कर्मचारी भविष्य निधि समझते हैं? बस उसी से पैसा निकालने के नियम कर्रे कर रही थीसरकार. लेकिन कर्मचारियों ने ऐसा बवाल किया कि सरकार दो कदम पीछे हो ली. दस फरवरीको एक नोटिफिकेशन आया था, फेसबुक पर नहीं, सरकार का नोटिफिकेशन था. जिसमें सरकार नेदो महीने से ज्यादा बेरोजगार फिरने पर अंशधारकों को भविष्य निधि से 100% पैसानिकालने पर प्रतिबंध लगा दिया था. हिंदी ज्यादा हो गई हो तो माफ़ कीजिएगा.https://youtu.be/rcC5hevIC2E इस पर प्रोटेस्ट हुआ. बंगलुरु के हेब्बगोदी पुलिसस्टेशन पर पत्थर फेंके गए गाड़ियों में आग लगा दी गई और वहां खड़े वाहनों में आग लगादी. मंगलवार को केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाईऔर कहा कि नोटिफिकेशन कैंसल. जो जैसा था वैसा रहेगा. पुरानी व्यवस्था बनी रहेगी. येभी कहा कि मैं ईपीफएओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड से इसकी पुष्टि कराऊंगा. वजह पूछीगई तो बताए. ट्रेड यूनियनों की राय से ही तो नियम कड़े किए थे, अब वही कह रहे हैं तोहम फैसला बदल लेते हैं. अब सरकार थोड़ा 'न तेरा न मेरा' मोड में आ गई है. ईपीएफओ केपास जमा पूरे पैसे को मकान खरीदने, गंभीर बीमारी, शादी और बच्चों की पेशेवर एजुकेशनजैसे कामों के निकालने की परमीशन देने के बारे में सोच रही है. मामला फिलहाल कानूनमंत्रालय के पास भेज दिया गया है.