The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • European Union Talks About Peace After Pahalgam Attack S Jaishankar On Europe Problem

यूक्रेन से रूस को करारा जवाब देने को कहा, और भारत से ऐसी अपील, EU की ये बात सुन भड़के लोग

Pahalgam Attack के बाद, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर यूरोपीय संघ (EU) ने जो कुछ बोला है, उसे सुनकर लोग यूरोपीय संघ की आलोचना कर रहे हैं.

Advertisement
S Jaishankar and Kaja Kallas
EU के बयान की आलोचना हो रही है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/सोशल मीडिया)
pic
रवि सुमन
3 मई 2025 (पब्लिश्ड: 05:30 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव (India Pakistan Tension) को लेकर यूरोपीय संघ (EU) का बयान आया है. उनका कहना है कि दोनों देशों को संयम बरतना चाहिए. EU के इस बयान के लिए उसकी आलोचना की जा रही है. एक्सपर्ट्स और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे यूरोपीय संघ का 'डबल स्टैंडर्ड' बताया है. 

ऐसा इसलिए, क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के मामले में यूरोप ने शांति की बात नहीं की थी, बल्कि तब युद्ध को डिफेंड किया था और यूक्रेन से रूस को करारा जवाब देने को कहा था. लेकिन अब भारत-पाकिस्तान के मामले में शांति की बात कर रहे हैं. इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक पुराना बयान भी वायरल है. इसमें वो बता रहे हैं कि आखिर यूरोप की दिक्कत क्या है. 

2 मई को यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा,

Embed
Embed

European Union का ‘डबल स्टैंडर्ड’

काजा ने आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान की आलोचना भी नहीं की. इसके बाद लोगों ने उनके कुछ पुराने पोस्ट खोज निकाले. जिसे उन्होंने रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के संदर्भ में लिखा था. उन्होंने कहा था कि अपनी रक्षा करने का मतलब ये नहीं कि किसी को उकसाया जाए. उन्होंने ये भी कहा था कि हमला करने वालों को रोकना जरूरी है.

EU Pakistan
काजा कल्लास का पुराना पोस्ट.

ऐसे ही एक पोस्ट में उन्होंने 15 नवंबर, 2022 को लिखा था,

Embed

EU Pakistan
"हमलावरों को रोकना जरूरी है."
विदेश मंत्री ने क्या कहा था?

EU के ‘दोहरे मानदंड’ के लिए कुछ लोगों ने एस जयशंकर के पुराने बयान का भी हवाला दिया. साल 2022 में यूरोप भारत को मना रहा था, ताकि वो रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए. उसी साल जयशंकर ने स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में हुए एक सम्मेलन में कहा, 

Embed

ये भी पढ़ें: "पहलगाम हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए" US विदेश मंत्री से बात कर जयशंकर के तेवर और तीखे हो गए

ये बयान तब आया था, जब यूरोप भारत को ये मैसेज दे रहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध पर तटस्थ (न्यूट्रल) रहना गलत कदम हो सकता है. EU ये कह रहा था कि जब चीन और भारत के बीच रिश्ते बिगड़ेंगे तो इस तटस्थता के कारण उसे ग्लोबल सपोर्ट नहीं मिल पाएगा.

वीडियो: कश्मीर पर जयशंकर का ये बयान वायरल

Advertisement

Advertisement

()