भोपाल एनकाउंटर में मारे गए 3 को तो कोर्ट ने पिछले साल ही छोड़ दिया था!
कोर्ट ने सबूतों को माना ही नहीं था.
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Bhopal Encounter
भोपाल एनकाउंटर पर इन दिनों पॉलिटिक्स के सभी ट्रिक्स हो रहे हैं. अखबार और टीवी, नेताओं के बयानों से पटे पड़े हैं. कई लोग इस एनकाउंटर को जस्टिफाई कर रहे हैं, तो कई लोग का कहना है कि एनकाउंटर फर्जी था. रोज नए खुलासे हो रहे हैं इस एनकाउंटर को लेकर. आज एक मीडिया रिपोर्ट ने एक और खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल के पुलिस एनकाउंटर में मारे गए तीन सिमी मेंबर्स के खिलाफ मिले एविडेंस को लगभग एक साल पहले खांडवा कोर्ट ने अविश्वसनीय बताया था. कुल आठ सिमी के मेंबर्स का एनकाउंटर हुआ था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने पिछले साल गैरकानूनी एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट(UAPA) के तहत अकील खिलजी को बरी कर दिया गया था. वहीं अमजद रमजान खान और मोहम्मद सालिक को कोर्ट ने प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया था. कोर्ट ने पुलिस पर इस बात को लेकर सवाल उठाया था कि जरूरी एविडेंसेज को फोरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं भेजा गया.
भोपाल एनकाउंटर के वीडियो को देखिए
https://youtu.be/2k3lDGrHu10
ठीक इसी तरह के केस में कोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों को ‘अंडर सेक्शंस ऑफ एक्सप्लॉसिव्स एक्ट’ के तहत दोषी करार दिया था. ये आरोपी थे बबलू, अल्ताफ और रकीब. और ये तीनों ही आरोपी खांडवा के रहने वाले थे. पुलिस के मुताबिक खिलजी भी उन आठ सिमी मेंबर्स में से एक है जो भोपाल सेंट्रल जेल के एक हेड कांस्टेबल का गला रेत कर भाग गए थे. इन आठों सिमी मेंबर्स को बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था. इन आठ में से चार सिमी मेंबर्स का अंतिम संस्कार खिलजी के घर पर किया गया था.
ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है
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