का फर्क है. हमने 30 नवंबर को ही अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग के पास भेज दी थी. वोटों की गिनती में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. ऐसा लगता है कि असली मतदान शुरू होने से पहले बूथ के प्रिसाइडिंग ऑफिसर EVM में से मॉक डेटा डिलीट करना भूल गए थे. हमारे पास VVPAT पर्चियां हैं. गिनती के समय इनसे भी मदद मिलेगी.
घबराने की बात नहीं, छोटी सी गड़बड़ है टाइम्स ऑफ इंडिया ने जिला चुनाव अधिकारी अनुभव श्रीवास्तव से भी बात की. उन्होंने बताया-
वोटों की गिनती में कोई दिक्कत नहीं होगी. पोलिंग बूथ पर जो वोटिंग होती है, उनकी गिनती की जाती है. इसीलिए दोबारा मतदान करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. असली वोटिंग से पहले हम पॉलिटिकल पॉर्टियों को EVM की टेस्टिंग करवाते हैं. ये दिखाने के लिए EVM सही काम कर रहा है कि नहीं. इस दौरान कुछ मॉक (झूठ-मूठ में) वोट डाले जाते हैं. इस डेटा को बड़ी आसानी से असली मतदान के आंकड़ों के साथ मैच किया जा सकता है. ऑर्ब्जवर ने इस मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग के पास भेज दी है. हम पोलिंग ऑफिसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे. मगर वो हमारी आंतरिक प्रक्रिया है.

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