'पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत में बिजनेसमैन क्यों था?' एलन मस्क कॉल पर जुड़े, तो भड़की कांग्रेस
PM Narendra Modi और राष्ट्रपति Donald Trump के बीच कॉल पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट को लेकर की गई थी. अभी कुछ साफ नहीं है कि क्या Elon Musk इस बातचीत में शामिल थे और उन्होंने इस चर्चा में क्या कहा था.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के बीच बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोन पर बात हुई थी. अमेरिकी अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) में दावा किया गया कि इस फोन कॉल में टेक दिग्गज और ‘एक्स’ के मालिक एलन मस्क भी शामिल थे. इस पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस बुरी तरह भड़क गई है. कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल किया कि दो नेताओं की बातचीत में एक बिजनेसमैन क्यों था.
NYT ने अपनी रिपोर्ट में पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत में मस्क के भी शामिल होने का दावा किया है. मस्क एक बड़े अमेरिकी बिजनेसमैन, लेकिन आम नागरिक हैं. ट्रंप सरकार में उनके पास कोई सरकारी ओहदा नहीं है. लेकिन फिर भी दोनों नेताओं की चर्चा में उनके शामिल होने के दावे से प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
जब दुनिया के दो बड़े नेता बात करते हैं, तो उनके बीच बहुत सेंसिटिव बातचीत होती है. खासकर ऐसे समय में जब इतना बड़ा युद्ध चल रहा है, और भारत-अमेरिका जैसे बड़े देशों के टॉप लीडर एक-दूसरे से बात कर रहे हैं. दोनों की बातचीत में एलन मस्क का शामिल होना गले से नहीं उतरता. NYT ने अपनी रिपोर्ट में लिखा,
"एलन मस्क मंगलवार (24 मार्च) को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक फोन कॉल में शामिल हुए. युद्ध के समय किसी संकट के दौरान, दो राष्ट्राध्यक्षों के बीच होने वाली बातचीत में किसी आम नागरिक का इस तरह शामिल होना एक असामान्य बात है."
कांग्रेस ने इस दावे पर मोदी सरकार से सफाई मांगी है. पार्टी ने X पर लिखा,
"जब दो राष्ट्रीय नेता एक ग्लोबल संकट पर चर्चा कर रहे थे, तब एक बिजनेसमैन वहां क्यों मौजूद था?
इस बातचीत में एलन मस्क ने क्या भूमिका निभाई?
क्या यह सचमुच पश्चिम एशिया संकट के बारे में था, या इसके पीछे कोई और 'बिजनेस' एजेंडा था?
मोदी सरकार ने मस्क की मौजूदगी के बारे में खुलासा क्यों नहीं किया?
हमें इस बारे में अपनी सरकार के बजाय किसी दूसरे देश से जानकारी क्यों मिल रही है?
युद्ध के दौरान ट्रंप ने अलग-अलग देशों के नेताओं से बात की थी, लेकिन उन कॉल्स में कोई भी बिजनेसमैन शामिल नहीं था. ऐसा सिर्फ पीएम मोदी के साथ ही क्यों हुआ?
वाइट हाउस ने इन बातचीत को सार्थक बताया. लेकिन (ये बातचीत) किसके लिए सार्थक थी?"
कांग्रेस ने आगे लिखा,
"ये सीधे-सादे सवाल हैं. देश साफ जवाबों का हकदार है.
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत थी. एक ऐसा मौका, जिसमें कूटनीतिक गंभीरता की जरूरत थी, ना कि किसी बिजनेसमैन की मौजूदगी की."
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कॉल पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट को लेकर की गई थी. अभी कुछ साफ नहीं है कि क्या Elon Musk इस बातचीत में शामिल थे और उन्होंने इस चर्चा में क्या कहा था. द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया कि एलन मस्क की मौजूदगी इस बात का संकेत हो सकती है कि पिछले साल मनमुटाव के बाद राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ उनके रिश्ते बेहतर हुए हैं. मस्क भारत में भी अपने कारोबार को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस जैसे वेंचर के लिए भारत की रेगुलेटरी अप्रूवल अभी भी पेंडिंग हैं.
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प्रोटोकॉल पर सवालNYT ने कहा कि ऐसा बहुत कम होता है कि देश के प्रमुखों के बीच होने वाली कॉल में आम लोगों को शामिल किया जाए, क्योंकि वहां अक्सर देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होती है. न तो वाइट हाउस और न ही भारतीय अधिकारियों ने कॉल की ऑफिशियल जानकारी में मस्क के शामिल होने का जिक्र किया. वाइट हाउस ने इस मामले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है, जबकि मस्क ने भी पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया.
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