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इलेक्टोरल बॉन्ड पर नए आंकड़े आए, सैंटियागो मार्टिन की फ्यूचर गेमिंग के बारे में क्या पता चला?

चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर नए आंकड़े शेयर किए हैं. BJP को करीब 7 हजार करोड़ का चंदा मिला है.

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17 मार्च 2024 (अपडेटेड: 17 मार्च 2024, 09:55 PM IST)
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चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर नए आंकड़े शेयर किए हैं.(फाइल फोटो- आजतक)
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चुनाव आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर 17 मार्च को नए आंकड़े जारी किए हैं. ये आंकड़े सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को दिए गए थे. इलेक्शन कमीशन ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी कि नए आंकड़े भी जारी कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया 

राजनीतिक दलों से प्राप्त डेटा सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में जमा कर दिया गया. 15 मार्च, 2024 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने सीलबंद कवर में एक पेन ड्राइव में डिजिटल रिकॉर्ड के साथ फिजिकल कॉपी भी वापस कर दी हैं. निर्वाचन आयोग ने चुनावी बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से डिजिटल रूप में प्राप्त डेटा को आज अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है.

नया क्या पता चला?

- BJP ने कुल 6986.5 करोड़ के चुनावी बॉन्ड कैश करवाए. पार्टी को 2019-20 में सबसे ज्यादा 2,555 करोड़ रुपए मिले.ठी

- नए आंकड़ों से पता चलता है कि डीएमके को फ्यूचर गेमिंग से 509 करोड़ रुपये मिले, जो कंपनी के कुल दान का लगभग 37 प्रतिशत है.

- एच डी देवेगौड़ा की पार्टी जेडी (एस) को 89.75 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जिसमें चुनावी बॉन्ड की दूसरी सबसे बड़ी खरीदार मेघा इंजीनियरिंग से 50 करोड़ रुपये भी शामिल हैं.

- TMC को 1,397 करोड़ रुपए मिले, जो BJP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. जिसे अधिक चंदा मिला है.

- कांग्रेस इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए चंदा पाने वाली तीसरी बड़ी पार्टी है. कांग्रेस ने कुल 1334 करोड़ रुपए कैश करवाए.

- BRS इलेक्टोरल बॉन्ड से 1322 करोड़ के बॉन्ड कैश करवाए.

- ओडिशा की सत्तारूढ़ पार्टी BJD ने 944.5 करोड़ रुपए कैश करवाए.

- DMK को 656.5 करोड़ रुपए मिले. जिसमें सैंटियागो मार्टिन की अगुवाई वाली फ्यूचर गेमिंग से प्राप्त 509 करोड़ रुपये शामिल हैं.

- सपा को 14.05 करोड़ मिले.

- अकाली दल को 7.26 करोड़ मिले.

- AIADMK को 6.05 करोड़ मिले.

- नेशनल कॉन्फ्रेंस को 50 लाख रुपए मिले हैं.

ये भी पढ़ें- इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़े इन सवालों के जवाब आपके सारे कंफ्यूजन दूर कर देंगे!

इलेक्टोरल बॉन्ड

इससे पहले गुरुवार को निर्वाचन आयोग ने इलेक्टोरल बॉन्ड से संबंधित ब्योरा अपनी वेबसाइट पर डाला था. सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को अपने ऐतिहासिक फैसले में चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया था. चुनावी बॉन्ड योजना 2 जनवरी 2018 को शुरू की गई थी. इस बॉन्ड की पहली बिक्री मार्च 2018 में हुई थी.

वीडियो: CJI की फटकार के बाद आई लिस्ट में इलेक्टोरल बॉन्ड का सच पता चल गया!

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