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मेरा दिल एक सेकंड में चार बार धड़क रहा था : जेम्स टेलर

जेम्स टेलर. अचानक से क्रिकेट छोड़ दिया. मालूम चला कि उन्हें एक हार्ट प्रॉब्लम है. डॉक्टर्स ने मना किया है. उन्होंने बताया अपनी बीमारी के बारे में.

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5 मई 2016 (अपडेटेड: 5 मई 2016, 10:11 AM IST)
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फोटो - thelallantop
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जेम्स टेलर. 26 साल का क्रिकेटर. इंग्लैण्ड की ओर से 27 वन डे और 7 टेस्ट मैच खेले. एक दिन अचानक क्रिकेट की दुनिया को अलविदा कह दिया. फ़ोटो ट्वीट की, हॉस्पिटल के बिस्तर पे पड़े हुए. शरीर डॉक्टरी मशीनों के तारों में उलझा हुआ था. मालूम चला कि कोई दिल की बहुत गहरी बीमारी है जो जितनी खतरनाक है उतनी ही दुर्लभ भी.
जेम्स टेलर नॉटिंघमशायर से सीज़न की शुरुआत करने के पहले ही अलग हो गए. और क्रिकेट से अलग हो गए. टेलर जब अस्पताल पहुंचे तो खासी सीरियस प्रॉब्लम में थे. बाद में उन्हें मालूम चला कि उन्हें Arrhythmogenic Right Ventricular Arrhythmia नाम की जटिल बीमारी है. इस बीमारी में दिल के राइट साइड के हिस्से की चौड़ाई कुछ कम हो जाती है जिससे दिल की खून को पम्प करने की क्षमता काफ़ी हद तक घट जाती है. ऐसे में शरीर को बड़ी मात्र में नुकसान पहुंचता है. जिस हालत में जेम्स हॉस्पिटल पहुंचे थे, डॉक्टर का कहना था कि उनका ज़िन्दा होना एक चमत्कार था. जेम्स टेलर ने बताया कि उनके दिल की धड़कनें एक मिनट में 265 बीट्स तक पहुंच गयी थीं. डॉक्टरों के मुताबिक़ उनका दिल पांच घंटों में इतना काम कर चुका था जितना किसी आम इंसान का दिल 6 मैराथन रेस कम्प्लीट करने पर करता है.



Who needs über when you've got one of these bad boys #Taxi #WhenLifeGivesYouLemons
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जेम्स ने स्काई स्पोर्ट्स को दिए अपने इंटरव्यू में बताया "जब मैं बीमार पड़ गया तो हॉस्पिटल गया. नर्स ने मुझे देखा और तुरंत ही कुछ दवाइयां दीं. और जल्दी से मुझे वहां लेकर गयीं जहां सीरियस पेशेंट्स को लेकर जाया जाता है. मेरा दिल एक मिनट में 265 बार धड़क रहा था. यानी एक सेकण्ड में 4 बार. वार्ड का पर्दा खुला और सारे डॉक्टर मेरी और दौड़े. तब उझे लगा कि ये बहुत ही ज़्यादा सीरियस है."
आगे जेम्स ने याद करते हुए बताया, "डॉक्टर मेरे पास आये और पूछा, क्या तुम सचमुच यहां अपने आप चल के आये हो? फिर उन्होंने मेरी गर्लफ्रेंड से भी यही सवाल किया, क्या ये यहां सच में चल के आया है?"
जेम्स ने बताया, "अगर कोई इस हालत में पहुंचता है तो वो मिनटों में ज़मीन पर गिर जाता है. मुझे लगा था कि मैं 10.30 बजे तक मर जाऊंगा. जब अस्पताल पहुंचा था तब 5 बज रहे थे. डॉक्टर्स ने कहा कि ये एक चमत्कार था कि मैं खड़ा था और अगर मैं इतना फिट नहीं होता तो कुछ भी हो सकता था."
उनके अस्पताल जाने के दिन जेम्स टेलर वार्म-अप के दौरान कुछ बीमार से लग रहे थे. और वो नाटिंघमशायर के ड्रेसिंग रूम में वापस आ गए. उन्होंने बताया, "उस दिन 4 डिग्री टेम्परेचर था. और मुझे कुछ गड़बड़ लग रही थी. मेरे माथे से पसीना गिर रहा था जिससे मैं और पूरा फर्श गीला हो चुका था. फिर मेरी छाती कसनी शुरू हो गयी. मेरा गला भी कसने लगा और मुझसे सांस नहीं ली जा रही थी. उस वक़्त मुझे पहली बार ऐसा लगा जैसे मैं मर जाऊंगा. मैंने अपना सर टॉयलेट में डाल दिया जो बिलकुल भी अच्छा नहीं था. मेरे टीम के फिज़ियो ने मुझे आकर उठाया."

Best night since I've been in here! Always surround yourself with great people ☺️ #WhenLifeGivesYouLemons

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"मेरा शरीर काम करना बंद कर रहा था. लेकिन मुझे सब कुछ याद है. मुझे हर वक़्त लग रहा था कि मैं मरने वाला हूं. मैंने हर किसी से इस बात को छुपाने की कोशिश की. अपने टीम-मेट्स से भी. उन्हें बस ऐसा लगा कि मैं बीमार हूं. " इसके बाद वहां से निकल कर जेम्स नाटिंघम आये. लेकिन उनका सारा सामान वहीँ फेनर्स में छूट गया था जहां वो वार्म-अप कर रहे थे. "मैं अपने घर की सीढ़ियों पर घुटनों के बल चल रहा था और अपनी मां का इंतज़ार करने लगा. वो मुझे पिक-अप करने आने वाली थीं. मैं पाने सोफ़ा पर लेटा. पूरा सोफ़ा मेरे दिल की धड़कनों से हिल रहा था. मेरा घर 24 डिग्री गरम था लेकिन मेरे हाथ बर्फ जितने ठन्डे थे. मुझे इतनी शर्म आ रही थी कि मैं हॉस्पिटल भी नहीं जाना चाह रहा था. मेरी गर्लफ्रेंड ने तुरंत डॉक्टर को फ़ोन किया. हालांकि मैं उसे मन कर रहा था क्यूंकि डेढ़ घंटे में मैं खुद उनसे मिलने ही जाने वाला था."



My life is pretty Rock'n'roll at the minute #StayStrong
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जोसी, जेम्स की गर्लफ्रेंड का डॉक्टर्स को फ़ोन करना काफी सही डिसीज़न साबित हुआ. इससे डॉक्टर्स को भरपूर टाइम मिल सका जिसमें वो जेम्स को नॉर्मल स्थिति में ला सके. इसके बाद उन्हें 16 दिन अस्पताल में रखा गया.
जेम्स ने इन्स्ताग्राम पे एक फ़ोटो पोस्ट की जिमें उनके शुभचिंतकों ने उन्हें चिट्ठियां लिखी हैं.




Well that has been one hell of an experience! What a beautiful day #WhenLifeGivesYouLemons
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