मैक्रों की पत्नी पर ट्रंप की भद्दी टिप्पणी, फ्रांस के राष्ट्रपति ने सुना डाला
मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम लिए बिना कहा कि उनकी बातें न तो शालीन होती हैं और न ही उनका कोई स्तर होता है. इसके अलावा फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी मिलिट्री डिप्लॉयमेंट और एक्शन के खिलाफ विरोध भी जताया.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी पर जवाब दिया है जिसमें उनके शादीशुदा जीवन पर तंज कसा गया था. मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम लिए बिना कहा कि उनकी बातें न तो शालीन होती हैं और न ही उनका कोई स्तर होता है. इसके अलावा फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी मिलिट्री डिप्लॉयमेंट और एक्शन के खिलाफ विरोध भी जताया.
इमैनुअल मैक्रों इस समय साउथ कोरिया के दौरे पर हैं. 2 अप्रैल को राजधानी सियोल में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की. द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान एक पत्रकार ने ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणी पर सवाल किया. इसके जवाब में मैक्रों ने ट्रंप की कड़ी निंदा की. मैक्रों ने कहा,
“उनकी टिप्पणी किसी जवाब के लायक नहीं हैं. इसलिए मैं उनका कोई जवाब नहीं देना चाहता.”
दरअसल, डॉनल्ड ट्रंप बुधवार, 2 अप्रैल की दोपहर व्हाइट हाउस में एक प्रोग्राम में शामिल हुए लोगों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान ट्रंप ने वेस्ट एशिया में ईरान के साथ चल रही जंग पर चर्चा की. ट्रंप ने North Atlantic Treaty Organization (NATO) में शामिल देशों की फिर जमकर आलोचना की. उन्होंने मैक्रों के साथ फोन पर हुई अपनी एक बातचीत का जिक्र कर कहा,
“फिर मैंने मैक्रों को फोन किया, जिनकी पत्नी ब्रिगिट उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव करती हैं. वह अभी भी दाएं जबड़े से उबर रहे हैं.”
यहां ‘जबड़े से उबरने’ का इशारा पिछले साल की एक घटना की तरफ है. साल 2025 में इमैनुअल मैक्रों वियतनाम दौरे पर गए थे. उनके साथ पत्नी ब्रिगिट भी थीं. लैंडिंग के बाद प्लेन से उतरते वक्त कैमरे पर कुछ दिलचस्प कैद हुआ. ब्रिगिट राष्ट्रपति मैक्रों को धक्का देती दिखीं. कुछ लोगों ने दावा किया कि ब्रिगिट ने मैक्रों को थप्पड़ मारा था, तो कुछ ने कहा मुक्का मारा था. और कुछ मानते हैं कि ये पति-पत्नी की केमिस्ट्री थी जो अक्सर इस तरह हल्की-फुल्की धक्कामुक्की की तरह भी सामने आती है. यानी ये ब्रिगिट का मैक्रों को मारना एक रोमांटिक जेस्चर भी हो सकता है.
लेकिन डॉनल्ड ट्रंप ने इस घटना को इस तरह बताया जैसे ब्रिगिट अपने पति और फ्रांस के राष्ट्रपति को दबाव में रखती हैं. इसी पर मैक्रों की तीखी प्रतिक्रिया आई है.
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दरअसल, ईरान जंग में NATO देशों ने अमेरिका का साथ नहीं दिया. फ्रांस भी इनमें शामिल है. इसी को लेकर ट्रंप बार-बार अपनी खुन्नस निकालते रहते हैं. वे NATO को “कायर” तक कह चुके हैं. 1 अप्रैल को ट्रंप ने कहा कि वो अमेरिका को NATO से बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.
वीडियो: ईरान जंग खत्म कराने के लिए चीन-पाकिस्तान के साथ क्या प्लान बना रहा?

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